लंदन: टेनिस की दुनिया का सबसे बड़ा और पुराना टूर्नामेंट, विंबलडन, शुरू हो चुका है. पहले ही दिन सोमवार को ऑल इंग्लैंड क्लब में ऐसी तस्वीरें सामने आईं कि देखने वाले दांतों तले उंगली दबा लिए. जहां डिफेंडिंग चैंपियन जानिक सिनर हारते-हारते बचे, वहीं 39 साल के नोवाक जोकोविच ने भी मुश्किल जीत के साथ अपने अभियान का आगाज़ किया. सिनर के जूते से तो खून तक निकल आया था, लेकिन इस इटैलियन स्टार ने हार नहीं मानी और गज़ब का जुझारूपन दिखाया.
सिनर का मुकाबला सर्बिया के 26 साल के मियोमिर केकमानोविच से था. मैच इतना ज़बरदस्त चला कि साढ़े तीन घंटे तक कोर्ट पर दर्शकों की साँसें अटकी रहीं.
एक वक्त तो ऐसा था जब सिनर 1-2 सेट से पीछे चल रहे थे और लग रहा था कि चैंपियन पहले ही दौर में बाहर हो जाएंगे. लेकिन, कहानी में ट्विस्ट आया, और ये ट्विस्ट दर्द और हौसले से भरा था.
नाखून उखड़ गया, फिर भी नहीं मानी हार!
जानिक सिनर के लिए मुकाबला सिर्फ प्रतिद्वंद्वी से नहीं, बल्कि अपने शरीर से भी था. चौथे सेट के दौरान ही उनके पैर में गंभीर चोट लग गई.
उन्होंने बाद में बताया कि उनके पैर के अंगूठे का नाखून उखड़ गया था. ज़रा सोचिए, इतने दर्द में भी कोई खिलाड़ी कैसे खेल सकता है! लेकिन, सिनर ने दर्द की परवाह किए बिना खेलना जारी रखा.
जूते से खून रिसता रहा, ये बात कैमरे में साफ कैद हुई, जिससे पता चला कि वो कितने गंभीर दर्द से जूझ रहे थे.
उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था कि कभी भी 'रिटायर हर्ट' होना पड़ सकता है और वो मैच बीच में ही छोड़ देंगे, लेकिन इस चैंपियन ने इरादे को मजबूत रखा. उन्होंने लगातार दो सेट जीतकर मुकाबला 4-6, 6-3, 6-7, 6-2, 6-3 से अपने नाम कर लिया.
उनकी इस धमाकेदार वापसी ने फैंस का दिल जीत लिया और स्टैंड में बैठे दर्शक उनके जज्बे को सलाम करते दिखे.
जीत के बाद सिनर ने जो कहा, वो उनके जज़्बे को बयां करता है, "सेंटर कोर्ट पर पहला मैच खेलना मेरे लिए सम्मान की बात है. शुरुआत में थोड़ी घबराहट थी, नर्वस था, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं खुद को संभाल पाया और यह मैच जीत सका.
" सिनर की ये जीत सिर्फ एक मैच नहीं थी, बल्कि ये उनके मानसिक दृढ़ता का प्रमाण थी.
रिकॉर्ड बनाने चले जोकोविच की भी हुई कड़ी परीक्षा
उधर, 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब के साथ नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश में जुटे सर्बिया के लीजेंड खिलाड़ी नोवाक जोकोविच भी कोर्ट पर उतरे. 39 साल के इस धुरंधर का पहला मुकाबला चीन के वू यिबिंग से था.
जोकोविच ने जीत तो हासिल कर ली, लेकिन उन्हें इसके लिए चार सेट तक पसीना बहाना पड़ा, जो उनके कद के खिलाड़ी के लिए पहले दौर में आसान नहीं माना जाता.
ये जोकोविच के लिए फ्रेंच ओपन में ब्राजील के युवा खिलाड़ी जोआओ फोंसेका से हारने के बाद पहला मैच था, तो उन पर दबाव भी कुछ कम नहीं था. कोर्ट पर वापसी करते ही चुनौती का सामना करना उनके लिए एक कड़ा संदेश था कि राह इतनी आसान नहीं होने वाली.
जीत के बाद जोकोविच ने अपनी थकान और चुनौती का जिक्र किया.
उन्होंने कहा, "आज का मैच वाकई मेरे लिए मुश्किल था. मैं जीत से खुश तो हूं, लेकिन पूरी तरह तरोताजा महसूस नहीं कर रहा.
सच कहूं तो कोर्ट पर ऐसा लगा ही नहीं कि यह टूर्नामेंट का पहला ही दौर है." साफ है, जोकोविच के लिए भी यह विंबलडन का सफर आसान नहीं होने वाला है, उन्हें हर कदम पर अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म दिखानी होगी.
ओसाका का 'किमोनो' लुक और कोर्ट पर जबरदस्त वापसी
महिला एकल में जापान की स्टार खिलाड़ी नाओमी ओसाका भी एक्शन में थीं. उन्होंने सिर्फ मैच ही नहीं जीता, बल्कि अपने स्टाइल स्टेटमेंट से भी सबका ध्यान खींचा.
विंबलडन अपने सख्त ड्रेस कोड के लिए जाना जाता है, जहां खिलाड़ियों को सिर्फ सफेद कपड़े पहनने की अनुमति होती है. लेकिन ओसाका ने इस नियम के बीच भी अपनी पहचान बनाई.
उन्होंने पारंपरिक जापानी पोशाक 'किमोनो' स्टाइल की सफेद ड्रेस पहनकर कोर्ट पर कदम रखा. उनका ये अंदाज देखते ही बन रहा था और आते-जाते लोगों की नजरें उन पर टिक गईं.
ओसाका ने एक बार फिर दिखाया कि वो सिर्फ कोर्ट पर ही नहीं, बल्कि फैशन के मामले में भी अपनी छाप छोड़ना जानती हैं.
कोर्ट के अंदर, चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन ओसाका ने फ्रांस की एल्सा जैकमोट को 6-1, 7-5 से आसानी से हरा दिया और दूसरे दौर में जगह बना ली. ये उनके लिए एक आत्मविश्वास बढ़ाने वाली जीत थी, खासकर एक लंबे ब्रेक के बाद कोर्ट पर वापसी करते हुए.
ओसाका की ये जीत और उनका खास अंदाज दोनों ही विंबलडन के पहले दिन की सुर्खियां बन गए.
तो देखा आपने, विंबलडन के पहले ही दिन कितना कुछ देखने को मिला! डिफेंडिंग चैंपियन का संघर्ष, एक दिग्गज की कठिन जीत और एक फैशन स्टेटमेंट के साथ स्टार खिलाड़ी की धमाकेदार वापसी. ये तो सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में और भी कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे, इसमें कोई शक नहीं.
विंबलडन ने अपने पहले ही दिन से माहौल गरम कर दिया है.

