मुंबई: देश के वित्तीय गलियारों में इन दिनों एक नाम खूब चर्चा में है – पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड। यह कोई आम-सा फंड नहीं, बल्कि भारत की सबसे बड़ी ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जिसका जून 2026 तक एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 1.43 लाख करोड़ रुपये पहुंच चुका है। सोचिए, कितना बड़ा खेल चलता है यहां!
मोटा-मोटी समझें तो, फ्लेक्सी कैप फंड वो होते हैं जिन्हें किसी तय दायरे में बांधा नहीं जाता। ये फंड मैनेजर को खुली छूट देते हैं कि वो चाहे तो बड़ी कंपनियों (लार्ज कैप), मंझोली कंपनियों (मिड कैप) या छोटी कंपनियों (स्मॉल कैप) में अपनी मर्जी से पैसा लगा सकें।
ये फंड की अपनी समझदारी और बाजार के संकेतों पर निर्भर करता है कि कहां दांव लगाना है। और यही वजह है कि ऐसे फंड अक्सर अच्छे रिटर्न की उम्मीद जगाते हैं, क्योंकि उनके पास बाजार के हिसाब से अपनी स्ट्रैटेजी बदलने की पूरी आजादी होती है।
तो अब सवाल ये उठता है कि जून 2026 के महीने में इस बड़े फंड ने अपने पोर्टफोलियो में क्या-क्या फेरबदल किए? किन शेयरों में उन्होंने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और किनसे थोड़ी दूरी बनाई? आइए, इस रिपोर्ट में एक-एक करके सारी बातों की परतें खोलते हैं, बिल्कुल सीधे और सरल तरीके से।
जून में फंड मैनेजर ने किन शेयरों पर ज्यादा भरोसा दिखाया?
अगर जून महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने सबसे ज्यादा भरोसा बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर पर दिखाया है। ऐसा लगता है कि फंड मैनेजर को भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार और खासकर बैंकों के प्रदर्शन पर पूरा विश्वास है।
उन्होंने कई बड़े नामों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।
- HDFC Bank: फंड ने इस दिग्गज बैंक में अपनी हिस्सेदारी 7.88% से बढ़ाकर 8.33% कर दी, यानी 0.45% अंकों की बढ़ोतरी। ये दिखाता है कि फंड को बैंकिंग सेक्टर में इसका भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है।
- ICICI Bank: एक और प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक, ICICI Bank में भी हिस्सेदारी 5.11% से बढ़कर 5.52% हो गई। यहां 0.41% अंकों का इजाफा देखने को मिला।
- ITC: एफएमसीजी और होटल सेक्टर की इस मल्टीबैगर कंपनी में भी फंड ने दांव बढ़ाया। मई में जहां ये 5.84% थी, जून में बढ़कर 6.07% हो गई, मतलब 0.23% अंकों की बढ़ोतरी।
- Bharti Airtel: टेलीकॉम सेक्टर की इस बड़ी कंपनी में भी फंड ने अपनी पकड़ मजबूत की। हिस्सेदारी 2.74% से बढ़कर 2.94% हो गई, यानी 0.20% अंकों का उछाल।
- Bajaj Holdings & Investment: इस नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) में भी फंड ने 0.15% अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की, जो मई में 4.48% से बढ़कर जून में 4.63% हो गई।
- Axis Bank: लिस्ट में एक और बैंक, Axis Bank में भी 0.14% अंकों का इजाफा हुआ, जिससे इसकी हिस्सेदारी 3.02% से बढ़कर 3.16% हो गई।
- Mahindra & Mahindra: ऑटोमोबाइल और कृषि उपकरण बनाने वाली इस बड़ी कंपनी में भी फंड ने अपना निवेश बढ़ाया। इसकी हिस्सेदारी 3.45% से बढ़कर 3.56% हो गई।
- Kotak Mahindra Bank: बैंकिंग सेक्टर का ये नाम भी फंड की पसंद रहा। इसमें हिस्सेदारी 4.12% से बढ़कर 4.23% हुई।
- Zydus Wellness: हेल्थकेयर और वेलनेस प्रोडक्ट्स बनाने वाली इस कंपनी में भी फंड ने 0.10% अंकों का निवेश बढ़ाया।
- Indraprastha Gas: गैस डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में काम करने वाली इस कंपनी में भी फंड ने 0.09% अंकों की बढ़ोतरी की।
इन सबके अलावा, एक और अहम बात ये है कि फंड ने जून महीने में Petronet LNG में बिल्कुल नई पोजिशन बनाई है। इसका मतलब है कि फंड मैनेजर को इस सेक्टर और कंपनी में भविष्य में अच्छी ग्रोथ के मौके दिख रहे हैं। कुल मिलाकर, फंड ने भारतीय घरेलू बाजार पर, खासकर बैंकिंग और कुछ चुनिंदा एफएमसीजी व ऑटोमोबाइल कंपनियों पर, अपना विश्वास जताया है।
किन शेयरों में फंड ने अपनी हिस्सेदारी कम की?
अब बात करते हैं उन कंपनियों की, जिनसे फंड ने थोड़ी दूरी बनाई है। दिलचस्प बात ये है कि ज्यादातर कटौती विदेशी, खासकर अमेरिकी टेक कंपनियों में देखने को मिली है।
ऐसा लगता है कि फंड मैनेजर ग्लोबल मार्केट के जोखिमों को बैलेंस कर रहे हैं या फिर प्रॉफिट बुकिंग के मूड में हैं।
- Microsoft: टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट में फंड ने अपनी हिस्सेदारी 2.22% से घटाकर 1.81% कर दी, यानी 0.41% अंकों की कमी।
- Alphabet (Google की पैरेंट कंपनी): इस बड़े नाम में भी फंड ने अपनी हिस्सेदारी 4.83% से घटाकर 4.46% कर दी, जो 0.37% अंकों की कटौती है।
- Amazon: ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग के इस धुरंधर में भी फंड ने अपनी हिस्सेदारी 2.51% से कम करके 2.19% कर दी, 0.32% अंकों की गिरावट।
- Meta Platforms (Facebook की पैरेंट कंपनी): सोशल मीडिया की इस कंपनी में भी फंड ने 2.51% से 2.20% तक हिस्सेदारी घटाई।
यह दिखाता है कि फंड मैनेजर अमेरिकी टेक स्टॉक्स में अपने एक्सपोजर को थोड़ा कम कर रहे हैं, शायद इसलिए क्योंकि वे भारतीय बाजार पर ज्यादा फोकस करना चाहते हैं या फिर अमेरिकी बाजारों में कुछ मंदी की आशंकाओं के चलते सतर्कता बरत रहे हैं।
सिर्फ विदेशी कंपनियों ही नहीं, भारत में भी कुछ शेयरों से फंड ने अपना एक्सपोजर थोड़ा कम किया है। इनमें Coal India (0.31% अंकों की कमी), Power Grid Corporation of India (0.18% अंकों की कमी), HCL Technologies (0.16% अंकों की कमी), Infosys (0.08% अंकों की कमी) और Tata Consultancy Services (0.03% अंकों की कमी) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन कटौतियों से ये तो साफ है कि फंड किसी एक शेयर से पूरी तरह बाहर नहीं निकला है, बल्कि अपनी मौजूदा होल्डिंग्स को ही थोड़ा एडजस्ट किया है।
फंड की टॉप 10 होल्डिंग्स क्या हैं, और ये क्या बताती हैं?
अब बात करते हैं फंड की उन टॉप 10 कंपनियों की जिनमें उनकी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। ये लिस्ट हमें एक मोटी-मोटी तस्वीर देती है कि फंड की ओवरऑल फिलॉसफी और सबसे मजबूत दांव कहां लगे हैं।
जून 2026 तक की स्थिति के अनुसार, ये रही फंड की टॉप 10 होल्डिंग्स:
- HDFC Bank: 8.33%
- Power Grid Corporation of India: 6.23%
- ITC: 6.07%
- ICICI Bank: 5.52%
- Coal India: 5.35%
- Bajaj Holdings & Investment: 4.63%
- Kotak Mahindra Bank: 4.23%
- Mahindra & Mahindra: 3.56%
- HCL Technologies: 3.44%
- Axis Bank: 3.16%
इस लिस्ट को देखकर साफ है कि फंड का एक बड़ा हिस्सा भारतीय बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में है, जैसा कि HDFC Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank और Axis Bank की मौजूदगी से पता चलता है। साथ ही, ITC जैसे एफएमसीजी दिग्गज और Power Grid व Coal India जैसे सरकारी उपक्रम भी पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बने हुए हैं।
HCL Technologies जैसी आईटी कंपनी और Mahindra & Mahindra जैसी ऑटो कंपनी भी टॉप होल्डिंग्स में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
कुल मिलाकर, पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड की जून महीने की गतिविधियों से एक बात साफ है कि फंड मैनेजर भारतीय घरेलू विकास की कहानी पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं और ग्लोबल तकनीकी उतार-चढ़ावों के बीच सावधानी बरत रहे हैं। उनका फोकस उन कंपनियों पर है जो भारत की ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा हैं, साथ ही वे अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई भी रख रहे हैं, ताकि बाजार के किसी भी झटके से बचा जा सके।
निवेशक इन बदलावों को देखकर अपनी निवेश रणनीति पर विचार कर सकते हैं।




































