बांका: बिहार के बांका जिले से रविवार की शाम एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। हुआ ये कि अमरपुर थाना क्षेत्र के रतनपुर मकदूम्मा पंचायत में बलिया गांव के पास कुछ बाइक सवार लोग अपने घर लौट रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद जो हुआ, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला था – बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर बिखरे 10 से ज़्यादा खोखे इस बात की गवाही दे रहे थे कि हमलावरों ने कितनी बेरहमी से इस वारदात को अंजाम दिया होगा।
जानकारी के मुताबिक, बदमाश एक स्कॉर्पियो में सवार थे और वारदात को अंजाम देने के बाद बड़े आराम से मौके से फरार हो गए। इस डबल मर्डर की खबर सुनते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
तुरंत बांका के एसपी अमितेश कुमार, एसडीपीओ अमर विश्वास और अमरपुर के थानाध्यक्ष राकेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे इलाके की घेराबंदी करके जांच-पड़ताल शुरू कर दी है, लेकिन सवाल ये है कि आखिर किसने और क्यों की ये निर्मम हत्याएं?
मौत से पहले का सफर और घात लगाकर बैठे हमलावर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मरने वाले दोनों शख्स सिट्टू सिंह (उम्र 35) और गुंजन सिंह (उम्र 40) के तौर पर पहचाने गए हैं। ये दोनों बांका शहर से अपने गांव की तरफ लौट रहे थे।
शाम का वक्त था और शायद उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि कुछ ही देर में उनके साथ क्या होने वाला है। प्रत्यक्षदर्शी सोनू ने पुलिस को बताया कि जैसे ही उनकी बाइक रतनपुर मकदूम्मा पंचायत के पास पहुंची, पहले से इंतज़ार कर रहे बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।
इसके बाद बिना कुछ समझे या सोचे, हमलावरों ने सिट्टू और गुंजन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
सोनू के मुताबिक, गोलियों की आवाज़ से पूरा इलाका गूंज उठा। एक के बाद एक 10 से ज़्यादा राउंड फायर किए गए।
आसपास के लोग आवाज़ सुनकर जब तक मौके पर पहुंचते, तब तक दोनों युवक ज़मीन पर बेसुध पड़े थे और उनकी सांसे थम चुकी थीं। हमलावर अपने स्कॉर्पियो में बैठकर वहां से चंपत हो चुके थे।
मौके पर पहुंचते ही लोगों ने देखा कि दोनों के शरीर पर कई गोलियों के निशान थे, जो इस बात की पुष्टि कर रहे थे कि ये किसी आपसी झगड़े का नतीजा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी।
दिल्ली से लौटा था 'जॉब' करने वाला बेटा, अब खून से लथपथ
इस घटना ने बलिया गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बना दिया है। हर कोई यही सोच रहा है कि आखिर इतने बेखौफ तरीके से कोई कैसे हत्या कर सकता है? मृतकों के परिवार में मातम पसरा हुआ है।
गांव के एक और ग्रामीण अजय ने पुलिस को कुछ अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह दोनों करीब एक हफ्ता पहले ही दिल्ली से अपने घर लौटे थे।
दोनों दिल्ली में एक कंपनी में काम करते थे।
अजय ने आशंका जताई कि शायद हमलावरों को उनके गांव लौटने की खबर थी और उन्होंने कई दिनों तक उनकी रेकी की होगी, यानी उनकी हर गतिविधि पर नज़र रखी होगी। इसके बाद सही मौका देखकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
यह बात पुलिस के लिए भी एक बड़ा सुराग है, जो यह बताता है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे गहरी साज़िश हो सकती है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का तरीका
बांका एसपी अमितेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत की सही वजह और शरीर पर लगी चोटों का सटीक ब्योरा मिल सके।
घटनास्थल से जो साक्ष्य (जैसे गोलियों के खोखे) मिले हैं, उनके आधार पर पुलिस अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।
एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हत्या 'आपसी रंजिश' का नतीजा लग रही है। हालांकि, अभी यह सिर्फ एक शुरुआती आकलन है और पुलिस इसकी तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
मामले की और गहन जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। FSL टीम घटनास्थल से वैज्ञानिक सबूत जुटाएगी, जिससे अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी, वहीं डॉग स्क्वायड अपराधियों के भागने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश करेगा।
एसपी ने यह भी पुष्टि की कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा करने की उम्मीद कर रही है। पूरी पुलिस टीम इस मामले को सुलझाने में मुस्तैदी से जुटी हुई है।




































