बांका: शुक्रवार की वो रात बांका के बौसी थाना क्षेत्र के भंडारी चक गांव के लिए एक कभी न भूलने वाला काला अध्याय बन गई। दिनभर की भागदौड़ के बाद शाम ढल चुकी थी और लोग घरों में सुकून तलाश रहे थे। ऐसे में ही प्रकाश यादव का छह साल का मासूम बेटा हैप्पी कुमार शायद अपने घर के पास खेल रहा होगा, या बस ऐसे ही बाहर खड़ा होगा, जब काल बनकर एक तेज रफ्तार ट्रक उसकी ओर बढ़ा और चंद सेकंड में उसकी दुनिया उजाड़ दी। अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे पलटकर सीधे हैप्पी पर जा गिरा और मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भयावह हादसे में सिर्फ हैप्पी ही नहीं, बल्कि तीन बेजुबान मवेशियों की भी जान चली गई, जबकि एक भैंस बुरी तरह जख्मी हो गई।
घटना बौसी-हंसडीहा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। इस हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
मासूम की मौत और प्रशासन की कथित देरी से गुस्साए ग्रामीणों का पारा इतना चढ़ा कि उन्होंने मदद के लिए पहुंची पुलिस टीम पर ही पथराव कर दिया। इस पथराव में बांका के एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा समेत कम से कम छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
एक ओवरटेक की कीमत: मासूम की जान
जानकारी के मुताबिक, झारखंड की तरफ से एक भारी-भरकम ट्रक बौसी की ओर तेज रफ्तार में चला आ रहा था। भंडारी चक गांव के पास पहुंचते ही, ड्राइवर ने शायद किसी वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की।
रफ्तार बेकाबू थी और संतुलन ड्राइवर के हाथ से निकल गया। पलक झपकते ही, ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग से उतरकर सड़क किनारे पलट गया।
उसकी किस्मत इतनी खराब थी कि वो सीधे प्रकाश यादव के घर के पास जा गिरा, जहां उनके घर का चिराग, छह साल का हैप्पी कुमार मौजूद था। किसी को कुछ सोचने-समझने का मौका भी नहीं मिला।
ट्रक के नीचे दबकर हैप्पी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उसकी चीखें शायद हवा में ही गुम हो गईं।
जिस वक्त ये सब हुआ, उस वक्त घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। आस-पड़ोस के लोग, जो अपने घरों में थे, धमाके की आवाज सुनकर बाहर भागे।
जो मंजर उन्होंने देखा, उसने उनके रोंगटे खड़े कर दिए। एक बच्चा ट्रक के नीचे दबा हुआ था।
परिवार के लोग और ग्रामीण सकते में आ गए। हर तरफ चीख-पुकार मच गई।
मवेशियों पर भी कहर और घंटों जाम
ट्रक के इस कहर से सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान जानवर भी नहीं बच पाए। जिस जगह ट्रक पलटा, वहां घर के बाहर तीन मवेशी बंधे हुए थे।
वो भी इस हादसे की चपेट में आ गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। एक अन्य भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई, जो अब शायद जिंदगी और मौत से जूझ रही होगी।
यह हादसा इतना भीषण था कि शवों को निकालने और राहत कार्य शुरू करने में काफी समय लग गया। इस बीच, बौसी-हंसडीहा राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक जाम की स्थिति बनी रही।
वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गुस्साए ग्रामीणों का पथराव, एसडीपीओ समेत छह घायल
हादसे की खबर मिलते ही बौसी के एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा, बौसी थाना पुलिस और आसपास के थानों से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति को संभालने और राहत व बचाव कार्य शुरू करने की कोशिश की।
हाइड्रा और जेसीबी मशीनों को बुलाया गया ताकि पलटे हुए ट्रक को हटाया जा सके और उसके नीचे दबे मासूम हैप्पी के शव को बाहर निकाला जा सके।
लेकिन, स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्हें इस बात पर गहरा एतराज था कि राहत और बचाव कार्य शुरू करने में कथित तौर पर देरी हुई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और ग्रामीण मुआवजे तथा दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उन्होंने बौसी-हंसडीहा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांस-बल्ली लगाकर और मासूम के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को शांत करने और स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया, लेकिन माहौल बेहद तनावपूर्ण हो चुका था।
आरोप है कि इसी दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। इस अचानक हुए हमले में एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा, पंजवारा थानाध्यक्ष चंदन कुमार, बंधुआ कुरावा थाना के एएसआई दिलीप यादव, होमगार्ड जवान सुजीत कुमार गुप्ता समेत कुल छह पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए।
पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखने की कोशिश की।
स्थिति काबू में, जांच जारी
स्थिति को बिगड़ता देख तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार पुलिस ने हालात पर काबू पाया और भीड़ को शांत किया।
पलटे हुए ट्रक को हटाया गया और मासूम हैप्पी के शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका भेज दिया गया।
एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। वहीं, पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले को भी गंभीरता से लिया गया है।
पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पथराव करने वाले आरोपितों की पहचान कर रही है। उन सभी के खिलाफ कानून सम्मत सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इस घटना के बाद से मृतक हैप्पी के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से सदमे में है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

