मुंबई: कल्पना कीजिए, आपने किसी कंपनी में पैसा लगाया और सिर्फ एक साल के अंदर ही वो रकम दस गुना हो जाए! सुनकर हैरानी हो रही होगी, लेकिन शेयर बाजार में ऐसा हुआ है। जी हां, एक ऐसी कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है, जिनके प्रोडक्ट का इस्तेमाल शायद आप अपनी पर्सनल लाइफ में करते होंगे। हम बात कर रहे हैं क्यूपिड लिमिटेड की, जो कंडोम बनाने के लिए मशहूर है।
हालिया समय में इस कंपनी के शेयरों ने जो उछाल दिखाया है, वो बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले एक महीने में 60 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी और पूरे एक साल में 939 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न! वाकई, इन आंकड़ों को देखकर किसी का भी दिमाग घूम जाए।
क्या आप जानना चाहेंगे कि इस छोटे से शेयर में ऐसा कौन-सा जादू हो गया कि यह मल्टीबैगर बन गया? आइए, इस पूरी कहानी को तफ्सील से समझते हैं।
तो आखिर ये क्यूपिड लिमिटेड है क्या बला?
क्यूपिड लिमिटेड, जैसा कि नाम से कुछ-कुछ अंदाजा लग रहा होगा, हेल्थकेयर और पर्सनल केयर सेक्टर में काम करती है। यह मुंबई की कंपनी है, जिसकी शुरुआत साल 1993 में हुई थी।
अगर इनकी खासियत की बात करें, तो कंपनी पुरुष और महिला कंडोम बनाने में एक्सपर्ट है। इसके अलावा, ये पर्सनल ल्यूब्रिकेंट्स और इन-विट्रो डायग्नॉस्टिक (IVD) किट्स भी तैयार करती है।
यानी, एक ऐसा पोर्टफोलियो जो सिर्फ पर्सनल लाइफ ही नहीं, बल्कि मेडिकल जरूरतों को भी पूरा करता है।
आपको बता दें कि क्यूपिड सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाए हुए है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट 110 से भी ज्यादा देशों में करती है।
महाराष्ट्र के नासिक के पास सिन्नार में इसकी शानदार मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है। कंपनी का फोकस ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाने और प्रोडक्ट इनोवेशन पर है, ताकि हर बार कुछ नया और बेहतर पेश किया जा सके।
शेयर प्राइस में आया इतना बड़ा उछाल क्यों?
6 जुलाई को क्यूपिड के शेयर 52 हफ्तों के अपने सबसे ऊंचे लेवल, यानी 214 रुपये पर पहुंच गए थे। 8 जुलाई को भी इसमें तेजी बनी रही और यह 224.65 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
इस जोरदार उछाल के पीछे दो बड़ी वजहें थीं। पहला, शेयरों में एक बड़ी 'ब्लॉक डील' हुई और दूसरा, कंपनी ने अपने रेवेन्यू गाइडेंस को बढ़ा दिया।
अब आप सोच रहे होंगे कि ये ब्लॉक डील क्या होती है? मोटा-मोटी समझें तो, जब शेयर बाजार में बहुत बड़ी मात्रा में शेयरों की खरीद-फरोख्त एक साथ होती है, तो उसे ब्लॉक डील कहते हैं। क्यूपिड के मामले में 127.5 करोड़ रुपये की एक ब्लॉक डील हुई।
इसमें कंपनी के कुल 60.8 लाख शेयरों का सौदा हुआ, जो कंपनी के कुल 2.3 फीसदी शेयरों के बराबर था। इस डील के बाद तो शेयर ऐसे दौड़ा कि 7 फीसदी तक उछल गया और देखते ही देखते यह शेयर लाइमलाइट में आ गया।
कंपनी ने रेवेन्यू गाइडेंस क्यों बढ़ाया, क्या है इसका मतलब?
ब्लॉक डील तो एक वजह थी, लेकिन कंपनी का दमदार प्रदर्शन भी कम नहीं था। क्यूपिड ने हाल ही में जून तिमाही में अपने कामकाज की जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि जून तिमाही में उनका रेवेन्यू 150 करोड़ रुपये से ज्यादा रह सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह क्यूपिड के लिए अब तक की सबसे बेहतरीन जून तिमाही होगी।
यह बात बताती है कि इस फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत कंपनी के लिए बहुत शानदार रही है। घरेलू बाजार हो या विदेशी बाजार, हर जगह कंपनी के बिजनेस में गजब की ग्रोथ देखने को मिली है।
इसी दम पर कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस को कम से कम 10 फीसदी बढ़ा दिया है। पहले कंपनी का अनुमान था कि FY27 में उसका रेवेन्यू 600 करोड़ रुपये तक रह सकता है, लेकिन अब यह 660 करोड़ रुपये से भी ज्यादा रहने का अनुमान है।
यह गाइडेंस कंपनी ने इंटरनेशनल B2B हेल्थ मार्केट्स में बढ़ते मौकों को देखते हुए बढ़ाया है।
निवेशकों की चांदी कैसे हुई?
अगर आंकड़ों पर गौर करें, तो 9 जुलाई, 2025 को क्यूपिड के एक शेयर की कीमत 21.62 रुपये थी। वहीं, 8 जुलाई, 2026 को यही शेयर 224 रुपये पर पहुंच गया।
आप खुद हिसाब लगा लीजिए! एक साल में निवेशकों का पैसा करीब-करीब 10 गुना हो गया। जिसने तब 1 लाख लगाए होंगे, आज उसके पास 10 लाख रुपये होंगे।
यह दिखाता है कि सही समय पर सही कंपनी में निवेश करना कितना फायदेमंद हो सकता है।
कुल मिलाकर, क्यूपिड लिमिटेड ने अपने सॉलिड बिजनेस मॉडल, ग्लोबल रीच और लगातार प्रोडक्ट इनोवेशन के दम पर शेयर बाजार में कमाल कर दिया है। ब्लॉक डील और मजबूत रेवेन्यू गाइडेंस ने तो इसमें चार चांद लगा दिए हैं।
कंपनी अब दुनियाभर के B2B हेल्थ मार्केट्स में अपनी पकड़ मजबूत करने पर जोर दे रही है, जिससे आने वाले समय में भी इसके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।




































