किशनगंज: बिहार के किशनगंज जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां शादी के पवित्र रिश्ते को दहेज के लालच ने तार-तार कर दिया। मामला सदर थाना क्षेत्र के महिनगांव का है, जहां कविता कुमारी नाम की एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कविता का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद ही उससे तीन लाख रुपए नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग की जाने लगी। जब ये मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उसे मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया जाने लगा, जिससे तंग आकर उसे अपना मायका लौटना पड़ा। इस पूरी कहानी में सिर्फ एक लड़की का दर्द नहीं, बल्कि समाज में गहरे जड़ जमा चुके दहेज जैसी कुप्रथा की कड़वी सच्चाई भी सामने आती है।
कविता कुमारी की शादी करीब एक साल पहले मछमारा निवासी एक युवक के साथ पूरे हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शुरुआती दिन हर नई दुल्हन की तरह कविता के लिए भी सपनों जैसे थे।
उसे लगा था कि एक नया जीवन, नया परिवार और ढेर सारा प्यार उसका इंतजार कर रहा है। शादी के शुरुआती महीनों में सब कुछ सामान्य था।
कविता के वैवाहिक जीवन में खुशियों की आहट थी और सब कुछ पटरी पर चलता दिख रहा था। लेकिन, ये शांति एक बड़े तूफान से पहले की थी।
कुछ समय बाद ही उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों का व्यवहार अचानक बदलने लगा।
शादी के बाद सब ठीक था, फिर बदल गया माहौल
कविता ने अपनी शिकायत में बताया है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसका वैवाहिक जीवन बिल्कुल सामान्य चल रहा था। एक नई बहू के रूप में उसे जो सम्मान और प्यार मिलना चाहिए था, वह मिल रहा था।
लेकिन यह खुशहाली ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। धीरे-धीरे ससुराल पक्ष का असली चेहरा सामने आने लगा।
छोटे-मोटे तानों और बातों से शुरू हुआ यह सिलसिला, बाद में एक बड़ी और गंभीर मांग में बदल गया। परिवार के सदस्यों ने पहले इशारों-इशारों में और फिर सीधे तौर पर दहेज की मांग करना शुरू कर दिया।
यह मांग छोटी-मोटी नहीं थी। कविता के मुताबिक, उसके पति सहित परिवार के अन्य सदस्य उससे खुलेआम तीन लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल लाने का दबाव बनाने लगे।
यह सब कविता के लिए एक झटके जैसा था। जिस घर को उसने अपना समझा था, वहां अब पैसों की मांग ने प्यार और रिश्ते की जगह ले ली थी।
जब कविता ने इस मांग को पूरा करने में अपनी असमर्थता जताई, तो उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। दिन-ब-दिन उसकी जिंदगी नर्क बनती जा रही थी।
दहेज की मांग और प्रताड़ना का सिलसिला
कविता ने अपनी प्राथमिकी में विस्तार से बताया है कि कैसे उसे हर रोज ताने मारे जाते थे, उस पर मायके से पैसे लाने का दबाव डाला जाता था। जब वह मना करती, तो उसे खरी-खोटी सुनाई जाती और कई बार मारपीट भी की जाती थी।
यह सिलसिला लगातार चलता रहा। हर गुजरते दिन के साथ उसके मन में ससुराल के प्रति डर बढ़ता गया।
उसे यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसने ऐसी क्या गलती की है जिसकी सजा उसे इस तरह मिल रही है। उसका कहना है कि ससुराल पक्ष के लोग बार-बार दहेज की मांग को लेकर उस पर दबाव बनाते थे और विरोध करने पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था।
उसे उम्मीद थी कि शायद एक दिन सब ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
कविता ने अपनी शिकायत में 25 जून की एक खास घटना का जिक्र किया है। उस दिन भी दहेज की मांग को लेकर उसके साथ जमकर दुर्व्यवहार किया गया।
उसे धमकाया गया कि अगर उसने अपने मायके से पैसे और बाइक नहीं मंगवाई, तो उसकी जिंदगी और मुश्किल बना दी जाएगी। इस दिन की घटना ने कविता को अंदर से तोड़ दिया।
उसे लगा कि अब इस घर में रहना उसके लिए नामुमकिन है। यह सिर्फ एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि लगातार हो रही प्रताड़ना की इंतहा थी।
उसका दम घुट रहा था और उसे लगा कि अब उसे अपने लिए एक मजबूत कदम उठाना ही होगा।
प्रताड़ना से तंग आकर मायके लौटी पीड़िता
लगातार हो रही प्रताड़ना से तंग आकर कविता ने आखिरकार अपने मायके लौटने का फैसला किया। यह फैसला उसके लिए आसान नहीं था, क्योंकि कोई भी बेटी अपना घर छोड़कर वापस मायके नहीं लौटना चाहती।
लेकिन, उसके पास कोई और रास्ता नहीं बचा था। ससुराल में रहना उसके लिए मुश्किल हो गया था।
मायके लौटने के बाद भी कविता ने तुरंत पुलिस का दरवाजा नहीं खटखटाया। पहले उसने अपने परिवार और समाज के बड़े-बुजुर्गों के माध्यम से इस मामले को सुलझाने की कोशिश की।
उसे लगा कि शायद बातचीत से या सामाजिक दबाव से ससुराल पक्ष मान जाएगा और उसे वापस सम्मान के साथ घर ले जाएगा।
हालांकि, उसके सारे प्रयास बेकार चले गए। ससुराल पक्ष ने कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी और अपनी मांगों पर अड़ा रहा।
जब हर तरफ से निराशा ही हाथ लगी, तो कविता ने आखिरकार कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना। उसने किशनगंज सदर थाना में एक लिखित आवेदन दिया और न्याय की गुहार लगाई।
यह एक ऐसा कदम था, जो उसने तब उठाया, जब उसे लगा कि अब उसके पास कोई और विकल्प नहीं बचा है। उसका मकसद सिर्फ अपनी इज्जत और हक को वापस पाना था, और उन लोगों को सबक सिखाना था जिन्होंने दहेज के नाम पर उसे प्रताड़ित किया।
पुलिस ने दर्ज की FIR; जांच हुई शुरू
कविता कुमारी की शिकायत को किशनगंज सदर थाना पुलिस ने गंभीरता से लिया। महिला की शिकायत के आधार पर पति सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के विरुद्ध दहेज प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है। सभी आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है और दोषियों को सामने लाने की कवायद चल रही है।
इस पूरे मामले पर सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया, "पीड़िता के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।
" उन्होंने आगे कहा कि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर रही है। थानाध्यक्ष ने यह भी आश्वासन दिया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यानी अब पुलिस की जांच ही बताएगी कि इस पूरे मामले में कौन कितना दोषी है और कविता कुमारी को कब तक न्याय मिल पाता है।

