जयपुर: मान लीजिए आप अस्पताल में हैं, बीमार हैं और इलाज के लिए ऑपरेशन थिएटर में जाने का इंतजार कर रहे हैं। तभी अचानक उस ओटी में पानी भरने लगे, कॉरिडोर में छत का प्लास्टर गिरने लगे। सुनने में किसी फिल्मी सीन जैसा लगता है, लेकिन ये कोई फिल्म नहीं बल्कि हकीकत है। शुक्रवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर के सबसे बड़े अस्पताल, सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में बारिश के बाद कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। माइनर ओटी में पानी भर गया, मरीजों को तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। यहीं नहीं, ओटी के पास वाले कॉरिडोर में फॉल सीलिंग भी धड़ाम से नीचे आ गिरी। शहर की सड़कें भी पानी में डूब गईं, और एक जगह तो करीब 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया, जैसे किसी ने सड़क को बीच से काट दिया हो। ये तो बस शुरुआत थी, क्योंकि मॉनसून ने इस बार कई राज्यों में अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है।
सिर्फ जयपुर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अन्य हिस्सों में भी मॉनसून ने जमकर उत्पात मचाया है। शुक्रवार को हुई बारिश ने कई शहरों को पानी-पानी कर दिया।
सड़कें दरिया बन गईं, नदियां उफान पर आ गईं, और कई जगहों पर तो लोगों की जान पर बन आई। अगले कुछ दिनों के लिए भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है, जो बताता है कि अभी ये आफत रुकने वाली नहीं है।
मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: उफान पर नदियां, बहते लोग
मध्य प्रदेश में मॉनसून का मिजाज काफी बदला-बदला सा दिख रहा है। राजधानी भोपाल और इंदौर समेत 26 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई।
हरदा जिले में माचक नदी ऐसी उफान पर आई कि 12 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। लोग जान जोखिम में डालकर पुलिया पार करने को मजबूर थे, लेकिन कई बार ये जोखिम भारी पड़ जाता है।
नर्मदापुरम में भी सड़कें पानी में पूरी तरह डूब गईं, जिससे आवागमन ठप हो गया।
उज्जैन की एक घटना दिल दहला देने वाली है। यहां एक युवक पुलिया पार करने की कोशिश कर रहा था।
मोटरसाइकिल समेत वह तेज बहाव में बह गया। उसका पता लगाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अभी तक उसकी खबर नहीं है।
शिप्रा नदी के किनारे बने कई मंदिर भी पानी में आधे डूबे नजर आए, जो बारिश की तीव्रता को दर्शाते हैं। डिंडौरी में तो एक कार पुल पार करते समय नदी के तेज बहाव में बह गई।
इन घटनाओं ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक ऐसे हालात से जूझना पड़ेगा?
उत्तर प्रदेश में जलभराव और तबाही
मध्य प्रदेश के बाद अगर किसी राज्य में बारिश का सबसे ज्यादा असर दिखा है, तो वो है उत्तर प्रदेश। यूपी के 20 जिलों में शुक्रवार को जमकर बारिश हुई।
मथुरा में हालत यह हो गई कि रेलवे अंडरपास में गर्दन तक पानी भर गया। लोग वहां से निकलने के लिए जूझते दिखे।
कानपुर का जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, जो इलाज का केंद्र है, वहां भी पानी भर गया। अस्पताल परिसर में कारें और बाइकें आधी डूब गईं।
सोचिए, एक मेडिकल कॉलेज जहां मरीजों की जान बचाई जाती है, वहां खुद पानी से जूझना पड़ रहा था। वहीं, झांसी में एक दुखद घटना हुई, जहां बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई।
ये घटनाएं दिखाती हैं कि मॉनसून सिर्फ सड़कें ही नहीं डुबो रहा, बल्कि जिंदगियां भी छीन रहा है।
पंजाब में बस फंसी: श्रद्धालुओं की सांसें अटकीं
पंजाब के पठानकोट में माता वैष्णो देवी जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक टूरिस्ट बस रेलवे अंडरपास (पुल नंबर-3) के नीचे 8 फीट पानी में फंस गई। बस में 13 बच्चों सहित कुल 55 यात्री सवार थे।
पानी का स्तर तेजी से बढ़ता देख बस में सवार यात्रियों की सांसें अटक गईं। बच्चों की चीख-पुकार से माहौल और भी भयानक हो गया।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से किसी तरह यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन ये अनुभव उन सभी के लिए जिंदगीभर का डर बन गया होगा।
राजस्थान के अन्य हिस्से: रेत का बवंडर और सड़कें धंसीं
जयपुर की सड़क धंसने की घटना तो हमने देखी, लेकिन राजस्थान के जैसलमेर जिले के रामदेवरा में शुक्रवार शाम को एक और अद्भुत और डरावना नजारा देखने को मिला। यहां रेत का एक विशाल बवंडर आया, जिससे दिन में ही अंधेरा छा गया।
दुकानों को बंद करना पड़ा और दिन में ही गाड़ियों की हेडलाइट जलानी पड़ी, जैसे कोई रेगिस्तानी तूफान आ गया हो। ये मॉनसून के बदलते मिजाज की एक और बानगी थी, जहां एक तरफ बारिश तबाही मचा रही थी, वहीं दूसरी तरफ रेगिस्तानी इलाकों में प्रकृति का दूसरा विकराल रूप दिख रहा था।
मॉनसून की चाल और अगले दो दिन का हाल
मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार मॉनसून ने 1 जून की जगह 3 दिन देरी से 4 जून को भारत में दस्तक दी थी। शुरुआत में इसकी रफ्तार धीमी थी और बीच-बीच में 'ब्रेक मॉनसून' जैसी स्थिति बनने से आशंका थी कि यह पूरे देश को सामान्य समय से देर से कवर करेगा।
लेकिन जुलाई की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी में बने अनुकूल मौसम तंत्र ने मॉनसून को फिर से रफ्तार दे दी है। अनुमान है कि 5 जुलाई तक मॉनसून पूरे देश को कवर कर लेगा।
अगले दो दिनों के लिए भी मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:
- 5 जुलाई: छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में तेज हवाएं चलेंगी। राजस्थान में अगले दो सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
- 6 जुलाई: आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भी तेज बारिश की चेतावनी है। असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होगी। सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक में समुद्र के करीबी इलाकों के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
साफ है कि अगले कुछ दिन देश के बड़े हिस्से में मॉनसून का कहर जारी रहने वाला है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।

