किशनगंज: बिहार के किशनगंज में ड्रग्स का कारोबार करने वालों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने ड्रग तस्करों के पूरे सिंडिकेट की नींद उड़ा दी है। सोचिए, डेढ़ किलो हेरोइन! जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है, वो पुलिस ने जब्त कर ली है। इसी के साथ तीन अंतरराज्यीय तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। ये पूरा खेल रामपुर चेक पोस्ट पर बिछाई गई पुलिस की जाल में फंसा, जब एक बस से उतरकर आए दो लोग अपने तीसरे साथी से मिलने वाले थे और पुलिस को देखते ही भागने लगे।
ये महज कुछ ड्रग्स की बरामदगी नहीं है, बल्कि उस बड़े नेक्सेस पर चोट है जो पश्चिम बंगाल के मालदा से बिहार के किशनगंज तक अपनी जड़ें फैला चुका है। पुलिस का कहना है कि ये तस्कर एक संगठित गिरोह बनाकर हेरोइन की खरीद-बिक्री करते थे।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे रैकेट के 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज' खंगालने में जुटी है, ताकि इसकी जड़ों तक पहुंचा जा सके।
गुप्त सूचना और पुलिस की रणनीति
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत हुई एक गुप्त सूचना से। किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को खबर मिली कि ड्रग तस्करों का एक बड़ा गिरोह मालदा से किशनगंज की तरफ भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर आ रहा है।
ये सूचना मामूली नहीं थी, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये की हेरोइन के शामिल होने की बात थी। एसपी संतोष कुमार ने इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया।
एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1, खुसरू सिराज के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम में सिर्फ किशनगंज थाना के अधिकारी ही नहीं थे, बल्कि जिला आसूचना इकाई और एनडीपीएस यूनिट के काबिल जवान और अधिकारी भी शामिल थे।
मकसद साफ था, तस्करों को रंगे हाथों पकड़ना और ड्रग्स की इस बड़ी खेप को जब्त करना।
रामपुर चेक पोस्ट पर बिछा जाल
पुलिस टीम ने अपनी रणनीति के तहत किशनगंज के रामपुर चेक पोस्ट पर घेराबंदी शुरू कर दी। यह एक ऐसी जगह थी जहां से अक्सर बंगाल से बिहार की ओर आने वाले वाहनों की आवाजाही रहती है।
पुलिस सादे कपड़ों में और पूरी मुस्तैदी के साथ हर आने-जाने वाले पर नजर रख रही थी। इंतजार लंबा नहीं करना पड़ा।
कुछ देर बाद, मालदा की तरफ से आ रही एक बस चेक पोस्ट पर रुकी। बस से दो शख्स उतरे और सीधे उस तीसरे व्यक्ति की तरफ बढ़े जो पहले से ही चेक पोस्ट पर इंतजार कर रहा था।
पुलिस की तेज नजरें इन तीनों पर पहले से ही जमी हुई थीं। जैसे ही तीनों एक साथ आए, उन्हें अपनी तरफ बढ़ती पुलिस टीम को देखकर कुछ शक हुआ।
इसके बाद तो उन्होंने भागना शुरू कर दिया।
भागने की कोशिश और धरपकड़
पुलिस टीम ने भी बिना वक्त गंवाए इन तीनों का पीछा करना शुरू कर दिया। चेक पोस्ट के आसपास पुलिस ने पहले से ही अपनी पोजीशन ले रखी थी, जिसकी वजह से तस्करों के भागने के रास्ते सीमित थे।
कुछ ही देर की मशक्कत के बाद, पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों को धर दबोचा। पकड़े जाने के बाद, पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में इन तीनों के सामान की तलाशी ली।
इस दौरान उनके बैग से 1.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई।
ये कोई मामूली मात्रा नहीं थी, बल्कि करोड़ों रुपये की ड्रग्स थी, जो अगर बाजार में पहुंच जाती तो न जाने कितने युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर देती।
कौन हैं ये तस्कर?
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान तुरंत कर ली गई। इनमें पहला नाम फिरोज अंसारी (उम्र 22 साल) का है।
दूसरा आरोपी अमजद अंसारी, जिसे इस्मता और गामा के नाम से भी जाना जाता है (उम्र 28 साल)। और तीसरा आरोपी रहीस अंसारी, जो सागर साह के नाम से भी पहचान रखता है (उम्र 23 साल)।
तीनों ही किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र के लोहागारा इस्तमा टोला, वार्ड नंबर-05 के रहने वाले हैं। इनके पास से हेरोइन के अलावा 4 मोबाइल फोन और 9950 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं।
मालदा से बहादुरगंज तक फैला सिंडिकेट
पुलिस की पूछताछ में इन तस्करों ने कई अहम राज खोले हैं। उन्होंने कबूल किया है कि वे एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल के मालदा और किशनगंज के कई अन्य तस्कर भी शामिल हैं।
यह खेप भी मालदा से लाई गई थी और इसे बहादुरगंज तक पहुंचाया जाना था।
इन खुलासों के बाद, किशनगंज पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक जाने के लिए कमर कस चुकी है। पुलिस का कहना है कि वे इस रैकेट से जुड़े मालदा और किशनगंज के अन्य तस्करों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं।
इस संबंध में किशनगंज थाना में कांड संख्या-694/26, धारा 111 BNS और 8(C)/18(C)/21(C)/29/31 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले में 'बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज' यानी कहां से ड्रग्स आई और किसे दी जानी थी, इन सभी कड़ियों की गहनता से जांच कर रही है।
उम्मीद है कि जल्द ही इस बड़े ड्रग सिंडिकेट के और भी सदस्य पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

