बांका: बिहार के बांका जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटोरिया थाना क्षेत्र में एक स्कूल के छात्र आनंद कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बुधवार को बताया कि इस खौफनाक वारदात को किसी और ने नहीं, बल्कि खुद स्कूल के संचालक राजीव कुमार रंजन ने अंजाम दिया था। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद राजीव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर एक स्कूल का मालिक अपने ही छात्र की जान क्यों लेगा? कहानी थोड़ी पेचीदा है, और इसकी जड़ में छिपा है एक ऐसा राज, जिसे खुलने से रोकने के लिए हत्यारे ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड के पीछे की वजह बेहद निजी और शर्मनाक है। माउंट केरला आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र आनंद कुमार ने 20 जून की रात कुछ ऐसा देख लिया था, जिसे देखने की उसे शायद उम्मीद नहीं थी।
उसने स्कूल परिसर के अंदर ही संचालक राजीव कुमार रंजन को एक महिला शिक्षिका के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। यह नजारा आनंद के लिए जितना चौंकाने वाला था, राजीव के लिए उतना ही खतरे भरा।
उसे आशंका थी कि सुबह होते ही छात्र आनंद इस बात को सबके सामने ले आएगा, और फिर उसकी इज्जत और करियर दोनों दांव पर लग जाएंगे। इसी खौफ ने उसे हत्यारा बना दिया।
आपत्तिजनक हालात से उपजा खूनी खेल
बांका पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी संचालक राजीव कुमार रंजन को यह बात बर्दाश्त नहीं हुई कि उसकी यह करतूत किसी तीसरे ने देख ली है। 20 जून की रात का वो वाकया राजीव के मन में डर पैदा कर रहा था कि अगर आनंद ने सुबह यह राज खोल दिया, तो क्या होगा।
अपने निजी संबंध का यह राज दफन रखने के लिए उसने एक बेहद खौफनाक रास्ता चुना। बजाय इसके कि वह आनंद से बात करता या उसे समझाता, उसने सीधे हमला करने का फैसला कर लिया।
पुलिस के अनुसार, राजीव ने आनंद पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। बताया जा रहा है कि आरोपी ने करीब 20 बार चाकू से हमला किया, जिससे छात्र बुरी तरह घायल हो गया और खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।
इलाज के दौरान मौत और लोगों का आक्रोश
आनंद कुमार को गंभीर हालत में भागलपुर के मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी जिंदगी और मौत के बीच जंग चल रही थी। इधर, घटना को अंजाम देने के बाद स्कूल संचालक राजीव कुमार रंजन मौके से फरार हो गया था।
परिजन जब तक अस्पताल पहुँचते, राजीव वहाँ से गायब हो चुका था। 29 जून को, कई दिनों तक जिंदगी से जूझने के बाद, आनंद कुमार ने मायागंज अस्पताल में दम तोड़ दिया।
उसकी मौत की खबर जैसे ही बांका और उसके आसपास के इलाके में पहुँची, लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोग और आनंद के परिजन सड़कों पर उतर आए।
सड़कों पर विरोध और पुलिस पर हमला
आनंद की मौत के बाद लोगों का गुस्सा इस कदर भड़क उठा कि उन्होंने बांका में सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारी न्याय की मांग कर रहे थे और अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने की अपील कर रहे थे।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ कर दी। यह घटना पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गई, क्योंकि एक तरफ छात्र की हत्या का मामला था और दूसरी तरफ बिगड़ती कानून-व्यवस्था।
बांका के पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने तत्काल एक्शन लिया और पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए।
पुलिस की सघन जांच और आरोपी की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने खुद राधानगर स्थित माउंट केरला आवासीय विद्यालय और हॉस्टल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें विद्यालय और हॉस्टल दोनों बंद मिले।
एसपी ने बेलहर एसडीपीओ रविन्द्र मोहन प्रसाद, इंस्पेक्टर रंजीत कुमार और कटोरिया थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार से घटना से संबंधित पूरी जानकारी ली और जांच की प्रगति की समीक्षा की। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई और विद्यालय के सुरक्षा गार्ड से लगातार पूछताछ कर अहम सुराग जुटाए गए।
सड़क जाम और पुलिस वाहन में तोड़फोड़ के मामले में कटोरिया थाना में 35 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। पुलिस ने तुरंत छापेमारी अभियान चलाकर 23 लोगों को हिरासत में ले लिया, जिनमें एक विधि विरुद्ध बालक भी शामिल था।
खुलासा और आगे की कार्रवाई
पुलिस की सघन जांच और पूछताछ के बाद आखिरकार मुख्य आरोपी विद्यालय संचालक राजीव कुमार रंजन पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पूछताछ के दौरान राजीव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया कि उसने ही छात्र आनंद की हत्या की थी, क्योंकि उसे डर था कि आनंद उसके आपत्तिजनक संबंध का राज खोल देगा।
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। आरोपी राजीव कुमार रंजन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में बांका जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने बताया कि इस मामले का विस्तृत खुलासा बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि घटना के सभी पहलुओं और संभावित अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका का भी खुलासा किया जा सके।
यह मामला अभी पूरी तरह से सुलझा नहीं है, और पुलिस हर उस कड़ी को जोड़ने में लगी है, जिससे इस जघन्य अपराध के पीछे के सभी चेहरे बेनकाब हो सकें।

