गाजियाबाद: देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटा इलाका, जिसे हम दिल्ली-NCR कहते हैं, इन दिनों एक अलग ही मुसीबत से जूझ रहा है। आसमान से बरसती आफत ने लोगों की जिंदगी मानो रोक सी दी है। ऑफिस और स्कूल-कॉलेज जाने वालों का हाल तो पूछिए मत, ट्रैफिक में फंसे-फंसे लोगों की जान निकली जा रही है। लेकिन इस सब के बीच, गाजियाबाद के वसुंधरा से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर कोई भी सिहर उठे।
सोचिए जरा, आप अपनी गाड़ी या स्कूटर लेकर जा रहे हों और सड़क अचानक आपके पैरों तले से गायब हो जाए? ऐसा ही कुछ हुआ गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में, अटल चौक के पास। लगातार हुई तेज बारिश ने सड़क को इतना खोखला कर दिया कि वो अचानक ही धंस गई।
सड़क धंसते ही उसमें एक कार और एक स्कूटर समा गए। गनीमत रही कि इसमें कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन वहां मौजूद लोगों के लिए यह नजारा किसी भयावह फिल्म से कम नहीं था।
इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे।
ये सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि बारिश के कहर का एक छोटा सा नमूना है, जिसने पूरे दिल्ली-एनसीआर को अपनी चपेट में ले रखा है। गाजियाबाद और नोएडा के कई इलाकों में तो पानी इस कदर भर गया है कि सड़कें तालाब बन चुकी हैं।
गाजियाबाद में कहां-कहां दिखा बारिश का असर?
बारिश की वजह से पैदा हुई इस आपात स्थिति को देखते हुए, गाजियाबाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया। गुरुवार को गाजियाबाद के सभी स्कूल, नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक, बंद रखने का आदेश दे दिया गया।
ये आदेश सरकारी और प्राइवेट, सभी स्कूलों पर लागू था। सोचिए, बच्चों को स्कूल न भेजने का फैसला कितना मुश्किल होता है, लेकिन हालात ही ऐसे थे कि जिलाधिकारी के पास कोई और विकल्प नहीं बचा था।
सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं, पड़ोस के नोएडा का हाल भी कुछ ऐसा ही था। नोएडा के सेक्टर-115 में तो सड़कों पर इतना पानी भर गया कि लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
गाड़ियां बीच रास्ते में फंस गईं, लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए घंटों संघर्ष करना पड़ा। गाजियाबाद के शास्त्रीनगर इलाके में भी जलभराव के कारण ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ।
हर तरफ लंबा जाम, हॉर्न की आवाजें और परेशान लोग। ऐसे में सवाल उठता है कि ये जल निकासी की व्यवस्था क्या सिर्फ कागजों पर है?
VIDEO | Ghaziabad: A car and a scooter fell into a ditch as road caved in near Atal Chowk in Vasundhara following heavy rainfall.#GhaziabadRains (Source: Third Party) (Full video available on PTI videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/BC8Ko9qMd8— Press Trust of India (@PTI_News) July 9, 2026
दिल्ली का क्या हाल रहा इस बारिश में?
देश की राजधानी दिल्ली भी इस बारिश के कहर से अछूती नहीं रही। दिल्ली में भी बारिश का असर साफ दिखाई दिया।
महरौली-बदरपुर रोड पर पानी भरने से ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। ऑफिस जाने वाले लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
कई जगह तो वाहनों की इतनी लंबी कतारें लग गईं कि लोगों को लग रहा था कि शायद उनकी छुट्टी आज सड़क पर ही हो जाएगी। जल निकासी व्यवस्था पर दबाव इतना बढ़ गया था कि कई गाड़ियां पानी में फंसी नजर आईं, जैसे किसी गहरे दलदल में फंस गई हों।
बुराड़ी इलाके में भी जलभराव की स्थिति बनी रही, जहां गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी ही पानी नजर आ रहा था। वहीं, अक्षरधाम मंदिर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-24 (एनएच-24) पर भी ट्रैफिक का हाल बेहाल था।
सुबह ऑफिस जाने वालों को यहां भारी जाम झेलना पड़ा, जिससे उनकी परेशानी और भी बढ़ गई। कल्पना कीजिए, आप घर से निकले हों और रास्ते में ही घंटों फंसे रह जाएं, क्या गुजरती होगी ऐसे में?
बारिश ने कहां-कहां गिराए पेड़?
बारिश ने सिर्फ सड़कों को ही नहीं डुबोया, बल्कि दिल्ली में कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ों को भी धराशायी कर दिया। दक्षिण दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में राजा धीर सिंह मार्ग पर बुधवार देर रात दो बड़े पेड़ गिर गए।
ये दोनों घटनाएं करीब 600 मीटर की दूरी पर हुईं, लेकिन इसने इलाके में हड़कंप मचा दिया।
इनमें से एक पेड़ इस्कॉन मंदिर के पास गिरा, जो एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और हमेशा भीड़भाड़ वाला इलाका रहता है। दूसरा पेड़ नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के पास गिरा।
शुक्र है कि ये घटनाएं रात के समय हुईं, जब सड़कों पर आवाजाही कम होती है। अगर दिन के समय ऐसा होता, तो शायद बड़ा हादसा हो सकता था।
इन गिरे हुए पेड़ों ने भी ट्रैफिक को बाधित किया और लोगों को वैकल्पिक रास्तों से जाने के लिए मजबूर किया।
उत्तर प्रदेश के लिए क्या चेतावनी दी गई?
यह तो सिर्फ दिल्ली-NCR का हाल था, लेकिन भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिल सकती है। लोगों को पहले से ही सतर्क रहने और बेवजह घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, इस बार की बारिश ने राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं और अभी भी पूरी तरह से राहत मिलती नहीं दिख रही है।




































