बांका: बिहार के बांका जिले से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर कलेजा मुंह को आ जाएगा। सोचिए, एक घर में तीन बेटियां हैं, और अब उस घर की बहू, बेटियों की मां की लाश के टुकड़े मिल रहे हैं। एक दिन पहले धड़ से अलग सिर मिला था, और फिर दो दिन बाद धड़ भी एक शौचालय की टंकी से बरामद हो गया। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस खौफनाक हत्याकांड से पर्दा उठा दिया और जिस वजह से ये सब हुआ, वो और भी दिल दहला देने वाली है – 'बेटा न होने पर बहू को मौत के घाट उतार दिया गया'। इस मामले में पति और सास को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, और एक नाबालिग भी पुलिस हिरासत में है।
कहानी शुरू होती है 28 जून को, जब बेलहर प्रखंड के रंगा गांव की 26 साल की प्रियंका कुमारी अचानक लापता हो गईं। प्रियंका के मायके वालों को जब बेटी का फोन नहीं लगा, तो उन्हें चिंता हुई।
पुलिस में शिकायत दर्ज हुई। पुलिस ने जब रंगा गांव में प्रियंका के ससुराल वालों से पूछताछ की, तो उन्होंने बड़े भोलेपन से बताया कि प्रियंका तो अपने मायके गई है।
लेकिन, ये झूठ ज्यादा देर टिक नहीं पाया। पुलिस की शुरुआती जांच में ही ये दावा झूठा निकला।
इसी बीच, प्रियंका के पिता सुखदेव पंडित ने अपनी बेटी की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को आवेदन दिया और सीधे तौर पर ससुराल वालों पर शक जाहिर किया। शायद उन्हें अंदर ही अंदर कुछ अनहोनी का अहसास हो गया था।
सिर मिला, फिर धड़ का भी पता चला
28 जून की दोपहर ही एक और खबर आई, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। डुमरहार बहियार से एक महिला का कटा हुआ सिर मिला।
दृश्य इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, सिर को कब्जे में लिया और उसकी शिनाख्त कराई।
पहचान हुई, वो सिर प्रियंका कुमारी का ही था। जिसने भी ये सुना, वो स्तब्ध रह गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, बांका पुलिस हरकत में आई। कटोरिया पुलिस निरीक्षक रंजीत कुमार के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई।
फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीमें बुलाई गईं। चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई, छापेमारी शुरू हुई ताकि हत्यारों तक पहुंचा जा सके और प्रियंका के शरीर के बाकी हिस्से को भी खोजा जा सके।
जांच के दौरान, पुलिस की टीम रंगा गांव में सिंचाई विभाग के एक खंडहरनुमा परिसर में पहुंची। वहां मौजूद एक शौचालय की टंकी से कुछ ऐसी दुर्गंध आ रही थी, जिससे संदेह हुआ।
जब टंकी को खोला गया, तो अंदर का नजारा देख पुलिसकर्मी भी सिहर उठे। प्रियंका का धड़ उसी शौचालय की टंकी में छिपाया गया था।
आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार भी पुलिस ने बरामद कर लिया। यह एक ऐसी क्रूरता थी, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
बेटा न होने की प्रताड़ना बनी मौत की वजह
पुलिस की गहन जांच में जो बात सामने आई, वो और भी चौंकाने वाली थी और एक बार फिर समाज में बेटियों को लेकर चली आ रही रूढ़िवादी सोच पर सवाल खड़े कर गई। पता चला कि प्रियंका की तीन बेटियां थीं।
उसके कोई बेटा नहीं था। इसी बात को लेकर उसके पति विवेक पंडित, सास मधुबाला उर्फ विमला देवी और परिवार के कुछ अन्य सदस्य उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
ये प्रताड़ना धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि इसने प्रियंका की जान ले ली।
पुलिस ने खुलासा किया कि इसी प्रताड़ना के चलते प्रियंका की बेरहमी से हत्या कर दी गई। सिर्फ हत्या ही नहीं, हत्या के बाद उसके शव को टुकड़ों में काटा गया।
साक्ष्य मिटाने के लिए हत्यारों ने सिर और धड़ को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया, ताकि किसी को पता न चले कि ये किसकी लाश है और इस घिनौने अपराध को किसने अंजाम दिया है। यह अपने आप में एक नृशंस और हृदय विदारक कृत्य था, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया।
पति और सास गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए मृतका के पति विवेक पंडित और उसकी सास मधुबाला उर्फ विमला देवी को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि हत्याकांड की एक-एक परत खोली जा सके।
इस मामले में एक नाबालिग बालिका की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेज दिया गया है।
एसडीपीओ रविंद्र प्रसाद मोहन ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस निरीक्षक रंजीत कुमार, बेलहर थानाध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा, तकनीकी शाखा प्रभारी मनीष कुमार, जिलेबिया मोड़ थानाध्यक्ष राजू कुमार ठाकुर, सुईया थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार झा, खेसर थानाध्यक्ष सुप्रिया कुमारी सहित तकनीकी शाखा और पुलिस बल के कई जवान शामिल थे। पुलिस अब बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही सभी गुनहगार कानून के शिकंजे में होंगे।
इस मामले में पुलिस की तत्परता और जांच से ही यह सच सामने आया कि बेटा न होने की वजह से एक महिला को इतनी खौफनाक मौत दी गई।

