मुंबई: शेयर बाजार का खेल भी गजब है. कभी ऊपर, कभी नीचे, निवेशकों के दिल की धड़कनें बढ़ाए रखता है. बीते दिन यानी 9 जुलाई को भी बाजार ने खूब पलटी मारी. पूरे दिन उतार-चढ़ाव का माहौल रहा, लेकिन जब घंटी बजी तो भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ. जी हां, जिसने सोचा था कि मार्केट नीचे गिरेगा, उसे थोड़ी मायूसी हाथ लगी, क्योंकि निफ्टी एक बार फिर 23,950 के अहम स्तर के ऊपर टिकने में कामयाब रहा, जो अपने आप में एक राहत भरी खबर है.
तो कुल मिलाकर, मुंबई का दलाल स्ट्रीट, जहां निवेशकों की उम्मीदें सांस लेती हैं, वहां 9 जुलाई को उतार-चढ़ाव का ऐसा रंग देखने को मिला कि बड़े-बड़ों को चक्कर आ जाएं. दिनभर कभी ऊपर, कभी नीचे, लेकिन जब फाइनल हिसाब-किताब हुआ, तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 238.22 अंक या कहें तो 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,741.82 के आंकड़े पर जा पहुंचा.
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और 80.75 अंक या 0.34 प्रतिशत ऊपर जाकर 23,962.80 पर अपनी क्लोजिंग दी. कुल मिलाकर, ये निवेशकों के लिए एक बढ़िया खबर थी.
आज के दिन अगर शेयरों की बात करें, तो बाजार में कुल 2793 शेयरों में उछाल देखा गया, यानी उनकी कीमतें बढ़ीं. वहीं, 1263 शेयरों में गिरावट दर्ज हुई और 167 शेयर ऐसे रहे जिनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं आया.
ये आंकड़े बताते हैं कि बाजार में खरीदारी का जोर बना हुआ था और निवेशकों ने मौके का फायदा उठाया.
किसने लगाया चौका और कौन हुआ क्लीन बोल्ड?
अब जरा उन शेयरों की बात करते हैं, जिन्होंने निफ्टी को ऊपर खींचने में सबसे ज्यादा मदद की. निफ्टी में शामिल शेयरों में सन फार्मा ने सबसे तगड़ी छलांग लगाई.
इसके शेयर 2.6 प्रतिशत ऊपर चढ़े और ये आज का टॉप गेनर रहा. इसके ठीक बाद भारती एयरटेल का नंबर आया, जो 2.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ.
हवाई सफर कराने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन भी 2 प्रतिशत ऊपर गई. कोटक महिंद्रा बैंक ने 1.9 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया.
इन बड़े नामों ने बाजार को सहारा दिया.
लेकिन जहां कुछ शेयरों ने निवेशकों की झोली भरी, वहीं कुछ ने थोड़ा निराश भी किया. आज की लिस्ट में डॉ.
रेड्डीज़ लैबोरेटरीज सबसे ज्यादा टूटा, इसके शेयर में 5.9 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई. इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस भी 1.7 प्रतिशत नीचे खिसक गई.
ऑटोमोबाइल सेक्टर से मारुति सुजुकी को भी 1.6 प्रतिशत का नुकसान हुआ. सरकारी बिजली कंपनी एनटीपीसी और तेल और गैस की बड़ी खिलाड़ी ओएनजीसी भी क्रमश: 1.4 प्रतिशत और 1.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए.
कुल मिलाकर, इन शेयरों में बिकवाली का दबाव साफ दिख रहा था.
कौन सा सेक्टर रहा हिट, कौन सा फ्लॉप?
अब बात करते हैं अलग-अलग सेक्टर्स की. 9 जुलाई को ज्यादातर सेक्टर्स का परफॉर्मेंस पॉजिटिव रहा, यानी उनमें खरीदारी दिखी.
सबसे शानदार प्रदर्शन किया निफ्टी रियल्टी ने, जो 3.5 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ टॉप पर रहा. इसके बाद मीडिया सेक्टर (2 प्रतिशत), सरकारी बैंक यानी पीएसयू बैंक (1.6 प्रतिशत) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.6 प्रतिशत) ने भी अच्छा प्रदर्शन किया.
इन सेक्टर्स में निवेशकों का भरोसा साफ दिख रहा था.
वहीं, कुछ सेक्टर ऐसे भी रहे जहां थोड़ी उदासी छाई रही. निफ्टी आईटी सेक्टर में 0.47 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी ऑटो भी 0.25 प्रतिशत नीचे बंद हुआ.
ये आंकड़े बताते हैं कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर में कुछ चुनौतियां या बिकवाली का दबाव देखने को मिला.
छोटे और मझोले शेयरों की बात करें, तो इन्होंने आज के दिन कमाल कर दिया. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.8 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़त हुई.
इसका मतलब है कि इन शेयरों ने बड़े बेंचमार्क इंडेक्सों से भी बेहतर प्रदर्शन किया, जो नए निवेशकों और लंबी अवधि के लिए निवेश करने वालों के लिए एक अच्छी खबर हो सकती है.
तो अब आगे क्या, बाजार का अगला कदम क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल, कि कल यानी 10 जुलाई को बाजार की चाल कैसी रह सकती है? इसके लिए हमने बात की HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी से. उनका कहना है कि बुधवार को जो बाजार में भारी गिरावट आई थी, उसके बाद गुरुवार को निफ्टी ने वापसी की कोशिश की है.
80 अंकों की बढ़त के साथ बंद होना एक पॉजिटिव साइन है. नागराज शेट्टी ने डेली चार्ट पर बने एक खास कैंडल पैटर्न का जिक्र किया, जिसे 'इनवर्टेड हैमर' (inverted hammer) कहते हैं.
उन्होंने बताया कि इसमें एक छोटी पॉजिटिव कैंडल बनती है, जिसके ऊपर लंबी शैडो होती है. आमतौर पर, गिरावट के बाद ऐसी बनावट को अगर कन्फर्मेशन मिल जाए, तो इसे 'बुलिश रिवर्सल' (bullish reversal) माना जा सकता है, यानी बाजार फिर से ऊपर की ओर मुड़ सकता है.
शेट्टी साहब का ये भी कहना है कि निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड अभी भी थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला और कमजोर बना हुआ है, इस बात को हल्के में नहीं लिया जा सकता. लेकिन 23800 के सपोर्ट लेवल के पास से वापसी के जो संकेत मिल रहे हैं, वो शॉर्ट-टर्म के लिए अच्छे हैं.
उनकी मानें तो अगर निफ्टी 24200-24300 के लेवल से ऊपर टिकाऊ बढ़त बना पाता है, तो बाजार में और 'शॉर्ट कवरिंग' (short covering) देखने को मिल सकती है, जिससे बाजार को और ऊपर जाने का मौका मिलेगा.
इस बीच, जियोजित इन्वेस्टमेंट से अभिनव तिवारी ने भी अपनी राय दी. उनका मानना है कि आगे जून तिमाही के नतीजों का मौसम अब बाजार की दिशा तय करने वाला सबसे बड़ा फैक्टर होगा.
कंपनियां अपने तिमाही नतीजे घोषित करना शुरू करेंगी और इन्हीं नतीजों के आधार पर शेयरों में उठा-पटक देखने को मिलेगी. अभिनव तिवारी ने साफ कहा कि इसके चलते 'स्टॉक स्पेसिफिक वोलैटिलिटी' (stock specific volatility) देखने को मिल सकती है, यानी कुछ शेयरों में तेजी आएगी तो कुछ में गिरावट, यह सब उनके नतीजों पर निर्भर करेगा.
तो कुल मिलाकर, निवेशकों को अगले कुछ दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजों पर पैनी नजर रखनी होगी. बाजार में अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक, उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
लेकिन 9 जुलाई की क्लोजिंग ने एक उम्मीद की किरण तो जरूर दिखाई है.





































