गाजियाबाद: अरे भैया! उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर कलेजा मुंह को आ जाए. महज एक गाड़ी पर स्क्रैच लगने की छोटी सी बात इतनी बड़ी हो गई कि एक नौजवान छात्र को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. सोचिए, एक 17 साल का लड़का, जो अपनी बाइक से घर लौट रहा था, उसे पहले सड़क पर पीटा गया, फिर अगवा करके एक दफ्तर में बंधक बनाया गया और इतनी बेदर्दी से मारा गया कि वो मर गया. ये वारदात लोनी इलाके की है और जिसने भी सुना, वो सन्न रह गया. कौन था वो लड़का? क्या था पूरा मामला? और क्यों इतनी मामूली बात पर किसी की जान चली गई? चलिए, पूरी कहानी बताते हैं.
मामला सोमवार दोपहर करीब 3 बजे का है. लोनी की मुस्तफाबाद कॉलोनी में रहने वाले डेयरी संचालक शौकत का बेटा जैद (17 साल) 10वीं क्लास में पढ़ता था.
वो अपनी बाइक से घर लौट रहा था, तभी उसकी बाइक एक प्रॉपर्टी डीलर की कार से हल्की सी टच हो गई. बस, गाड़ी पर एक मामूली-सा स्क्रैच आ गया.
अक्सर ऐसी छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं, लोग थोड़ी बहस करते हैं और मामला निपट जाता है. लेकिन यहां तो गुस्सा इस कदर चढ़ा कि सामने वाले ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं.
प्रॉपर्टी डीलर को अपनी कार पर आया वो छोटा-सा स्क्रैच इतना नागवार गुजरा कि उसका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उसने जैद को मौके पर ही रोकना और गाली-गलौज करने लगा.
बात इतनी बढ़ी कि प्रॉपर्टी डीलर ने वहीं सड़क पर लोहे की रॉड उठा ली और जैद को पीटना शुरू कर दिया. जैद बेचारा बच्चा, अभी 17 साल का था, वो क्या ही मुकाबला करता.
उसे बेरहमी से पीटा गया. लेकिन प्रॉपर्टी डीलर का गुस्सा इतने से भी शांत नहीं हुआ.
एक मामूली स्क्रैच और हैवानियत की इंतेहा
सड़क पर पिटाई के बाद भी प्रॉपर्टी डीलर का मन नहीं भरा. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर जैद को अगवा कर लिया.
कल्पना कीजिए, एक नाबालिग लड़के को सरेआम उठा कर ले जाया गया. उसे सीधे प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में ले जाया गया.
वहां उसे बंधक बनाकर रखा गया. ऑफिस के अंदर उस मासूम बच्चे के साथ क्या हुआ, ये सोचकर भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं.
उसे लोहे की रॉड और शायद और भी किसी चीज से तब तक पीटा गया, जब तक वो अधमरा नहीं हो गया. हमलावरों ने जैद को इतना मारा कि उसकी हालत बहुत बिगड़ गई.
पिटाई के बाद आरोपी प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथी जैद को उसी ऑफिस में घायल हालत में छोड़कर फरार हो गए. शायद उन्हें लगा होगा कि वो सिर्फ डरा धमकाकर चले गए हैं, या शायद उन्हें अपनी इस हैवानियत के अंजाम का अंदाजा नहीं था.
थोड़ी देर बाद जब जैद के घर वालों को इसकी खबर लगी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. वे तुरंत मौके पर पहुंचे.
वहां का मंजर देखकर उनका दिल बैठ गया. उनका बेटा दर्द से कराह रहा था और उसकी हालत गंभीर थी.
अस्पताल में मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जैद के परिजन उसे फौरन दिल्ली के जीटीबी अस्पताल लेकर भागे. डॉक्टरों ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन जैद की अंदरूनी चोटें इतनी गहरी थीं कि उसकी जान बचाई नहीं जा सकी.
देर रात इलाज के दौरान जैद ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. एक मामूली स्क्रैच की वजह से एक परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया.
शौकत और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. उनका बेटा, जो अभी ठीक से दुनिया भी नहीं देखा था, वो अब इस दुनिया में नहीं था.
इस दर्द को शब्दों में बयान कर पाना नामुमकिन है.
पुलिस कार्रवाई और सीसीटीवी फुटेज की तलाश
जैद की मौत की खबर मिलते ही पुलिस हरकत में आई. मृतक के पिता शौकत की शिकायत पर लोनी बॉर्डर थाने में प्रॉपर्टी डीलर समेत दो लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया गया है.
पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.
सीसीटीवी फुटेज से ये साफ हो पाएगा कि जैद को कैसे अगवा किया गया, कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे और किस रास्ते से उसे ले जाया गया. उम्मीद है कि इन फुटेज से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा.
परिवार अब बस इंसाफ की गुहार लगा रहा है और पूरा लोनी इलाका इस घटना से स्तब्ध है. ये घटना एक बार फिर बताती है कि छोटी-छोटी बातों पर कैसे गुस्सा लोगों को अंधा कर देता है और उनका इंसानियत से भरोसा उठ जाता है.




































