पटना: भारत के शेयर बाज़ार में एक और बड़ा नाम अपनी दस्तक देने को तैयार है. हम बात कर रहे हैं, देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) SBI फंड्स मैनेजमेंट की, जिसका इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) अब बस कुछ ही दिनों में खुलने वाला है. निवेश करने वाले और बाज़ार पर नज़र रखने वाले लोग इसे लेकर काफी एक्साइटेड दिख रहे हैं.
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की इस सब्सिडियरी ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है. ये ₹545 से ₹574 प्रति शेयर तय किया गया है.
मतलब, अगर आप इस कंपनी में पैसा लगाने का मन बना रहे हैं, तो आपको इसी प्राइस रेंज में बोली लगानी होगी. ये पूरा प्रोसेस 14 जुलाई को शुरू हो जाएगा, और इनवेस्टर के पास पैसा लगाने के लिए कुछ ही दिन होंगे.
बाज़ार के एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये IPO काफी बड़ा गेम चेंजर हो सकता है क्योंकि SBI फंड्स मैनेजमेंट कोई छोटी-मोटी कंपनी नहीं है. ये भारत की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है, जो करोड़ों लोगों के निवेश को मैनेज करती है.
ऐसे में इसका लिस्ट होना बाज़ार में एक नई लहर ला सकता है.
क्या है ये SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO और कौन बेच रहा है शेयर?
एक बात जो इस IPO को और दिलचस्प बनाती है, वो ये है कि ये पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) होगा. इसका मतलब ये है कि कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है, बल्कि उसके प्रमोटर और मौजूदा शेयरहोल्डर अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे.
तो जो भी पैसा IPO से आएगा, वो कंपनी के खाते में नहीं जाएगा, बल्कि उन शेयर बेचने वालों के पास पहुंचेगा.
इस OFS में कुल 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जा रहे हैं. इसमें से सबसे बड़ा हिस्सा खुद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) बेच रहा है, जो 12.83 करोड़ शेयर यानी अपनी 6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी कम करेगा.
इसके साथ ही पेरिस स्थित अमुंडी इंडिया होल्डिंग भी अपने 7.53 करोड़ शेयर बेचेगी, जो उसकी 3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है. कुल मिलाकर, ये दोनों मिलकर अपने शेयर बाज़ार में उतार रहे हैं.
अगर हम कंपनी की मौजूदा शेयरहोल्डिंग देखें, तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास SBI फंड्स मैनेजमेंट की 61.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी अमुंडी इंडिया होल्डिंग के पास है. तो ये दोनों मिलकर अपने कुछ शेयर बेचकर बाज़ार में कंपनी को लिस्ट करवा रहे हैं.
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 12 जून, 2026 को कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को हरी झंडी दिखाई थी, जिसे SBI फंड्स मैनेजमेंट ने 19 मार्च, 2026 को जमा किया था.
कब से कब तक खुलेगा ये IPO और कब होगी लिस्टिंग?
तारीखों का खेल समझना भी जरूरी है, ताकि कोई चूक न हो जाए. SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO 14 जुलाई को खुलेगा.
इससे एक दिन पहले, यानी 13 जुलाई को, एंकर इनवेस्टर अपनी बोली लगा सकेंगे. ये वो बड़े निवेशक होते हैं, जो IPO खुलने से पहले ही बड़ी मात्रा में शेयर खरीदते हैं, जिससे बाज़ार में एक सकारात्मक माहौल बनता है.
आम निवेशकों के लिए बोली लगाने का आखिरी दिन 16 जुलाई होगा. यानी, आपके पास 14 से 16 जुलाई तक का समय होगा, अगर आप इस IPO में पैसा लगाना चाहते हैं.
इन सब प्रक्रियाओं के बाद, उम्मीद है कि कंपनी के शेयर 21 जुलाई को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों पर लिस्ट हो जाएंगे. अगर प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर, यानी ₹574 प्रति शेयर के हिसाब से देखें, तो लिस्टिंग के बाद SBI फंड्स मैनेजमेंट का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.17 लाख करोड़ होने का अनुमान है, जो इसे एक बहुत बड़ी लिस्टेड कंपनी बना देगा.
SBI के लिए क्यों खास है ये लिस्टिंग और कंपनी का इतिहास क्या है?
यह सिर्फ SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO नहीं है, बल्कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लिए भी एक बड़ा मील का पत्थर है. अगर ये लिस्टिंग प्लान सफल होता है, तो SBI फंड्स मैनेजमेंट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तीसरी ऐसी सब्सिडियरी होगी, जो स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होगी.
इससे पहले भी SBI की कुछ सब्सिडियरी लिस्ट हो चुकी हैं, जो उसके बिजनेस पोर्टफोलियो को और मजबूत करता है.
SBI फंड्स मैनेजमेंट की कहानी 1992 में शुरू हुई थी. ये तब से लगातार भारत की एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में एक बड़ा खिलाड़ी रही है.
ये सिर्फ देश की सबसे बड़ी AMC ही नहीं, बल्कि सबसे पुरानी AMC भी है. इसका मुख्य काम SBI म्यूचुअल फंड के लिए इन्वेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करना है.
यानी, ये लोगों के पैसे को म्यूचुअल फंड्स के ज़रिए अलग-अलग जगहों पर निवेश करती है, ताकि उन्हें अच्छा रिटर्न मिल सके.
कंपनी के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण मोड़ आया था 2004 में, जब सोसाइटे जेनरेल एसेट मैनेजमेंट SA ने इसमें 37 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी. इसके बाद से ये एक जॉइंट वेंचर के तौर पर काम कर रही थी.
बाद में, 2011 में अमुंडी एसेट मैनेजमेंट ने अपनी सब्सिडियरी अमुंडी इंडिया होल्डिंग के ज़रिए ये हिस्सेदारी हासिल कर ली थी. यही वजह है कि आज भी SBI और अमुंडी इंडिया होल्डिंग इसके मुख्य शेयरहोल्डर हैं.
कंपनी की आर्थिक सेहत कैसी है और कौन हैं इस IPO के पीछे?
किसी भी कंपनी के IPO में निवेश करने से पहले उसकी आर्थिक सेहत जानना बेहद जरूरी होता है. SBI फंड्स मैनेजमेंट की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस बीते कुछ सालों में काफी मजबूत रही है.
अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 25.9 प्रतिशत बढ़कर 2,432.9 करोड़ रुपये हो गया था. एक साल पहले इसी पीरियड में ये मुनाफा 1,933 करोड़ रुपये था.
ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि कंपनी लगातार अच्छा परफॉर्म कर रही है और मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज कर रही है.
इस बड़े IPO को मैनेज करने के लिए कई नामी-गिरामी इन्वेस्टमेंट बैंक और फाइनेंशियल एडवाइजर को शामिल किया गया है. इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, ICICI सिक्योरिटीज, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, JM फाइनेंशियल, SBI कैपिटल मार्केट्स और BofA सिक्योरिटीज जैसे बड़े नाम शामिल हैं.
ये सभी इस IPO के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर के तौर पर काम करेंगे, जो इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.


































