मुंबई: महाराष्ट्र में इन दिनों आसमान से पानी नहीं, आफत बरस रही है! सोचिए, आपके शहर में इतनी बारिश हो कि दो दिन में ही महीने भर का पानी गिर जाए और फिर उसी पानी में तैरता हुआ 7 फीट का मगरमच्छ आपके घर के पास पहुंच जाए? जी हां, मुंबई और आसपास के इलाकों का कुछ ऐसा ही हाल है, जहां मॉनसून ने कहर बरपा रखा है. सोमवार को तो ऐसी मूसलाधार बरसात हुई कि लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. सड़कें पानी में डूब गईं, ट्रेनें थम गईं और एक पल के लिए ऐसा लगा, मानो सब कुछ रुक सा गया हो.
पूरे राज्य में ट्रांसपोर्ट सिस्टम की तो भैया धज्जियां उड़ गई हैं. कई जगहों पर तो बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और भूस्खलन यानी ज़मीन खिसकने की घटनाएं भी खूब सामने आ रही हैं.
इससे आम लोगों और यात्रियों की टेंशन बढ़ी हुई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए मंगलवार को भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है – भारी बारिश के लिए तैयार रहो! मौसम विभाग का अंदाज़ा है कि मुंबई में अगले दो से तीन दिनों के भीतर ही पूरे महीने की औसत बारिश हो सकती है.
यानी, अभी तो ये ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त!
इतनी बारिश हुई कैसे, क्या कोई रिकॉर्ड टूटा?
अब आप सोच रहे होंगे कि बारिश की क्या ही बात कर रहे हैं, मॉनसून तो आया है, बरसेगा ही. लेकिन भईया, ये आम बारिश नहीं है, ये रिकॉर्डतोड़ बारिश है! IMD के ‘नाउकास्ट’ की रिपोर्ट अगर मानें, तो मशहूर हिल स्टेशन लोनावाला में पिछले 48 घंटों में बारिश का ऐसा रिकॉर्ड बना है, जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे.
लोनावाला में सिर्फ दो दिनों के भीतर, जी हां, सिर्फ दो दिनों में 1290 मिलीमीटर (mm) बारिश रिकॉर्ड की गई है. जरा आंकड़ों पर गौर फरमाइए – 5 जुलाई को 670 mm और अगले ही दिन, 6 जुलाई को 620 mm बारिश हुई.
मौसम विभाग खुद कह रहा है कि इस हिल स्टेशन ने महज़ 48 घंटों में लगभग दो महीने के बराबर की बारिश दर्ज कर डाली है. मतलब, दो दिन में दो महीने की बारिश, ये कोई मज़ाक नहीं है भैया!
पानी के साथ और क्या-क्या आ रहा है?
बारिश अपनी जगह है, लेकिन जब पानी आपके घर के पास जंगली जीव जंतु ले आए, तो सोचिए डर का क्या आलम होगा! मुंबई की पवई झील के पास, मोरारजी नगर में एक दरगाह के पास कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला. यहां करीब सात फीट लंबा एक मगरमच्छ पानी के साथ रिहायशी इलाके में घुस आया.
ये खबर सुनते ही इलाके के लोगों में हड़कंप मच गया और दहशत का माहौल बन गया. लोग घरों में दुबक गए.
फौरन वन विभाग और एक रेस्क्यू टीम को खबर दी गई. टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद इस विशालकाय मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया.
अभी फिलहाल मगरमच्छ की मेडिकल जांच चल रही है और जैसे ही उसकी सेहत दुरुस्त होगी, उसे वापस उसके नेचुरल हैबिटेट में छोड़ दिया जाएगा. सोचिए, बारिश के पानी में ऐसी चीज़ें भी देखने को मिल रही हैं, मामला वाकई संगीन है!
बारिश ने और क्या-क्या आफत लाई?
इस भीषण बारिश और खराब मौसम ने मुंबई में कई लोगों की जान भी ले ली है. ये सबसे दुखद पहलू है.
मानखुर्द इलाके में एक चार मंजिला इमारत धड़ाम से गिर गई. इस हादसे में छह मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी.
पूरे शहर में पेड़ गिरने की 200 से ज़्यादा घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें से दो घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई. पिछले पांच दिनों में मुंबई में बारिश ने जो तांडव मचाया है, वो आंकड़े खुद बयां कर रहे हैं.
- पुराने मुंबई के कोलाबा क्षेत्र ने तो अपनी मासिक औसत बारिश, जो 744.2 mm है, उसे पहले ही पार कर लिया है.
- सांताक्रूज़ वेधशाला ने भी जुलाई महीने की औसत बारिश का लगभग 94 प्रतिशत, यानी 805.6 mm बारिश दर्ज की है.
यानी, अभी आधा महीना भी नहीं बीता और बारिश ने अपना कोटा पूरा कर लिया है. शहर के लिए ये एक बड़ा चैलेंज है!
आने-जाने में क्या दिक्कतें हुईं?
जब इतनी भारी बारिश हो, तो ज़ाहिर है सड़कों पर भी इसका असर दिखना ही था. महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के मुताबिक, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हो गया.
इसी वजह से सोमवार को पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और पुराने पुणे-मुंबई लिंक रोड पर ट्रैफिक बंद करना पड़ा था. सोचो, इन दोनों अहम रास्तों पर आवाजाही ठप पड़ जाए, तो कितने लोगों को परेशानी हुई होगी! हालांकि, बाद में पुराने पुणे-मुंबई लिंक रोड पर ट्रैफिक बहाल कर दिया गया, लेकिन पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन के कारण स्थिति काफी गंभीर बनी हुई थी.
कुल मिलाकर, बारिश ने लोगों की आवाजाही पर भी जमकर ब्रेक लगाए हैं.




































