मुंबई: शेयर बाजार की दुनिया भी अजीब है भैया! एक दिन पहले तक जहां क्यूपिड लिमिटेड (Cupid Limited) के शेयर रॉकेट की रफ्तार से भाग रहे थे, निवेशकों की बांछें खिली हुई थीं, वहीं अगले ही पल ऐसा गोता लगाया कि देखने वाले दंग रह गए। 8 जुलाई का दिन था, कारोबार खत्म होने में बस आधा घंटा बचा था और अचानक शेयर धड़ाम से 13 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया।
सोचिए, सुबह-सुबह मार्केट खुला तो क्यूपिड के शेयर मजबूती के साथ शुरू हुए थे। एक वक्त तो ऐसा भी आया जब शेयर 2 फीसदी तक ऊपर थे और लग रहा था कि आज फिर कुछ नया रिकॉर्ड बनेगा।
लेकिन 'मार्केट की माया, कहीं धूप कहीं छाया' वाली बात सच निकली और देखते ही देखते सारा खेल बिगड़ गया।
शाम साढ़े तीन बजे जब कारोबार खत्म हुआ, तब तक क्यूपिड का शेयर 13.17 फीसदी गिरकर 192 रुपये पर बंद हो चुका था। ये उन निवेशकों के लिए एक बड़ा झटका था, जिन्होंने पिछले एक साल में इस शेयर से बंपर कमाई की थी।
आखिर ऐसा क्या हो गया था कि चंद मिनटों में ही सारा माहौल पलट गया?
तो अचानक शेयर क्यों लुढ़क गए, क्या हुआ था?
दरअसल, क्यूपिड लिमिटेड कंडोम और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स बनाने वाली एक कंपनी है, जिसका शेयर पिछले एक साल से निवेशकों के लिए सोने की खान साबित हो रहा था। 6 जुलाई को ही इसके शेयर 52 हफ्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर 214 रुपये पर पहुंच गए थे।
8 जुलाई को सुबह बाजार में तेजी के पीछे कंपनी का एक नया बिजनेस अपडेट था। कंपनी ने एक्सचेंजों को बताया था कि इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसका रेवेन्यू 150 करोड़ रुपये से ज्यादा रह सकता है।
कंपनी ने तो यहां तक कह दिया था कि कारोबार के लिहाज से जून तिमाही उनके लिए अब तक की सबसे अच्छी तिमाही रहने वाली है। ऐसी शानदार खबर सुनकर भला कौन निवेशक उत्साहित नहीं होगा? यही वजह थी कि सुबह के वक्त शेयर में बढ़िया तेजी दिख रही थी।
लेकिन बाजार के बंद होने से ठीक पहले जो हुआ, वो वाकई किसी फिल्मी ट्विस्ट से कम नहीं था।
इस कंपनी ने कैसे दिया था बंपर रिटर्न?
अगर क्यूपिड लिमिटेड के पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें, तो इसने वाकई कमाल कर दिखाया था। बीते एक साल में कंपनी का शेयर करीब 788 फीसदी चढ़ा था।
इसका सीधा मतलब ये है कि जिसने आज से 12 महीने पहले इस शेयर में पैसा लगाया होगा, उसका पैसा 8 गुना हो गया था। एक महीने में ही यह शेयर करीब 37 फीसदी भागा था, जबकि पिछले छह महीनों में इसमें 140 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया था।
6 जुलाई को जब इसके शेयर 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचे थे, तब इसकी एक बड़ी वजह एक 'ब्लॉक डील' भी थी। करीब 127.5 करोड़ रुपये की इस ब्लॉक डील में कंपनी के 60.8 लाख शेयरों का सौदा हुआ था, जो कंपनी के कुल 2.3 फीसदी शेयरों के बराबर था।
इस डील के बाद तो शेयर जैसे लाइमलाइट में आ गया था और निवेशकों की नजरें इस पर टिक गई थीं।
क्यूपिड आखिर क्या बनाती है?
क्यूपिड लिमिटेड, जैसा कि हमने बताया, मुंबई की एक कंपनी है। इसे साल 1993 में शुरू किया गया था।
यह हेल्थकेयर और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स बनाने में माहिर है। लेकिन इसकी सबसे बड़ी पहचान पुरुषों और महिलाओं के कंडोम, पर्सनल ल्यूब्रिकेंट्स और इन-विट्रो डायग्नॉस्टिक (IVD) किट्स बनाने में है।
कंपनी का दावा है कि यह 110 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करती है।
नासिक के पास सिन्नार में इनकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है। कंपनी का फोकस दुनियाभर में अपनी मजबूत पहचान बनाने और लगातार नए-नए प्रोडक्ट्स को लाने पर है।
ऐसे में एक हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी के शेयर में इतनी बड़ी हलचल होना, निश्चित रूप से कई लोगों के लिए हैरानी की बात थी।
पूरे बाजार में भी तूफान क्यों आया?
सिर्फ क्यूपिड के शेयर ही नहीं, बल्कि उस दिन पूरे शेयर बाजार में भी दोपहर बाद अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। इसका कारण था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान।
उन्होंने कहा कि ईरान के साथ अमेरिका का 'सीजफायर' खत्म हो गया है। इस खबर ने इंटरनेशनल मार्केट में टेंशन बढ़ा दी और इसका सीधा असर हमारे घरेलू शेयर बाजारों पर पड़ा।
ट्रंप के इस बयान के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में अचानक बड़ी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 2.12 फीसदी यानी 516 अंक गिरकर 23,882 पर बंद हुआ, तो वहीं सेंसेक्स 2.15 फीसदी यानी 1677 अंक गिरकर 76,503 पर क्लोज हुआ।
ऐसे में क्यूपिड का शेयर भले ही अपनी खास खबर के चलते चढ़ा था, लेकिन बाजार की इस बड़ी गिरावट ने उसकी भी हवा निकाल दी और जो शेयर सुबह रॉकेट बना था, वो शाम तक जमीन पर आ गिरा।



































