गोंडा: गोंडा जिले से एक ऐसी खबर आई है, जो दोस्ती, सोशल मीडिया और लापरवाही के कई सवालों को एक साथ उठाती है। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में सरयू नदी में डूबे 17 साल के एक लड़के का शव बरामद हुआ है। नाम है निशांत तिवारी। बुधवार को अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था, रील बना रहा था और फिर गहरे पानी में चला गया। सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि जब वो डूब रहा था, तो उसके साथ के दोस्त उसे बचाने की बजाय मौके से भाग खड़े हुए। जनाब, 19 घंटे की लंबी तलाश के बाद जब गुरुवार की सुबह निशांत का शव नदी से निकाला गया, तो देखने वालों का कलेजा मुंह को आ गया। नदी के भीतर रहने वाले जानवरों ने उसके चेहरे के कुछ हिस्से को खा लिया था। ये सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि आज की पीढ़ी में मोबाइल और सोशल मीडिया के बेकाबू होते जुनून और दोस्ती के बदलते मायने पर एक गहरी चोट है।
कहानी शुरू होती है बुधवार की शाम करीब चार बजे। निशांत तिवारी अपने चार दोस्तों, अभय दुबे, उत्तम, अमर पांडे और शुभम जायसवाल के साथ करनैलगंज के सरयू कटरा घाट पर नहाने पहुंचा था।
ये पांचों युवा थे और आज के दौर में युवाओं के साथ एक चीज जो हमेशा चिपकी रहती है, वो है मोबाइल फोन। और जब बात मोबाइल की हो, तो रील्स और वीडियो बनाने का चलन तो जैसे फैशन बन चुका है।
नदी में नहाने का मज़ा और उस मजे को कैमरे में कैद करने का जुनून, शायद इसी ने इस दुखद घटना की नींव रख दी। सब कुछ सामान्य था, हंसी-मजाक चल रहा था, पानी में उछलकूद हो रही थी।
लेकिन किसे पता था कि चंद घंटों में ये खुशी एक भयावह त्रासदी में बदल जाएगी।
जब 'रील' की सनक ने ली जान और दोस्तों ने मोड़ा मुंह
शाम के तकरीबन पांच बजे का वक्त था। नदी में नहाते हुए निशांत मोबाइल फोन से रील बनाने लगा।
अब ये कैसे हुआ, क्या एंगल ले रहा था, या क्या शॉट लेने की कोशिश थी, ये तो खैर जांच का विषय है, लेकिन इसी रील बनाने की कोशिश में निशांत धीरे-धीरे गहरे पानी की तरफ चला गया। सरयू नदी का पानी कहीं उथला तो कहीं एकदम से गहरा हो जाता है, ऐसे में अनजान जगहों पर सावधानी बहुत ज़रूरी है।
निशांत शायद इसी गहरे पानी के जाल में फंस गया। वो संभल पाता, उससे पहले ही पानी के तेज बहाव और गहराई ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया और वो डूबने लगा।
अब कहानी में एक सबसे बुरा मोड़ आता है। निशांत को डूबता देख उसके साथ नहा रहे दोस्त, अभय दुबे, उत्तम, अमर पांडे और शुभम जायसवाल, उसे बचाने के बजाय, उलटे पांव मौके से भाग खड़े हुए।
जी हां, आपने ठीक सुना, भाग गए! वो अपने एक साथी को डूबता हुआ छोड़कर चले गए। ये कैसी दोस्ती थी, जहां एक दोस्त की जान पर बन आई थी और बाकी के चारों उसे बचाने के लिए एक कदम भी आगे नहीं बढ़े? क्या डर इतना बड़ा था कि इंसानियत भी भूल गए? ये सवाल अब पुलिस के रडार पर हैं और इन दोस्तों को इनका जवाब देना होगा।
तलाश और तड़प के 19 घंटे: जब बरामद हुआ शव, तो मंजर था खौफनाक
दोस्तों के भाग जाने के बाद जब स्थानीय लोगों ने नदी किनारे कुछ हलचल देखी और कुछ देर बाद वहां कोई युवक नहीं दिखा, तो उन्होंने फौरन करनैलगंज कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत ही निशांत की तलाश शुरू कर दी गई।
बुधवार देर रात तक गोताखोर और पुलिस के जवान निशांत को खोजने में लगे रहे, लेकिन अंधेरा और नदी का विशालकाय स्वरूप उन्हें कामयाब नहीं होने दे रहा था।
उम्मीद की आखिरी किरण के तौर पर बुधवार देर रात करीब 8 बजे एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) की टीम को भी बुलाया गया। एसडीआरएफ के प्रशिक्षित जवान अपने विशेष उपकरणों के साथ सरयू कटरा घाट पर पहुंचे और रात भर लगातार खोजबीन जारी रखी।
करीब 19 घंटे की कड़ी मशक्कत और लगातार तलाशी अभियान के बाद, आखिरकार गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे निशांत तिवारी का शव नदी से बाहर निकाला जा सका। लेकिन इस बरामदगी का मंजर इतना भयानक था कि जिसने भी देखा, उसके रोंगटे खड़े हो गए।
निशांत के शव के चेहरे के कुछ हिस्सों को नदी में मौजूद जानवरों ने खा लिया था। यह दृश्य दिल दहला देने वाला था और परिवार के दर्द को कई गुना बढ़ा देने वाला था।
अमृतसर से भागा आया पिता, पुलिस की हर पहलू पर नज़र
निशांत के पिता अंजनी तिवारी अमृतसर में मजदूरी का काम करते हैं। जैसे ही उन्हें अपने इकलौते बेटे के डूबने की मनहूस खबर मिली, वे सब कुछ छोड़कर तुरंत गोंडा के लिए चल पड़े।
जब तक वे पहुंचे, तब तक निशांत का शव निकाला जा चुका था। बेटे के शव की वो हालत देखकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पूरे घर में मातम पसरा हुआ है। एक तरफ बेटे की असमय मौत का दुख, ऊपर से शव की ऐसी हालत, जिसने परिवार की तकलीफ को और बढ़ा दिया है।
करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि निशांत तिवारी का शव बरामद कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरी घटना के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
सबसे अहम सवाल उन दोस्तों को लेकर है, जो निशांत को डूबता हुआ छोड़कर भाग गए थे। कोतवाल ने बताया कि निशांत के साथ नहाने गए उसके चारों दोस्तों – अभय दुबे, उत्तम, अमर पांडे और शुभम जायसवाल से भी कड़ी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में उन चारों ने अपने दोस्त को अकेले मौत के मुंह में धकेल दिया। क्या उन्हें लगा कि वे फंस जाएंगे? क्या कोई और वजह थी? पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हर एंगल से जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके और निशांत के परिवार को न्याय मिल सके।

