किशनगंज: बिहार का किशनगंज जिला. वैसे तो अपनी चाय बागानों और हरियाली के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां की सड़कों और गलियों में एक अलग ही हलचल है. ये हलचल है पुलिस के उस सख्त अभियान की, जिसने अपराधियों की नींद उड़ा दी है. सोचिए, एक हफ्ते में पुलिस ने क्या-क्या कर दिखाया है – 7 करोड़ का ब्राउन शुगर पकड़ा, 59 अपराधियों को दबोचा और सिर्फ जुर्माने से ही 5 लाख से ज़्यादा की वसूली कर डाली. ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि किशनगंज पुलिस की वो ग्राउंड रिपोर्ट है, जो बताती है कि कैसे सिस्टम अपने गियर बदलता है और अपराधियों पर भारी पड़ता है.
बात सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि पिछले एक हफ्ते की है. पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने मोर्चा संभाला और सीधे-सीधे निर्देश दिए कि जिले में नशे, शराब और अपराध का नेटवर्क ध्वस्त करना है.
पुलिस की टीमें चुपचाप नहीं बैठीं, बल्कि दिन-रात एक कर दिया. हर गली, हर नुक्कड़, हर संदिग्ध ठिकाने पर पैनी नज़र रखी गई.
मकसद साफ था – अपराधियों को छिपने की जगह न मिले, और आम जनता सुकून से रह सके. इस पूरे ऑपरेशन का असर इतना जबरदस्त रहा कि कई सालों से जड़ें जमाए बैठे गिरोहों को भी हिलना पड़ गया.
पुलिस का ये अभियान सिर्फ एक-दो मोर्चों पर नहीं था, बल्कि मल्टी-टास्किंग मोड में चल रहा था. वांछित अपराधी हों या अवैध बालू का कारोबार करने वाले, शराब तस्कर हों या मादक पदार्थ बेचने वाले, पशु तस्करी हो या घर में सेंधमारी करने वाले, यहां तक कि मोटरसाइकिल चोरों तक पर पुलिस की नज़र थी.
सड़कों पर वाहन जांच भी बढ़ाई गई, ताकि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले भी बख्शे न जाएं. ये एक ऐसा चक्रव्यूह था, जिससे बच पाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन साबित हो रहा था.
अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में 7 करोड़ का ब्राउन शुगर जब्त
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी कामयाबी रही मादक पदार्थों की भारी-भरकम खेप की बरामदगी. पुलिस ने कुल 3.
857 किलोग्राम स्मैक और ब्राउन शुगर जब्त किया है. आप अंदाज़ा लगाइए, अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में इसकी कीमत करीब 7 करोड़ 70 लाख रुपए आंकी गई है.
ये आंकड़ा बताता है कि ये छोटी-मोटी तस्करी नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी, जिसे किशनगंज पुलिस ने जड़ से उखाड़ फेंकने का काम किया है. ड्रग्स का ये कारोबार न जाने कितने युवाओं की ज़िंदगी तबाह कर देता है, ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में इसकी बरामदगी वाकई एक बड़ी जीत है.
इसके साथ ही, पुलिस ने 13.460 किलोग्राम गांजा भी अपने कब्ज़े में लिया है.
इसकी कीमत भी लगभग 7 लाख रुपए बताई जा रही है. ये सब मिलकर एक बहुत बड़ी चोट है उन लोगों पर जो नशे के काले धंधे से मुनाफा कमाते हैं और समाज को खोखला करते हैं.
पुलिस अधिकारी बताते हैं कि ये सफलता सिर्फ एक दिन के प्रयास का नतीजा नहीं, बल्कि हफ्तों की निगरानी, खुफिया जानकारी और सटीक प्लानिंग का नतीजा है.
59 अपराधी गिरफ्तार, 'उड़ीसा गैंग' पर भी नकेल
अपराधियों की धरपकड़ की बात करें, तो इस अभियान में कुल 59 शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है. इन गिरफ्तारियों में सबसे चौंकाने वाली बात है गृहभेदन (घर में सेंधमारी) के 5 अभियुक्तों और 'उड़ीसा गैंग' के 2 सदस्यों की गिरफ्तारी.
'उड़ीसा गैंग' का जिक्र करना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि ये बताता है कि अपराधियों का नेटवर्क सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं, बल्कि अंतर्राज्यीय भी है. ऐसे में इन पर कार्रवाई करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया.
गिरफ्तार हुए इन अपराधियों में वो लोग भी शामिल हैं जो लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस की लिस्ट में वांटेड थे. उनकी गिरफ्तारी से न सिर्फ पुराने मामलों को सुलझाने में मदद मिलेगी, बल्कि जिले में अपराध पर भी लगाम लगेगी.
पुलिस ने साफ कर दिया है कि अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो कितने भी बड़े नेटवर्क से जुड़े हों.
शराब, वाहन और नकदी की बड़ी बरामदगी
नशे के साथ-साथ शराब माफियाओं पर भी पुलिस का डंडा चला है. अभियान के दौरान पुलिस ने 1933.
38 लीटर विदेशी शराब और 15 लीटर देशी शराब बरामद की है. इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी से पता चलता है कि अवैध शराब का धंधा भी जिले में पैर पसारे हुए था.
इसके अलावा, अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हो रही 2 कार, 1 पिकअप, 3 टेम्पू, 3 बालू लदे ट्रैक्टर और 4 मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं. ये वाहन न सिर्फ अवैध कारोबार में इस्तेमाल होते थे, बल्कि कई बार इन्हें चोरी के माल को ढोने या अपराध को अंजाम देने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता था.
पुलिस ने अपराधियों के पास से 8 मोबाइल फोन और 40,910 रुपये नकद भारतीय मुद्रा भी बरामद की है. ये नकदी अक्सर अवैध लेन-देन या आपराधिक गतिविधियों से कमाई गई होती है.
इन सब चीज़ों की बरामदगी से पुलिस को आगे की जांच में भी काफी मदद मिलेगी और पूरे नेटवर्क को समझने में आसानी होगी.
यातायात नियमों पर सख्ती और लाखों की वसूली
सिर्फ बड़े अपराधों पर ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन से जुड़े यातायात नियमों पर भी पुलिस ने सख्ती दिखाई है. वाहन जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों से 5,07,000 रुपए का शमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया है.
यह दर्शाता है कि पुलिस केवल बड़े अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि व्यवस्था बनाए रखने पर भी पूरा ध्यान दे रही है. अक्सर छोटे-छोटे नियमों का उल्लंघन ही बाद में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनता है, ऐसे में यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है.
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे. उनका साफ संदेश है कि किशनगंज में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में या कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचित करें. पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही एक सुरक्षित और अपराध-मुक्त समाज का निर्माण संभव है.
यह अभियान सिर्फ एक शुरुआत है, और आने वाले दिनों में और भी सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है.

