देवघर: झारखंड के देवघर जिले से एक ऐसी खबर आई है, जिसने लोगों को सिर्फ चौंकाया ही नहीं, बल्कि अंदर तक झकझोर कर रख दिया है. सोचिए, एक होम्योपैथिक डॉक्टर, जो लोगों की सेहत का ख्याल रखता है, उसे खाने के बिल को लेकर हुए झगड़े में चाकू मार दिया जाता है. और बात यहीं खत्म नहीं होती, आरोप है कि इस हमले के साथ ही मौके से करीब 41 हजार रुपए की नकदी भी लूट ली गई. ये पूरी वारदात देवघर के पथरोल थाना क्षेत्र में हुई, जहां डॉ. निर्मल प्रमाणिक नाम के इस डॉक्टर पर जानलेवा हमला हुआ और अब वो एम्स देवघर में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं.
ये कोई मामूली सड़क किनारे का झगड़ा नहीं था, बल्कि एक रेस्टोरेंट के अंदर हुई खूनी वारदात है, जिसकी जड़ें पुरानी रंजिश और पैसों के लेन-देन से जुड़ी हैं. डॉ.
निर्मल प्रमाणिक मूल रूप से मधुपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. असल में, उनका साला पथरोल इलाके में एक किराए के मकान में रेस्टोरेंट चलाता है.
ये रेस्टोरेंट ही इस पूरे घटनाक्रम का केंद्र बन गया, जहां खाने के बिल ने एक जानलेवा हमले की स्क्रिप्ट लिख दी.
इस कहानी में खलनायक का किरदार निभा रहा है मकान मालिक सनोज पासी, जिस पर आरोप है कि वो अक्सर रेस्टोरेंट में खाना तो खा लेता था, लेकिन बिल चुकाने के नाम पर हमेशा कन्नी काट जाता था. ये सिलसिला एक-दो बार का नहीं था, बल्कि लगातार चल रहा था.
इसी वजह से रेस्टोरेंट संचालक और मकान मालिक के बीच पहले भी कई बार तीखी बहस हो चुकी थी. ये झगड़ा धीरे-धीरे शांत होने की बजाय और गहराता जा रहा था, और बीती रात इसने एक भयानक मोड़ ले लिया.
खाने के बिल पर फूटा गुस्सा: कैसे हुई चाकूबाजी?
बीती रात भी वैसा ही हुआ. खाने के बिल को लेकर एक बार फिर सनोज पासी और रेस्टोरेंट के मालिक के बीच जोरदार बहस शुरू हो गई.
शुरू में बात जुबानी थी, लेकिन धीरे-धीरे गुस्सा इतना बढ़ गया कि माहौल में तनाव साफ देखा जा सकता था. देखते ही देखते ये बहस मारपीट में बदल गई.
दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश करने लगे, जिससे रेस्टोरेंट के अंदर अफरा-तफरी मच गई.
इसी बीच, डॉ. निर्मल प्रमाणिक, जो उस समय वहीं मौजूद थे, उन्होंने देखा कि स्थिति बेकाबू हो रही है.
वे झगड़ा शांत कराने के इरादे से बीच-बचाव करने के लिए आगे बढ़े. शायद उन्हें लगा होगा कि उनकी मौजूदगी से मामला शांत हो जाएगा.
लेकिन उनकी ये नेक नीयत उन्हें भारी पड़ गई. परिवार का आरोप है कि जब डॉ.
प्रमाणिक मारपीट रोकने की कोशिश कर रहे थे, तभी सनोज पासी और उसके साथियों ने उन पर अचानक चाकू से जानलेवा हमला कर दिया. चाकू के वार से डॉ.
प्रमाणिक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े. खून से लथपथ डॉक्टर को देखकर रेस्टोरेंट में मौजूद सभी लोग सहम गए.
किसी को समझ नहीं आ रहा था कि पल भर में क्या हो गया.
चाकू के साथ-साथ 41 हजार की लूट का आरोप
परिजन यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक और गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इस हमले के दौरान, हमलावरों ने रेस्टोरेंट के कैश काउंटर से करीब 41 हजार रुपए नकद भी लूट लिए.
यह आरोप इस पूरी घटना को और भी संगीन बना देता है, क्योंकि यह सिर्फ मारपीट का मामला नहीं रह जाता, बल्कि लूट और जानलेवा हमले का बन जाता है. अचानक हुई इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर स्थिति को संभाला और तुरंत पथरोल थाना पुलिस को इसकी सूचना दी.
पुलिस की तत्परता और एम्स में इलाज की चुनौती
खबर मिलते ही पथरोल थाना पुलिस बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची. पुलिस ने देखा कि डॉ.
निर्मल प्रमाणिक गंभीर रूप से घायल पड़े हैं. उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से मधुपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया.
डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बिना देर किए उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स देवघर रेफर कर दिया. फिलहाल, डॉ.
प्रमाणिक एम्स देवघर में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है.
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है. हर छोटे से छोटे सबूत को जुटाया गया है ताकि हमलावरों तक पहुंचा जा सके.
पुलिस ने घटना के संबंध में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है. रेस्टोरेंट संचालक और डॉ.
प्रमाणिक के परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की हर पहलू से गंभीरता से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती हिंसा और छोटी-छोटी बातों पर लोगों के उग्र होने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. देखना होगा कि डॉ.
निर्मल प्रमाणिक को कब तक न्याय मिलता है और वे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवार के पास लौट पाते हैं.




































