दिल्ली: भैया, आज शेयर बाजार में हलचल तेज रहने वाली है, इसकी वजह है मिडिल ईस्ट से आ रही खबरें। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है और इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है। अगर आप आज मार्केट में कोई दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो जरा ठहरिए और इन बड़ी बातों पर एक नजर डाल लीजिए, क्योंकि ये आपके ट्रेड को सीधे-सीधे प्रभावित कर सकती हैं।
बात सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं है, इसके चलते महंगाई की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। दूसरी तरफ, सोने की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है, जो बाजार के माहौल को और दिलचस्प बना रही है।
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स यानी निफ्टी और सेंसेक्स में आज कैसी शुरुआत होगी, इसे लेकर भी कुछ संकेत मिल रहे हैं।
शुरुआती कारोबार में, GIFT निफ्टी करीब 23,990 के स्तर पर हरे निशान में ट्रेड करता दिखा, जो कहीं न कहीं भारतीय बाजारों के लिए एक अच्छी शुरुआत का इशारा कर रहा है। लेकिन, ये सब इतना सीधा और सरल भी नहीं है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत कुछ पक रहा है।
बाजार में कल क्या हुआ था, और क्यों?
8 जुलाई का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए कुछ खास अच्छा नहीं रहा था। लगातार दूसरे दिन बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई।
अब आप सोचेंगे कि ऐसा क्यों हुआ? तो इसकी कई वजहें थीं, जिसमें ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में 6 प्रतिशत से ज्यादा की ताबड़तोड़ बढ़ोतरी और मिडिल ईस्ट में बढ़ता जियोपॉलिटिकल टेंशन शामिल था।
कमजोर शुरुआत के बाद, निफ्टी दोपहर के सेशन में भी अपनी गिरावट जारी रखे रहा। अलग-अलग सेक्टरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली का माहौल था और निफ्टी 24,000 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल से नीचे लुढ़क गया।
इस गिरावट की एक बड़ी वजह ये भी रही कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अस्थायी युद्धविराम खत्म होने का ऐलान कर दिया। इस घोषणा के बाद अमेरिका ने ईरान पर नए हवाई हमले किए, जिससे मिडिल ईस्ट में स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
इसका सीधा असर बाजार के सेंटीमेंट पर दिखा।
कारोबार खत्म होते-होते सेंसेक्स भैया 1,677.12 अंक यानी 2.15 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 76,503.60 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 516.65 अंक या 2.12 प्रतिशत टूटकर 23,882.05 पर थम गया।
आपको बता दें कि 30 मार्च, 2026 के बाद ऐसा पहली बार हुआ था जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में एक साथ 2-2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई हो। कुल मिलाकर, कल का दिन इन्वेस्टर्स के लिए 'लाल' ही रहा।
तो फिर आज क्या उम्मीद है? गिफ्ट निफ्टी क्या कह रहा है?
गिरावट भरे कल के बाद, आज के लिए एक उम्मीद की किरण दिख रही है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी करीब 23,990 के स्तर पर थोड़ा ऊपर ट्रेड करता नजर आ रहा था।
यह कहीं न कहीं भारतीय इक्विटी बाजार के लिए एक पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। तो भैया, आज मार्केट में हल्की-फुल्की रिकवरी की उम्मीद तो है, लेकिन वैश्विक घटनाक्रम पर भी पैनी नजर बनाए रखनी होगी।
ईरान के खिलाफ अमेरिका के नए हमलों से तेल की कीमतें फिर बढ़ गई हैं। हॉरमुज जलडमरूमध्य, जो युद्ध से पहले दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता था, उसके पूरी तरह से फिर से खुलने की उम्मीदों पर फिर पानी फिर गया है।
इससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है।
एशियाई बाजारों का क्या हाल है?
अगर एशियाई बाजारों की बात करें, तो यहां भी मिलाजुला माहौल देखने को मिल रहा है। AI-आधारित मांग को लेकर बढ़ी उम्मीदों ने सेमीकंडक्टर शेयरों में फिर से जान फूंक दी है।
चिप बनाने वाली कंपनियों की अगुवाई में कुछ एशियाई शेयर बाजारों में बढ़त देखने को मिल रही है।
गिफ्टी निफ्टी में 111 अंक यानी 0.46 फीसदी की बढ़त के साथ 23,987 के स्तर पर ट्रेड होता दिख रहा है। जापान का निक्केई इंडेक्स भी आज 2.45 फीसदी की अच्छी-खासी तेजी दिखा रहा है।
वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.35 फीसदी और हैंगसेंग 0.30 फीसदी की बढ़त पर हैं। दूसरी तरफ, ताइवान के बाजार में हल्की 0.10 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।
कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 1.94 फीसदी ऊपर है, जबकि शांघाई कंपोजिट में 0.12 फीसदी की मामूली तेजी दिख रही है।
सोने-चांदी का क्या हिसाब है?
बाजार की इस उठापटक के बीच सोने की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। ईरान के खिलाफ अमेरिका के हमलों से ऊर्जा की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे ग्लोबल लेवल पर महंगाई को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।
आमतौर पर, जब महंगाई बढ़ती है, तो सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन फिलहाल सोने की कीमतों में नरमी बनी हुई है। तो भैया, कुल मिलाकर, आज का दिन भी वैश्विक घटनाओं और उनकी प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करेगा।
मनीकंट्रोल जैसे प्लेटफॉर्म पर बने रहें, ताकि आपको पल-पल की जानकारी मिलती रहे।




































