मुंबई: जापान में अगले महीने होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान हो चुका है। और यार, ये सिर्फ टीम का ऐलान नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई दिलचस्प किस्से और चौंकाने वाले फैसले भी हैं। कौन सी खिलाड़ी को बाहर का रास्ता दिखाया गया, किसे पहली बार मिला देश के लिए खेलने का मौका और टीम की कमान किसके मजबूत कंधों पर है – ऐसे तमाम सवालों पर से पर्दा उठ गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सीनियर चयन समिति ने बड़ी माथापच्ची के बाद खिलाड़ियों का चुनाव किया है, जिसमें अनुभवी चेहरों के साथ-साथ एक नए नवेले खिलाड़ी को भी जगह दी गई है। हरमनप्रीत कौर को एक बार फिर कप्तान बनाया गया है, वहीं अपनी स्टाइलिश बल्लेबाजी से दर्शकों का दिल जीतने वाली स्मृति मंधाना उपकप्तान होंगी। लेकिन सबसे बड़ी खबर है विकेटकीपर यास्तिका भाटिया का टीम से बाहर होना और उनकी जगह 17 साल की एक युवा प्रतिभा जी. कमलिनी को मौका मिलना। यह टीम सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीय फैन्स की उम्मीदें लेकर जापान रवाना होगी।
कप्तानी की कमान और उपकप्तानी का जिम्मा: अनुभव की ताकत
टीम की कमान एक बार फिर धाकड़ ऑलराउंडर हरमनप्रीत कौर के हाथों में सौंपी गई है। हरमनप्रीत ने अपनी जुझारू बल्लेबाजी और शानदार कप्तानी से भारतीय महिला टीम को कई यादगार जीत दिलाई हैं।
उनकी आक्रामक शैली और मुश्किल परिस्थितियों में शांत रहने की क्षमता टीम के लिए वरदान साबित होती है। वहीं, उपकप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगी बाएं हाथ की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना, जिन्हें 'लेडी सहवाग' भी कहा जाता है।
मंधाना की बल्लेबाजी में ग्रेस और पावर का ऐसा संगम है कि वह मैदान पर उतरते ही दर्शकों का ध्यान खींच लेती हैं। इन दोनों के कंधों पर टीम को एकजुट रखने, सही रणनीति बनाने और मैदान पर उसे अमलीजामा पहनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
चयनकर्ताओं ने टीम में शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर भी भरोसा जताया है, जो अपने-अपने विभागों में माहिर हैं और किसी भी वक्त खेल का रुख पलट सकती हैं।
यास्तिका भाटिया बाहर; 17 साल की जी. कमलिनी को मिला बड़ा मौका!
इस टीम सेलेक्शन की सबसे बड़ी हेडलाइन बनी विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया का बाहर होना। सच कहें तो यास्तिका पिछले कुछ समय से अपने फॉर्म से जूझ रही थीं।
खासकर वर्ल्ड कप के दौरान उन्हें जो मौके मिले, वह उनका फायदा नहीं उठा पाईं। आंकड़े भी इसकी गवाही देते हैं; वर्ल्ड कप के 4 मैचों की 3 पारियों में उन्होंने केवल 41 रन बनाए, वो भी 13.
66 की औसत और 117.14 के स्ट्राइक रेट से।
यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उम्मीदों से काफी कम था। शायद चयनकर्ताओं को लगा कि अब बदलाव का वक्त आ गया है।
और ये बदलाव एक बेहद युवा और प्रतिभाशाली चेहरे के रूप में सामने आया है – जी. कमलिनी! मुंबई इंडियंस से खेलने वाली यह 17 साल की विकेटकीपर, अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचने में कामयाब रही हैं।
WPL में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था और अब उन्हें सीधे एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर मौका मिला है। यह फैसला साफ दिखाता है कि चयन समिति अब सिर्फ वर्तमान नहीं, बल्कि भविष्य की टीम को भी तराश रही है।
कमलिनी के लिए यह एक सपने जैसा मौका है और उम्मीद है कि वह इसे पूरी तरह से भुनाएंगी।
फिटनेस से वापसी और गेंदबाजी का मोर्चा
एक और अच्छी खबर ये है कि स्पिन ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल को फिटनेस क्लीयरेंस मिलने के बाद टीम में जगह दी गई है। श्रेयंका टी-20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड के खिलाफ टखने में चोट लगने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गई थीं।
उनकी वापसी टीम को मध्यक्रम में बल्लेबाजी के साथ-साथ उपयोगी स्पिन गेंदबाजी का विकल्प भी देगी। हालांकि, उनकी जगह वर्ल्ड कप टीम में शामिल रहीं प्रेमा रावत को इस बार स्क्वॉड में जगह नहीं मिल पाई है।
तेज गेंदबाजी का मोर्चा रेणुका सिंह ठाकुर और अरुंधति रेड्डी संभालेंगी। रेणुका अपनी शानदार स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ के लिए जानी जाती हैं, जो शुरुआत में ही विरोधी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में माहिर हैं।
वहीं, अरुंधति भी महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकालने की क्षमता रखती हैं। स्पिन विभाग में राधा यादव और श्रेयंका पाटिल के साथ-साथ दीप्ति शर्मा का अनुभव टीम के लिए बहुत खास होगा।
ये तीनों स्पिनर मिलकर विरोधी टीमों को मुश्किल में डाल सकती हैं। भारती फुलमाली, श्री चरणी, क्रांति गौड़ और नंदनी शर्मा जैसे नाम भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं, जो टीम की बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करेंगे।
एशियन गेम्स: टी20 फॉर्मेट और भारत की स्वर्णिम उम्मीदें
एशियन गेम्स में क्रिकेट इवेंट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा। यह फॉर्मेट भारतीय टीम के लिए काफी परिचित और मजबूत रहा है।
खास बात यह है कि ICC रैंकिंग में टॉप टीमों में शामिल होने के कारण भारतीय महिला टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल या नॉकआउट स्टेज में एंट्री मिलने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि टीम को लीग चरण की लंबी प्रक्रिया से गुजरने की बजाय सीधे बड़े और निर्णायक मुकाबलों पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलेगा।
पिछले कुछ एशियन गेम्स की तरह इस बार भी भारतीय टीम का मुख्य मुकाबला पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी एशियाई टीमों से होने की उम्मीद है। इन टीमों के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड अक्सर अच्छा रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी टीम को कम आंकना गलती होगी।
टीम मैनेजमेंट और मुख्य कोच, खिलाड़ियों के वर्कलोड और उनकी फिटनेस पर लगातार पैनी नजर रखे हुए हैं, ताकि टूर्नामेंट के दौरान कोई भी खिलाड़ी अनफिट न हो। हर खिलाड़ी को मैच के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना होगा।
एशियन गेम्स 2026 के लिए पूरा भारतीय स्क्वॉड एक नजर में:
- हरमनप्रीत कौर (कप्तान)
- स्मृति मंधाना (उप-कप्तान)
- शेफाली वर्मा
- जेमिमा रोड्रिग्स
- दीप्ति शर्मा
- ऋचा घोष (विकेटकीपर)
- जी. कमलिनी (विकेटकीपर)
- भारती फुलमाली
- श्री चरणी
- रेणुका ठाकुर
- क्रांति गौड़
- अरुंधति रेड्डी
- श्रेयांका पाटिल
- राधा यादव
- नंदनी शर्मा
यह है वो टीम, जिसे भारत का झंडा बुलंद करने के लिए जापान भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि ये लड़कियां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगी और देश के लिए एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जरूर लाएंगी!

