उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में इन दिनों प्रशासन ने कमर कस ली है। वजह है आने वाले मोहर्रम और कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजन। इन आयोजनों के दौरान शहर में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए जिले के मुखिया यानी डीएम घनश्याम मीणा ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 के तहत पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। सीधे शब्दों में कहें तो अब उन्नाव में बिना इजाजत कोई भी धरना, प्रदर्शन या जुलूस नहीं निकाल पाएगा। यह कदम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है ताकि जिले में अमन-चैन बना रहे और माहौल खराब न हो।
दरअसल, मोहर्रम और कांवड़ यात्रा, दोनों ही बड़े और संवेदनशील धार्मिक आयोजन होते हैं। ऐसे में छोटी सी बात भी कभी-कभी बड़ा रूप ले लेती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए डीएम साहब ने ये सारे इंतजाम किए हैं। मकसद साफ है — उन्नाव में कानून व्यवस्था बनी रहे और लोग मिलजुल कर रहें।
ये आदेश कोई हवा-हवाई नहीं है, बल्कि बाकायदा जिलाधिकारी ने इसे जारी किया है। इसमें साफ-साफ बताया गया है कि धार्मिक कार्यक्रमों और जुलूसों के दौरान किसी भी अनहोनी या कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है।
अब जरा विस्तार से समझते हैं कि इस धारा-163 के तहत क्या-क्या चीजें बंद हो गई हैं और किन बातों का ध्यान रखना होगा।
बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं
सबसे पहली और जरूरी बात तो यही है कि अगर अब आप उन्नाव में कोई जुलूस निकालना चाहते हैं, कोई प्रदर्शन करना चाहते हैं, या फिर किसी तरह की सभा या धरना देना चाहते हैं, तो पहले सक्षम अधिकारी से इजाजत लेनी होगी। बिना इजाजत ऐसा कुछ भी करना कानूनन अपराध माना जाएगा।
यह सिर्फ धार्मिक आयोजनों पर ही लागू नहीं होता, बल्कि हर तरह के प्रदर्शन और सभाओं पर लागू होता है। प्रशासन का कहना है कि यह इसलिए जरूरी है ताकि हर आयोजन की जानकारी प्रशासन के पास रहे और वह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर सके।
हथियारों पर सख्त पाबंदी
अब बात हथियारों की। आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक जगहों पर हथियार लेकर नहीं चलेगा।
इसमें लाठी, डंडा, तलवार या कोई भी दूसरी खतरनाक चीज शामिल है जिससे किसी को नुकसान पहुंचाया जा सके। हां, एक छूट जरूर दी गई है।
जो पुलिसकर्मी या सुरक्षा बल अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं, या कोई अधिकारी जिसे हथियार रखने की इजाजत है, उन्हें इस नियम से बाहर रखा गया है। बाकी आम जनता के लिए ये नियम एकदम सख्त है।
ऐसा इसलिए किया गया है ताकि किसी भी विवाद की स्थिति में हथियार का इस्तेमाल न हो सके और हिंसा को टाला जा सके।
भड़काऊ बयान और अफवाहों पर भी नकेल
आजकल सोशल मीडिया का जमाना है। कई बार लोग बिना सोचे-समझे कुछ भी शेयर कर देते हैं, जिससे माहौल बिगड़ जाता है।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस पर भी कड़ी नजर रखी है। आदेश में साफ चेतावनी दी गई है कि कोई भी व्यक्ति भड़काऊ भाषण नहीं देगा, ऐसे बयान नहीं देगा जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े।
इसके अलावा, आपत्तिजनक पोस्टर, बैनर लगाने या सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वाली सामग्री प्रसारित करने पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन ऐसे लोगों पर नजर रख रहा है और अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोग सच्चाई पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की गलत जानकारी से भ्रमित न हों।
धार्मिक आयोजनों के लिए नियम कड़े
मोहर्रम में ताजिया और कांवड़ यात्रा में कांवड़ियों का निकलना एक परंपरा है। लेकिन अब इन आयोजनों के लिए भी प्रशासन से पहले इजाजत लेनी होगी।
डीएम साहब के आदेश में साफ कहा गया है कि किसी भी धार्मिक आयोजन, चाहे वो ताजिया हो, कांवड़ हो या कोई और जुलूस, उसके लिए प्रशासन से पहले परमिशन लेना जरूरी है। सिर्फ परमिशन ही नहीं, बल्कि आयोजकों को कुछ खास बातों का भी ध्यान रखना होगा।
जैसे, जिस रास्ते से जुलूस निकलेगा, वो पहले से तय होना चाहिए। किस समय जुलूस शुरू होगा और कब खत्म होगा, ये भी पहले से बताना होगा।
इसके अलावा, प्रशासन की तरफ से जो भी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, उनका पूरा पालन करना होगा।
लाउडस्पीकर के लिए भी नए नियम
धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। इस पर भी प्रशासन ने नए नियम बनाए हैं।
अब धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों यानी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल तभी किया जा सकेगा, जब इसके लिए सक्षम अधिकारी से इजाजत मिली हो। साथ ही, लाउडस्पीकर बजाने के लिए जो निर्धारित मानक हैं, उनका भी पूरा ध्यान रखना होगा।
यह इसलिए किया गया है ताकि ध्वनि प्रदूषण को भी रोका जा सके और किसी को बेवजह परेशानी न हो।
शांति बनाए रखने की अपील और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पूरे मामले पर प्रशासन ने आम जनता से भी एक खास अपील की है। डीएम साहब ने कहा है कि सभी लोग शांति और सौहार्द बनाए रखें।
किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर उन्हें कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखती है या कुछ ऐसा लगता है जो माहौल बिगाड़ सकता है, तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को बताएं।
आपकी एक जानकारी किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है। आदेश में यह भी साफ कर दिया गया है कि अगर कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और दूसरे कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम घनश्याम मीणा ने साफ कहा है कि जिले में शांति, सुरक्षा और भाईचारे वाला माहौल बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसके लिए वे हर जरूरी कदम उठाएंगे।