बांका: रविवार की शाम, जब दिन ढलने को था और बांका की सड़कों पर आम दिनों की तरह ही ज़िंदगी भाग रही थी, अमरपुर थाना क्षेत्र का रतनपुर मकदूम्मा पंचायत अचानक गोलियों की आवाज़ से दहल उठा। बलिया गांव की ओर जा रहे दो बाइक सवार दोस्तों को शायद अंदाज़ा भी नहीं था कि यह शाम उनकी ज़िंदगी की आख़िरी शाम साबित होगी। मौत घात लगाकर बैठी थी और जैसे ही वे रतनपुर मकदूम्मा पंचायत के पास पहुँचे, एक स्कॉर्पियो में सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फ़ायरिंग शुरू कर दी।
सिट्टू सिंह (35) और गुंजन सिंह (40) नाम के ये दोनों दोस्त एक हफ़्ते पहले ही दिल्ली से अपने घर लौटे थे। ज़िंदगी की जद्दोजहद में दिल्ली जैसे शहर में रहकर गुज़ारा कर रहे थे और अब शायद अपने गांव में कुछ पल शांति और सुकून के बिताने आए थे।
लेकिन इन सपनों पर बदमाशों की गोलियों ने हमेशा के लिए पानी फेर दिया। हमलावरों ने इतनी बेरहमी से गोलीबारी की कि दोनों दोस्तों को संभलने का भी मौका नहीं मिला।
दस से ज़्यादा राउंड फ़ायरिंग की गई और गोलियों से छलनी होकर दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद बड़े आराम से अपनी स्कॉर्पियो लेकर फ़रार हो गए, पीछे छोड़ गए सिर्फ़ ख़ौफ़, लाशें और गोलियों के ढेरों खोखे।
चश्मदीदों के मुताबिक, यह सब इतनी तेज़ी से हुआ कि किसी को कुछ समझ ही नहीं आया। सोनू नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बांका से घर लौट रहे सिट्टू और गुंजन को अचानक घेर लिया गया।
गोलियों की आवाज़ सुनकर आसपास के लोग जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सड़क पर दो बेजान शरीर पड़े थे और हर तरफ़ सन्नाटा पसरा हुआ था, जिसे चीरती हुई सिर्फ़ कुछ लोगों की चीख़ें सुनाई दे रही थीं।
आनन-फ़ानन में पुलिस को इस दिल दहला देने वाली वारदात की सूचना दी गई।
घटनास्थल पर पुलिस का जमावड़ा और शुरुआती जांच
ख़बर मिलते ही बांका के एसपी अमितेश कुमार, एसडीपीओ अमर विश्वास और अमरपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने पूरे इलाके को तुरंत सील कर दिया और जांच शुरू कर दी।
सड़क पर पड़े 10 से ज़्यादा खोखे इस बात की गवाही दे रहे थे कि हमलावर कितने बेखौफ़ और पेशेवर थे। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
यह मंज़र इतना खौफ़नाक था कि गांव वाले दहशत में थे। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आख़िर इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की गई।
दिल्ली से वापसी और दुश्मनी का कनेक्शन
गांव वालों से बातचीत में एक अहम जानकारी सामने आई। ग्रामीण अजय ने बताया कि सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह दोनों क़रीब एक हफ़्ते पहले ही दिल्ली से अपने गांव लौटे थे।
वे दिल्ली में एक कंपनी में नौकरी करते थे। अजय का मानना है कि हमलावरों को इन दोनों के दिल्ली से लौटने की पूरी जानकारी थी।
उन्होंने कई दिनों तक इनकी रेकी की होगी और फिर सही मौका देखकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। यह बात पुलिस की शुरुआती जांच को भी एक दिशा दे रही है, जहाँ हत्या के पीछे आपसी रंजिश का शक गहरा रहा है।
एसपी अमितेश कुमार ने भी इस बात को दोहराते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण आपसी रंजिश लग रहा है।
साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास
पुलिस ने घटनास्थल से सभी ज़रूरी साक्ष्यों को इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। वारदात की गंभीरता को देखते हुए फ़ोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
FSL टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक सबूत जुटाए, जबकि डॉग स्क्वायड ने हमलावरों के भागने के रास्ते और उनसे जुड़े सुरागों का पता लगाने की कोशिश की। एसपी अमितेश कुमार ने मीडिया को बताया कि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और हर पहलू पर गौर किया जा रहा है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ़्तार कर लिया जाएगा और इसके लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है और उम्मीद है कि जल्द ही इस खौफ़नाक वारदात के पीछे के राज़ से पर्दा उठेगा।




































