दिल्ली: भैया, एप्पल के दीवानों के लिए एक बड़ी खबर आई है, जो उनके चहेते आईफोन के भविष्य से जुड़ी है। अक्सर एप्पल अपने नए फोन लॉन्च करते ही दुनिया भर में हलचल मचा देता है, लेकिन इस बार जो खबर चीन से निकली है, वो थोड़ी 'मोटी' है। जी हां, हम बात कर रहे हैं आने वाले आईफोन 18 प्रो की, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि ये अपने पिछले मॉडल, आईफोन 17 प्रो से काफी मोटा होगा।
पहले तो आप सोचेंगे कि भला इसमें कौन सी बड़ी बात है? लेकिन बात सिर्फ मोटाई की नहीं है, बल्कि इसके पीछे छुपे बड़े बदलावों की है। लीक के मुताबिक, इस 'मोटाई' के पीछे एक बड़ा कारण है, और वो है फोन की बैटरी और उसका धांसू कैमरा सिस्टम।
तो चलिए, जानते हैं कि आखिर एप्पल अपने नए 'प्रो' मॉडल में क्या कुछ नया करने वाला है और इसका सीधा असर आपकी जेब और आपके एक्सपीरियंस पर कैसे पड़ेगा।
तो क्या मोटा होना बुरी खबर है?
देखिए, मोटाई की खबर सुनकर कई लोग शायद नाक-भौंह सिकोड़ लें, क्योंकि एप्पल हमेशा से स्लिम और चिकने डिजाइन के लिए जाना जाता है। लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग हो सकती है।
चीन के जाने-माने टिप्स्टर Fixed Focus Digital ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट वीबो पर जो दावा किया है, उसके मुताबिक आईफोन 18 प्रो, आईफोन 17 प्रो जैसा ही शानदार एल्युमीनियम अलॉय डिजाइन तो रखेगा, लेकिन इसका एल्युमीनियम फ्रेम और खासकर कैमरा मॉड्यूल काफी मोटा होगा।
टिप्स्टर का तो यहां तक कहना है कि सप्लायर Tata Electronics से लीक हुई कुछ तस्वीरों में भी यह बात साफ दिख रही है कि आईफोन 18 प्रो का डिजाइन पहले से ज्यादा थिक होगा। उनकी मानें तो यह मोटाई पिछले मॉडल के मुकाबले करीब 2mm ज्यादा हो सकती है।
2mm सुनने में कम लगता है, लेकिन फोन की दुनिया में यह बहुत बड़ा बदलाव माना जाता है।
आपको बता दें कि आईफोन 17 प्रो की मोटाई 8.75mm थी, जबकि इससे पहले वाले आईफोन 16 प्रो की मोटाई 8.25mm थी। अब अगर 18 प्रो, 17 प्रो से 2mm और मोटा होता है, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि एप्पल इस बार कुछ 'बड़ा' करने की फिराक में है।
इस 'मोटाई' के पीछे क्या राज है?
अब सवाल उठता है कि एप्पल जैसा ब्रांड, जो हमेशा पतले फोन बनाने की रेस में सबसे आगे रहता है, वो अचानक अपने 'प्रो' मॉडल को मोटा क्यों कर रहा है? इसके पीछे की मुख्य वजह बताई जा रही है एक नया डिजाइन किया गया कैमरा सिस्टम। अफवाहों का बाजार गर्म है कि नए आईफोन 18 प्रो में मेन कैमरे के लिए वेरिएबल अपर्चर मिल सकता है।
वेरिएबल अपर्चर मतलब, आपका फोन खुद-ब-खुद रोशनी के हिसाब से कैमरे का अपर्चर एडजस्ट कर पाएगा, जिससे तस्वीरें और भी शानदार आएंगी। खासकर कम रोशनी में फोटोग्राफी का अनुभव एकदम बदल जाएगा।
इतना ही नहीं, मोटे डिजाइन से फोन में बड़ी बैटरी फिट करने का भी स्कोप बढ़ जाता है, जो कि आज के स्मार्टफोन यूजर्स की सबसे बड़ी जरूरत है।
नई बैटरी और धांसू चिपसेट का क्या सीन है?
सिर्फ मोटाई और कैमरा ही नहीं, आईफोन 18 प्रो के साथ बैटरी और परफॉरमेंस में भी बड़ा अपग्रेड देखने को मिल सकता है। हाल ही में इस फोन को चीन की 3C रेगुलेटरी वेबसाइट पर देखा गया है, और वहां से जो जानकारी सामने आई है, वो बैटरी लवर्स के लिए खुशखबरी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आईफोन 18 प्रो के चीनी मॉडल में 4,056mAh की बैटरी मिल सकती है, जबकि अमेरिका वाले मॉडल में 4,288mAh की बैटरी दी जा सकती है। अब इतनी बड़ी बैटरी मतलब, एक बार चार्ज करो और पूरे दिन की टेंशन खत्म! साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि नया आईफोन 18 प्रो 2nm A20 चिपसेट पर चलेगा।
यह 2nm A20 चिपसेट एप्पल का अब तक का सबसे एडवांस और पावरफुल चिपसेट होगा, जो फोन की स्पीड और एफिशिएंसी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। गेम्स हों, मल्टीटास्किंग हो या फिर कोई भी हैवी ऐप, सब कुछ मक्खन की तरह चलेगा।
कैमरा और लॉन्च टाइमलाइन क्या कहती है?
कैमरा की बात करें, तो आईफोन 18 प्रो में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप की उम्मीद है। इसमें एक 48MP का प्राइमरी कैमरा, एक 48MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और एक 48MP का टेलीफोटो लेंस शामिल हो सकता है।
मतलब, हर तरह की फोटोग्राफी के लिए यह फोन एकदम परफेक्ट होगा। चाहे आप लैंडस्केप कैप्चर करें, ग्रुप फोटो लें या दूर की चीज को जूम करके खींचें, क्वालिटी में कोई कमी नहीं आएगी।
अब आते हैं लॉन्च की तारीखों पर। एप्पल के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उम्मीद है कि आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स इसी साल सितंबर में लॉन्च हो जाएंगे।
और हां, खबरों की मानें तो इस बार एप्पल अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन भी इन्हीं प्रो मॉडल्स के साथ लॉन्च कर सकता है। वहीं, स्टैंडर्ड आईफोन 18 मॉडल को अगले साल की पहली तिमाही (Q1) में आईफोन 18ई के साथ बाजार में उतारे जाने की संभावना है।
कुल मिलाकर, भले ही आईफोन 18 प्रो थोड़ा 'मोटा' हो रहा हो, लेकिन इसके पीछे बेहतर कैमरा, लंबी बैटरी लाइफ और बेजोड़ परफॉरमेंस का वादा है। अब देखना ये है कि एप्पल अपने फैन्स की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और ये 'मोटापा' उन्हें कितना पसंद आता है।



































