नालंदा: बिहार के नालंदा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे हरनौत बाजार को सन्न कर दिया है। यहां एक पैथोलॉजी लैब में काम करने वाले 37 साल के सोनू कुमार को कुछ बदमाशों ने पहले फोन करके बुलाया, फिर धारदार चाकुओं से गोदकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। यह वारदात गुरुवार रात की है, जब आम दिनों की तरह सब कुछ शांत दिख रहा था। लेकिन उस रात, एक अनजान फोन कॉल ने सोनू की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और हर कोई बस यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर किसने और क्यों इतनी निर्ममता से सोनू की जान ले ली?
हरनौत थाना क्षेत्र का चेरण गांव, जहां के रहने वाले सोनू कुमार अपनी मेहनत से परिवार का पेट पाल रहे थे। वो हरनौत बाजार में एक पैथोलॉजी लैब में काम करते थे।
उनकी जिंदगी सामान्य चल रही थी, लेकिन फिर वो खौफनाक रात आई।
कैसे बिछाई गई मौत की बिसात?
गुरुवार की रात लगभग 11 बजे का वक्त था। सोनू अपने घर पर थे, तभी उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया।
कॉल करने वाले ने सोनू को हरनौत के शिवाजी मोहल्ले की तरफ बुलाया। सोनू को शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह कॉल उनकी जिंदगी का आखिरी बुलावा साबित होगा।
परिजनों के मुताबिक, जैसे ही सोनू उस बताए गए स्थान पर पहुंचे, पहले से घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावर पूरी तैयारी से आए थे और उन्होंने सोनू पर एक के बाद एक कई चाकू के वार किए।
चाकू के इन वारों से सोनू का शरीर लहूलुहान हो गया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने इतनी बेरहमी से वार किए थे कि उनके आंतरिक अंगों को भी गंभीर चोटें पहुंचीं।
सोनू वहीं अचेत होकर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने जब इस घटना को देखा तो तुरंत मदद के लिए आगे आए।
खून से लथपथ सोनू को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई, ताकि शायद उनकी जान बचाई जा सके।
अस्पतालों का सफर और आखिर में मौत
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग हरकत में आए और आनन-फानन में सोनू को कल्याणबीघा अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन यह साफ था कि उन्हें और बेहतर इलाज की जरूरत है।
कल्याणबीघा से उन्हें सदर अस्पताल बिहारशरीफ रेफर कर दिया गया। परिजनों को उम्मीद थी कि शायद यहां सोनू को बचाया जा सकेगा, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
बिहारशरीफ के डॉक्टरों ने भी स्थिति की गंभीरता को समझा और बिना देरी किए सोनू को पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया। एंबुलेंस में सोनू को लेकर परिजन पटना की तरफ भागे।
इस दौरान परिवार के सदस्यों की सांसें अटकी हुई थीं, हर कोई बस भगवान से प्रार्थना कर रहा था। पीएमसीएच में डॉक्टरों ने अपनी पूरी कोशिश की, लेकिन शुक्रवार को इलाज के दौरान सोनू कुमार ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल में मौजूद परिजनों के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं थी। उनके सारे सपने और उम्मीदें एक झटके में टूट गईं।
सोनू की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस की जांच और लोगों का गुस्सा
इस जघन्य वारदात की सूचना मिलते ही हरनौत थाने के थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और मौजूद लोगों से पूछताछ की।
थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजनों की ओर से औपचारिक आवेदन मिलते ही हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस फिलहाल इस हत्याकांड की तहकीकात में जुट गई है।
शुरुआती जांच में पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि इन फुटेज से हमलावरों की पहचान करने में मदद मिलेगी और मामले की गुत्थी सुलझ सकेगी।
सोनू की हत्या के बाद हरनौत बाजार और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों में इस वारदात को लेकर भारी आक्रोश है।
उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में आपराधिक वारदातों में तेजी आई है। दिनदहाड़े या रात के अंधेरे में हो रही ऐसी घटनाओं ने आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से इलाके में गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर नकेल कसने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते, तब तक शांति और सुरक्षा का माहौल स्थापित नहीं हो सकता।
पुलिस ने जनता को भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे और दोषियों को कानून के कटघरे में लाएंगे। फिलहाल, पुलिस की टीमें अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं और सोनू के मोबाइल की कॉल डिटेल्स भी खंगाली जा रही है ताकि उस अनजान कॉलर तक पहुंचा जा सके जिसने सोनू को मौत के मुंह में धकेला।

