दिल्ली: शेयर बाजार आजकल हिचकोले खा रहा है, कभी ऊपर तो कभी नीचे। आज की बात करें तो बाजार में माहौल कुछ ठंडा-ठंडा सा रहा। निफ्टी भैया 200 अंक से ज्यादा लुढ़क कर 24200 के करीब दिख रहे थे, और बैंक निफ्टी तो 500 अंक फिसल गया। मिडकैप और स्मॉलकैप के शेयर भी नरमी के साथ ट्रेड कर रहे थे। बाजार में कितनी उठा-पटक हो सकती है, इसका अंदाजा लगाने वाला इंडेक्स, INDIA VIX, भी करीब 6 फीसदी उछलकर 12 के ऊपर आ गया था। एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव कच्चे तेल के भाव में उछाल ला रहा है, जिसका सीधा असर हमारे बाजार पर दिख रहा है।
लेकिन, इसी बिकवाली वाले माहौल के बीच, एक ऐसी खबर आई है जिसने कुछ चुनिंदा शेयरों में जबरदस्त जोश भर दिया। ये खबर जुड़ी है कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर से, जिसे अब सरकार की तरफ से एक बड़ा बूस्ट मिलने वाला है।
सूत्रों की मानें तो इस पूरे सेक्टर को सरकार की तरफ से इंसेंटिव देने की तैयारी चल रही है, और इसकी कैबिनेट नोट भी जल्द ही जारी हो सकती है।
सरकार क्यों दे रही है कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर को बढ़ावा?
दरअसल, सरकार का प्लान है कि देश में कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाए। जब देश में ही ये मशीनें बनेंगी तो आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी और रोजगार के मौके भी पैदा होंगे।
सीएनबीसी-आवाज़ के रोहन सिंह ने इस खबर पर ज्यादा डिटेल्स देते हुए बताया कि सरकार कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर को बड़ा बूस्ट देने जा रही है। इसका सीधा मतलब है कि देश में कंस्ट्रक्शन और इंफ्रा इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को खूब बढ़ावा मिलने वाला है।
सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक सरकार इसके लिए जल्द ही 17,000 करोड़ रुपए की एक बड़ी स्कीम ला सकती है। जी हां, पूरे 17,000 करोड़ रुपए! ये कोई छोटी-मोटी रकम नहीं है, बल्कि इस सेक्टर के लिए एक गेमचेंजर साबित हो सकती है।
क्या होगी इस 17,000 करोड़ की स्कीम की खासियत?
इस स्कीम के तहत, भारी मशीनों के लिए सेल्स लिंक्ड इंसेंटिव (Sales Linked Incentive) का प्रावधान होगा। यानी, जितना ज्यादा आप बेचेंगे, उतना ज्यादा आपको सरकार से इंसेंटिव मिलेगा।
ये एक ऐसा तरीका है जो कंपनियों को ज्यादा प्रोडक्शन और सेल करने के लिए मोटिवेट करेगा।
हालांकि, इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए कुछ शर्तें भी होंगी। सबसे पहली शर्त ये है कि जो भी कंपनी इस स्कीम का लाभ उठाना चाहेगी, उसे कम से कम 500 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा।
मतलब, छोटे-मोटे खिलाड़ी नहीं, बल्कि जो वाकई इस सेक्टर में बड़े लेवल पर काम करना चाहते हैं, उन्हें इसका फायदा मिलेगा।
दूसरी बड़ी शर्त है डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन (DVA)। इसका मतलब है कि आपको अपने प्रोडक्ट में कितना 'भारतीय' कंटेंट डालते हैं।
यानी, मशीन बनाने में लगने वाले पुर्जे और कॉम्पोनेंट्स भारत में ही कितने बन रहे हैं, इसका ध्यान रखना होगा। सरकार चाहती है कि कंपनियां आयात पर निर्भरता कम करें और देश में ही ज्यादा से ज्यादा वैल्यू एडिशन करें।
किन मशीनों को मिलेगा फायदा?
यह स्कीम सिर्फ सामान्य उपकरणों के लिए नहीं है, बल्कि कुछ खास तरह की मशीनों पर फोकस करेगी। योजना के तहत बोरिंग मशीन, टावर क्रेन और क्रॉलर जैसी मशीनों के लिए इंसेंटिव का प्रावधान हो सकता है।
ये ऐसी मशीनें हैं जिनकी कंस्ट्रक्शन सेक्टर में बहुत जरूरत पड़ती है और इनकी घरेलू मैन्युफैक्चरिंग से देश को काफी फायदा होगा।
अच्छी बात ये है कि इस योजना को वित्त मंत्रालय से पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है। अब बस इंतजार है कैबिनेट नोट जारी होने का, जिसके बाद इस स्कीम को धरातल पर उतारा जा सकेगा।
यह खबर इस सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है, जो इसे नई रफ्तार दे सकती है।
शेयर बाजार पर क्या पड़ा असर?
इस खबर का असर शेयर बाजार में तुरंत दिखने लगा। जहां एक तरफ पूरा बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहा था, वहीं कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर से जुड़ी कुछ कंपनियों के शेयरों में हरे निशान के साथ एक्शन देखने को मिला।
इनमें से एक है एसीई (ACE यानी Action Construction Equipment) का शेयर। कमजोर बाजार के बावजूद, एनएसई पर यह शेयर 3.80 रुपए यानी 0.38 फीसदी की बढ़त के साथ 1002 रुपए पर ट्रेड कर रहा था।
दिन के दौरान इसका हाई 1,008.70 रुपए तक भी गया था। अगर इसकी परफॉर्मेंस देखें तो यह शेयर 1 हफ्ते में 1.44 फीसदी और 1 महीने में 15.57 फीसदी भागा है।
पिछले 3 महीने में इसमें 22.46 फीसदी की शानदार तेजी आई है। हालांकि, पिछले एक साल में इसमें 15.60 फीसदी की गिरावट देखी गई है, लेकिन लंबी अवधि में इसने निवेशकों को खूब मालामाल किया है।
3 साल में इसने 102.27 फीसदी का रिटर्न दिया है।
सांघवी मूवर्स (Sanghvi Movers) का शेयर भी इस खबर से जोश में दिखा। यह शेयर भी फिलहाल 5.35 रुपए यानी 1.19 फीसदी की बढ़त के साथ 455 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था।
एस्कॉर्ट कुबोटा (Escorts Kubota) और बीईएमएल (BEML) जैसे शेयरों में भी इस खबर के चलते हलचल देखने को मिली।
कुल मिलाकर, सरकार की यह पहल कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर के लिए एक संजीवनी बूटी का काम कर सकती है। इससे न सिर्फ घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे जुड़े शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।
अब देखना होगा कि कैबिनेट नोट कब जारी होता है और यह स्कीम कितनी जल्दी जमीन पर उतर पाती है।






































