उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव शहर में इन दिनों एक अजीब सा तनाव फैला हुआ है। मंगलवार का दिन था, जब सुबह-सुबह लोग अपने घरों से निकले, तो दीवारों पर कुछ 'अजीब' सा चिपका देखा। पास जाकर पढ़ा, तो पैरों तले ज़मीन खिसक गई। ये कोई शादी का न्योता नहीं था, न ही किसी चुनावी सभा का पोस्टर। ये थे लोक निर्माण विभाग (PWD) के वो नोटिस, जो पोनी रोड के चौड़ीकरण के नाम पर सीधा लोगों के घरों पर चस्पा किए गए थे। इन नोटिसों के बाद से मानो पूरे इलाके में एक हड़कंप सा मच गया है। सड़क चौड़ी करने की बात तो पहले से चल रही थी, लेकिन जो तरीका अपनाया गया है, उससे यहां के भवन मालिक बुरी तरह नाराज़ हैं। उनका सीधा आरोप है कि सरकार पहले तय की गई चौड़ाई से ज़्यादा ज़मीन लेने की तैयारी में है।
सोचिए, आप सालों से एक घर में रह रहे हैं, अपनी पूरी जिंदगी की जमापूंजी लगाकर आपने वो आशियाना बनाया है। और एक दिन अचानक एक सरकारी नोटिस आकर कह देता है कि भैया, आपका घर तोड़ने की तैयारी है, क्योंकि सड़क चौड़ी करनी है।
यही हालत है उन्नाव के पोनी रोड के किनारे बसे करीब सौ परिवारों की। इनकी रातों की नींद उड़ गई है।
अब इनका दिन दफ़्तरों के चक्कर काटने और भविष्य की चिंता में बीत रहा है। ये मामला सिर्फ सड़क चौड़ीकरण का नहीं, बल्कि लोगों के घरों और उनके जीवन पर सीधे असर का है।
चौड़ीकरण की कहानी: कब और कैसे हुई शुरुआत
ये कहानी कुछ हफ़्ते पुरानी है। उन्नाव सदर के विधायक पंकज गुप्ता ने इलाके के विकास का बीड़ा उठाया।
उनकी मंशा थी कि पोनी रोड को चौड़ा किया जाए और उस पर डामर की बढ़िया सड़क बनाई जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में आसानी हो। इस नेक काम के लिए उन्होंने पिछले महीने लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की थी।
विधायक जी ने साफ़-साफ़ निर्देश दिए थे कि काम में ज़रा भी देरी न हो, जल्द से जल्द इसे शुरू किया जाए। अधिकारियों ने भी हामी भर दी थी।
विधायक जी के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग की टीम हरकत में आई। उन्होंने पांच जून से सड़क की नापजोख का काम शुरू कर दिया।
टीम ने बड़े ही कायदे से सड़क के दोनों ओर चार-चार मीटर तक निशान लगाए। यानी, अगर सड़क की कुल चौड़ाई की बात करें तो आठ मीटर की जगह ली जानी थी, जो कि एक मानक चौड़ाई होती है।
लोगों ने सोचा, चलो अच्छा है, सड़क बनेगी तो सहूलियत होगी। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि कुछ हफ्तों बाद ये 'अच्छी' खबर उनके लिए 'बुरी' खबर बन जाएगी।
नोटिस का 'झटका' और लोगों की आपत्तियां
मंगलवार को जो नोटिस घरों पर चस्पा किए गए, उन्होंने लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया। इन नोटिसों में साफ़-साफ़ लिखा था कि भवन मालिक अपने स्थायी और अस्थायी निर्माण को खुद ही हटा लें।
चेतावनी भी दी गई थी कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो पुलिस बल की मौजूदगी में इन निर्माणों को हटा दिया जाएगा। यह नोटिस सिर्फ एक कागज़ का टुकड़ा नहीं था, बल्कि यह लोगों के सालों की मेहनत और सपनों पर सीधा हमला था।
नोटिस में यह भी बताया गया था कि अगर किसी को कोई आपत्ति है या उसके पास अपनी ज़मीन से जुड़े कोई दस्तावेज़ हैं, तो वह चार जुलाई तक लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड कार्यालय में सहायक अभियंता बीके श्रीवास्तव और एके गुप्ता से संपर्क कर सकता है। यानी, विरोध करने का समय भी तय था और रास्ता भी।
लेकिन लोगों की असली शिकायत सिर्फ निर्माण हटाने को लेकर नहीं थी, बल्कि ज़मीन के दायरे को लेकर थी।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सड़क की चौड़ाई पहले से ही आठ मीटर निर्धारित की गई थी। इस हिसाब से PWD ने पहले निशान भी लगाए थे।
लेकिन अब जो नोटिस चिपकाए गए हैं और जो बात सामने आ रही है, उसके मुताबिक सड़क की चौड़ाई में एक मीटर और बढ़ोतरी की जा रही है। मतलब, अब आठ की जगह नौ मीटर ज़मीन ली जाएगी।
लोगों का सीधा सवाल है कि जब सड़क चौड़ीकरण के लिए पहले से ही जगह तय थी, तो अब अचानक अतिरिक्त ज़मीन लेने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है? ये एक मीटर की बढ़ोतरी कहां से आई और क्यों? ये वो सवाल हैं, जिनके जवाब लोग लोक निर्माण विभाग से चाहते हैं। उनका आरोप है कि यह मनमानी है और उनके साथ अन्याय हो रहा है।
बहुत से भवन मालिकों का कहना है कि यह उनकी पैतृक संपत्ति है, जिस पर वे सालों से काबिज हैं और अब उन्हें अचानक इसे हटाने का आदेश दिया जा रहा है, वह भी बिना किसी स्पष्टीकरण के।
PWD का क्या कहना है?
इस पूरे मामले पर जब लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एचडी अहरवार से बात की गई, तो उन्होंने अपनी बात रखी। अधिशासी अभियंता अहरवार ने बताया कि चौड़ीकरण के लिए जहां तक निशान लगाए गए हैं, उतनी ही ज़मीन ली जाएगी।
उनके इस बयान से भले ही विभाग की स्थिति साफ़ हो रही हो, लेकिन भवन मालिकों की चिंताएं अभी भी बरकरार हैं। उनके मुताबिक, जो निशान पहले लगाए गए थे, वे आठ मीटर के हिसाब से थे, लेकिन अब जो नोटिस दिए गए हैं, वे कहीं न कहीं ज़्यादा ज़मीन की बात कर रहे हैं।
इस विरोधाभास के बीच, उन्नाव के पोनी रोड के भवन मालिक अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। चार जुलाई की तारीख़ नज़दीक आ रही है और लोग अपनी बात रखने के लिए PWD कार्यालय का रुख करेंगे।
यह देखना होगा कि इस टकराव का क्या हल निकलता है और क्या उन्नाव के इन परिवारों को इंसाफ मिल पाता है या नहीं।

