कैमूर: बिहार के कैमूर जिले में जिंदगी की भागदौड़ में लगा एक शख्स पल भर में मौत के आगोश में समा गया। रोजमर्रा की तरह अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे 30 साल के राजेश राम को क्या पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतज़ार कर रही थी। एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें ऐसी टक्कर मारी कि सारे सपने, सारी उम्मीदें सड़क पर बिखर गईं। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने रेफर भी कर दिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही राजेश ने दम तोड़ दिया, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब पुलिस उस अज्ञात 'काल' बने वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी है, जिसने एक हंसती-खेलती जिंदगी को हमेशा के लिए छीन लिया।
ये दिल दहला देने वाली घटना कैमूर जिले के भभुआ में हुई है। मृतक की पहचान रामगढ़ थाना क्षेत्र के उपरी गांव निवासी 30 वर्षीय राजेश राम के रूप में हुई है, जो रामधगी राम के बेटे थे।
राजेश का परिवार अब सदमे में है और इस अचानक आई विपदा से उबर नहीं पा रहा है। उनके भाई रामप्रवेश राम ने इस पूरे वाकये को बयां किया, जिसे सुनकर किसी का भी दिल पसीज जाए।
रामप्रवेश राम ने बताया कि राजेश राम भभुआ में एकता चौक से पटेल चौक की ओर जा रहे थे। उनका इरादा था कि पटेल चौक से कोई दूसरा वाहन पकड़कर मुंडेश्वरी धाम जाएं।
सब कुछ सामान्य लग रहा था, एक साधारण दिन की तरह, लेकिन नियति ने कुछ और ही लिख रखा था। एकता चौक और पटेल चौक के बीच रास्ते में ही एक तेज रफ्तार वाहन ने राजेश को बुरी तरह टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि राजेश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। चारों ओर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
स्थानीय लोगों की मदद और सदर अस्पताल का सफर
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने इंसानियत का परिचय दिया। उन्होंने बिना देर किए गंभीर रूप से घायल राजेश को उठाया और आनन-फानन में भभुआ सदर अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने तुरंत राजेश का प्राथमिक उपचार शुरू किया। उम्मीद थी कि शायद उनकी जान बच जाए, लेकिन राजेश की चोटें अंदरूनी और काफी गहरी थीं।
डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बाद भी उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। कुछ देर के उपचार के बाद डॉक्टरों ने बताया कि राजेश को बेहतर इलाज के लिए किसी उच्च संस्थान में रेफर करना होगा, क्योंकि सदर अस्पताल में उनकी स्थिति को संभालना मुश्किल हो रहा था।
डॉक्टरों के इस फैसले के बाद परिवार और भी परेशान हो गया। एक तरफ बेटे की जान बचाने की जद्दोजहद, दूसरी तरफ रेफर करने की बात।
परिवार ने तुरंत एम्बुलेंस का इंतजाम किया और राजेश को उच्च संस्थान ले जाने की तैयारी करने लगे। हर किसी की जुबान पर बस एक ही प्रार्थना थी कि राजेश किसी तरह बच जाएं, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
रास्ते में टूटा दम, परिवार का दर्द
एम्बुलेंस में राजेश को लेकर परिजन उच्च संस्थान की ओर निकले। हर किलोमीटर के साथ उम्मीद और डर का सिलसिला जारी था।
परिवार के सदस्य राजेश को बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे थे, लेकिन शायद नियति ने पहले ही उनकी जिंदगी की डोर काट दी थी। रास्ते में ही, अस्पताल पहुंचने से पहले ही राजेश ने दम तोड़ दिया।
उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई और सारी उम्मीदें एक झटके में टूट गईं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
जिस एम्बुलेंस में वे उम्मीद लेकर निकले थे, उसी में शव लेकर वापस लौटना पड़ा।
राजेश की मौत के बाद परिजन उनके शव को लेकर वापस भभुआ सदर अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस को इस दर्दनाक घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने राजेश के शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, ताकि वे अंतिम संस्कार कर सकें। परिवार ने भारी मन से राजेश को अंतिम विदाई दी।
पुलिस की जांच और अज्ञात वाहन की तलाश
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस अज्ञात वाहन और उसके चालक को ढूंढना है, जिसने राजेश की जान ले ली। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में जुट गई है।
पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि उस वाहन की पहचान की जा सके और आरोपी तक पहुंचा जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे सभी संभावित सुरागों पर काम कर रहे हैं। टोल प्लाजा के रिकॉर्ड्स, आसपास के ढाबों और दुकानों पर लगे कैमरों की फुटेज की भी जांच की जा रही है।
यह मामला एक हिट एंड रन का है, जहां अपराधी टक्कर मारकर फरार हो गया। ऐसे मामलों में अपराधी को पकड़ना अक्सर मुश्किल होता है, लेकिन पुलिस ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
राजेश के परिवार को अब बस यही उम्मीद है कि उन्हें इंसाफ मिले और उनके बेटे की मौत का जिम्मेदार कानून के शिकंजे में आए। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही अपराधी को पकड़ लिया जाएगा।

