वाराणसी: भोलेनाथ के भक्तों, जरा कान लगाकर सुनिए! बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में सावन का महीना आने वाला है और इस बार तैयारी इतनी धांसू है कि सुनने वाले कहें, वाह! लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए उमड़ते हैं, ऐसे में मंदिर प्रशासन ने तय कर लिया है कि इस बार भीड़ को ऐसे मैनेज करेंगे, जैसे हरिद्वार या प्रयागराज में कुंभ मेले की व्यवस्था होती है। जी हां, बिलकुल महाकुंभ की तर्ज पर तैयारी चल रही है, ताकि भक्तों को न तो परेशानी हो और न ही सुरक्षा में कोई सेंध लगे। और एक बात और, जिसने शायद कई लोगों को चौंका दिया होगा – सावन के सभी सोमवार को VIP दर्शन पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान हर दिन काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी, लेकिन खास तौर पर सोमवार के दिन तो मानो पूरा शहर ही बाबा के रंग में रंग जाता है।
इसी को देखते हुए प्रशासन ने कुछ सख्त और कुछ आरामदायक नियम बनाए हैं। मंदिर में एंट्री के लिए पांच अलग-अलग रास्ते तय किए गए हैं, ताकि एक ही जगह पर भीड़ का दबाव न बढ़े।
इसके अलावा, कुछ खास इलाकों को 'नो-व्हीकल जोन' घोषित कर दिया गया है, यानी वहां गाड़ियां नहीं चलेंगी। लेकिन बुजुर्ग और दिव्यांग भक्तों का पूरा ख्याल रखा गया है, उनके लिए ई-रिक्शा चलेंगे।
सावन की तैयारियां और नई व्यवस्थाएं
अब जरा कायदे से समझ लीजिए कि क्या-क्या बदलने वाला है। सबसे बड़ी बात ये है कि सावन के दौरान, खासकर सोमवार को, मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
एसडीएम शंभू शरण ने साफ-साफ कहा है कि “कोई भी श्रद्धालु मोबाइल लेकर मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेगा।” उनका मानना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर रहेगी और भक्तों का ध्यान भी केवल पूजा-पाठ में ही लगेगा।
यानी, अब मंदिर के भीतर की सेल्फी के बजाय, बाबा के दर्शन पर ध्यान ज्यादा रहेगा।
यातायात को लेकर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। सावन के हर सोमवार को गोदौलिया से मैदागिन तक का पूरा इलाका ‘नो-व्हीकल जोन’ में तब्दील हो जाएगा।
इसका मतलब ये है कि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो। लेकिन जो लोग चलने-फिरने में अक्षम हैं, जैसे बुजुर्ग या दिव्यांग, उनके लिए खास इंतजाम है।
मंदिर प्रशासन ने गोदौलिया से गेट नंबर 4 तक और मैदागिन से गेट नंबर 4 तक ई-रिक्शा चलाने की व्यवस्था की है। इससे उन्हें धाम तक पहुंचने में आसानी होगी।
पहला सावन सोमवार और शुभ योग
इस बार का पहला सावन सोमवार, 3 अगस्त 2026 को पड़ने वाला है। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक, यह दिन कई मायनों में बेहद खास है।
यह श्रावण कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर आएगा। उस दिन उत्तरभाद्रपदा और रेवती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो धार्मिक कार्यों के लिए बहुत शुभ माने जाते हैं।
इतना ही नहीं, सुकर्मा योग और धृति योग का निर्माण भी होगा, जिससे इस दिन की शुभता कई गुना बढ़ जाएगी। यानी, बाबा के दर्शन के साथ-साथ इन शुभ योगों का लाभ भी भक्तों को मिलेगा।
हर साल की तरह इस बार भी सावन के प्रत्येक सोमवार को बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसमें अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन होंगे, जैसे गौरी शंकर स्वरूप, अर्धनारीश्वर स्वरूप, बाबा का परिवार माता पार्वती श्रृंगार, कार्तिकेय और गणेश का श्रृंगार।
इसके अलावा, बाबा का रुद्राक्ष श्रृंगार भी किया जाएगा, जो भक्तों के लिए एक अलग अनुभव होगा। ये सारे श्रृंगार बाबा के भक्तों के मन में नई आस्था जगाते हैं और उन्हें अलौकिक सुख का अनुभव कराते हैं।
सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम: पुलिस कमिश्नर का बयान
काशी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह चौकस है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि सावन के पूरे महीने में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की एक विस्तृत योजना तैयार की गई है।
उनका सबसे पहला प्रयास यही है कि श्रद्धालुओं को कम से कम समय में और आसानी से बाबा के दर्शन हो जाएं, ताकि उन्हें लंबी कतारों में खड़ा न रहना पड़े। इसके लिए मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास की व्यवस्था, बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण के सभी पहलुओं पर बारीकी से काम किया जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर ने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा की गई है और जहां भी जरूरत होगी, वहां नए कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।
पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स और एटीएस के जवानों को कहां-कहां तैनात किया जाएगा, इसके लिए भी जगहें चिन्हित कर ली गई हैं। उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि सावन के प्रत्येक सोमवार को किसी भी तरह का कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा, यानी सभी भक्त एक समान होंगे।
यह नियम सुनिश्चित करेगा कि हर भक्त को बाबा के दर्शन का समान अवसर मिले, चाहे वह आम आदमी हो या कोई खास व्यक्ति।

