कासगंज: जनाब, कहानी एक ऐसी है जिसमें एक शादी के कार्ड का बहाना बनाया गया, घर में घुसकर लूटपाट की गई और फिर परिवार की सूझबूझ और बहादुरी ने इन बदमाशों को उन्हीं के जाल में फंसा दिया। बात हो रही है उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले की, जहां एक फौजी के घर में घुसकर तीन शातिर बदमाशों ने पहले तो परिवार को बंधक बनाया, लेकिन उनकी दाल गल नहीं पाई। परिवार ने उन्हें घर के अंदर ही बंद कर दिया और फिर पुलिस ने घंटों की मुठभेड़ के बाद उन तीनों को दबोच लिया। फिल्मी कहानी से कम नहीं है ये पूरा मामला, जिसमें एक फौजी का बेटा, उसकी बहू और मासूम पोता बदमाशों के चंगुल से बच निकले।
शुक्रवार की शाम थी, करीब साढ़े चार बजे का वक्त। पटियाली कस्बे के गंजडुंडवारा के पास सेना के जवान रविंद्र सिंह का घर है।
रविंद्र सिंह खुद गुवाहाटी में असम राइफल में तैनात हैं। घर पर उनके बेटे राहुल सिंह (32), बहू पिंकी (28) और 10 साल का पोता आर्यांश मौजूद थे।
सब कुछ सामान्य चल रहा था, तभी एक स्प्लेंडर बाइक पर सवार तीन युवक घर के सामने आकर रुके। उन्होंने दरवाजा खटखटाया।
पिंकी ने दरवाजा खोला तो उन्होंने एक शादी का कार्ड आगे बढ़ा दिया, बोले- “ये शादी का कार्ड है।” पिंकी कुछ समझ पाती, इससे पहले ही तीनों बदमाश अंदर घुस आए, उनके हाथों में तमंचे थे।
अंदर घुसते ही राहुल ने बताया कि तीनों बदमाशों ने उन्हें तमंचे की बट से चेहरे पर हमला कर दिया। राहुल गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसके बाद उन्होंने राहुल, पिंकी और छोटे आर्यांश को बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया। घर में दहशत फैल गई।
बदमाश अब इत्मीनान से घर में लूटपाट करने लगे। हर तरफ खामोशी थी, सिर्फ बदमाशों की खुसर-पुसर और सामान खंगालने की आवाजें आ रही थीं।
लेकिन इस डरावने माहौल में भी पिंकी ने हिम्मत नहीं हारी, और यही हिम्मत उन बदमाशों पर भारी पड़ने वाली थी।
शादी के कार्ड का बहाना; घर में घुसे बदमाश
राहुल सिंह ने बाद में बताया, “शाम के करीब 4:30 बजे थे। मैं, मेरी पत्नी और बेटा घर पर थे।
तभी तीन युवक स्प्लेंडर बाइक से आए और दरवाजा खटखटाया। पिंकी ने खोला तो उन्होंने शादी का कार्ड देने का बहाना किया और अंदर घुस आए।
अंदर घुसते ही एक बदमाश ने तमंचे की बट से मेरे चेहरे पर हमला कर दिया, मैं घायल हो गया। उसके बाद हम तीनों को बंधक बनाकर लूटपाट शुरू कर दी।
” राहुल के चेहरे पर हमले से परिवार और डर गया था। बदमाशों के इरादे साफ थे – लूट और अगर कोई विरोध करे तो हिंसा।
लेकिन कभी-कभी एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े कांड को अंजाम तक पहुंचने से रोक देती है। यहाँ वो चिंगारी पिंकी की बहादुरी थी।
जब एक बदमाश ने पिंकी को एक हाथ से पकड़ा हुआ था और दूसरे में तमंचा था, वहीं दूसरा बदमाश बेटे आर्यांश को पकड़े था, तब पिंकी ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया।
बहू की बहादुरी; बदमाशों को घर में किया लॉक
पिंकी ने देखा कि एक बदमाश ने अपने चेहरे पर गमछा बांध रखा था। एक पल की भी देर किए बिना, पिंकी ने उस बदमाश का गमछा खींच लिया और पूरी ताकत से 'चोर-चोर' चिल्लाने लगी।
उसकी चीखें इतनी तेज थीं कि घर के पास से गुजर रहे कुछ लोग रुक गए और घर का दरवाजा पीटने लगे। बाहर लोगों की आहट सुनकर अंदर बदमाश घबरा गए।
अब उनके सामने एक ही रास्ता था – छत की ओर भागना।
बदमाशों के छत पर भागते ही राहुल, पिंकी और आर्यांश को मौका मिल गया। उन्होंने तुरंत घर का बाहर वाला दरवाजा बंद किया और उसमें ताला लगा दिया।
अब बदमाश घर के अंदर छत पर फंसे हुए थे और परिवार सुरक्षित बाहर था। बिना एक पल गंवाए, परिवार ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
उनका ये कदम कितना सही साबित हुआ, ये तो आगे की कहानी बताएगी।
पुलिस का घेराव; 2 घंटे चली भीषण मुठभेड़
सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई। कासगंज पुलिस फौरन पटियाली पहुंची और पूरे मकान को चारों ओर से घेर लिया।
अंदर जाने के लिए ऊंची सीढ़ी मंगाई गई। शाम करीब 7:15 बजे पुलिस टीम सीढ़ी के सहारे मकान के अंदर दाखिल हुई।
अंदर पुलिस के घुसते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
घर के अंदर से गोलियों की आवाजें गूंजने लगीं। करीब दो घंटे तक पुलिस और बदमाशों के बीच ये ऑपरेशन चला, जिसे मुठभेड़ नाम दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मकान के अंदर मौजूद बदमाशों ने उन पर फायरिंग की। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और गोली चलाई।
मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी। गोली लगने से घायल होने के बाद पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।
वहीं, तीसरा बदमाश भागने की कोशिश में तीसरी मंजिल से कूद गया, जिससे वह भी घायल हो गया। पुलिस ने तीनों घायल बदमाशों को अपनी सुरक्षा में इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।
इस तरह परिवार की हिम्मत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ये पूरा मामला सुलझा और बदमाश सलाखों के पीछे पहुंचे।

