गाजियाबाद: गाजियाबाद में एक खौफनाक रात ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां मातम में बदल दी। बुधवार की रात थी, जब मोहल्ले के कुछ दोस्त ‘बर्थडे पार्टी’ का बहाना बनाकर एक 12वीं पास लड़के को घर से बुलाकर ले गए। परिवार को क्या पता था कि जिस पार्टी में उनका बेटा जा रहा है, वही उसकी जिंदगी की आखिरी शाम साबित होगी। सुबह होते-होते खबर आई कि उसी पार्टी में दोस्तों ने मिलकर मोहित नाम के इस लड़के के सीने और पेट में ताबड़तोड़ चाकू घोपे हैं, इतने वार कि उसकी आंतें तक बाहर आ गईं। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मोहित दुनिया से चला गया।
मामला गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र का है, जहां न्यू शांति नगर के रहने वाले मोहित शर्मा को उसके ही दोस्तों ने मौत के घाट उतार दिया। मोहित के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस वारदात से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। महिलाएं धरने पर बैठ गईं और आरोपियों के ‘एनकाउंटर’ तक की मांग करने लगीं।
पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उन्हें समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
बर्थडे पार्टी का न्योता, मौत का बुलावा
न्यू शांति नगर में बबलू शर्मा के दो बेटे और एक बेटी है, जिनमें मोहित सबसे छोटा था। उसने 12वीं तक पढ़ाई की थी।
परिवार वालों ने बताया कि बुधवार रात मोहित खाना खाकर घर में सोया हुआ था। रात करीब 11 बजे उसके मोहल्ले के तीन दोस्त, गौरव, देव और हरि उसके घर पहुंचे।
गौरव ने मोहित से कहा कि उसका बर्थडे है और उसे पार्टी में चलना है।
शुरुआत में मोहित जाने को तैयार नहीं था, लेकिन दोस्तों के बार-बार कहने पर वह उनके साथ चला गया। परिवार का आरोप है कि पार्टी में पहुंचने के बाद, जहां अन्य दोस्त भी मौजूद थे, नशे की हालत में गाली-गलौज शुरू हो गई।
देखते ही देखते बात बढ़ गई और गौरव, देव और हरि ने मिलकर मोहित पर चाकू से हमला कर दिया। सीने और पेट पर कई वार करने के बाद, ये तीनों आरोपी मोहित को वहीं छोड़कर फरार हो गए।
रात के अंधेरे में खूनी वारदात
गुरुवार तड़के करीब 3 बजे मोहित के परिवार को खबर मिली कि उनके बेटे को उसके दोस्तों ने चाकू मार दिया है। यह खबर सुनते ही परिवार और आसपास के लोग मौके पर भागे।
उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल मोहित को एमएमजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मोहित के बड़े भाई मनीष ने बताया कि उसके भाई को धोखे से इतनी बेरहमी से चाकू मारा गया था कि उसकी आंतें तक बाहर आ गई थीं।
परिवार का गुस्सा और सड़क जाम
अपने जवान बेटे की हत्या से नाराज परिवार और स्थानीय लोगों ने सुबह करीब 9 बजे सड़क पर मोहित का शव रखकर जाम लगा दिया। महिलाएं धरने पर बैठ गईं और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई, यहां तक कि एनकाउंटर की भी मांग करने लगीं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल और एसीपी वेव सिटी प्रिया श्रीपाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मोहित के परिजनों को न्याय दिलाने और जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने का भरोसा दिया।
उनके समझाने-बुझाने के बाद ही जाम खुला और पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
गौरव पर पहले भी हमले का आरोप
मोहित के परिवार की एक महिला ने बताया कि आरोपी गौरव अक्सर लड़ाई-झगड़ा करता रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो-तीन महीने पहले भी गौरव ने क्रॉसिंग इलाके में एक दुकानदार पर चाकू से जानलेवा हमला किया था।
उस मामले में उसे जेल भी हुई थी, लेकिन करीब एक महीने बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था। परिवार ने बताया कि करीब 20 दिन पहले भी मोहित और गौरव के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
इस पुरानी रंजिश और गौरव के आपराधिक इतिहास को देखते हुए परिवार को शक है कि यह हमला सोची-समझी साजिश का नतीजा है।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
इस खौफनाक वारदात के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द से जल्द तीनों आरोपियों, गौरव, देव और हरि को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोग पुलिस से तुरंत न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।




































