बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक बार फिर सड़कों पर मौत का तांडव देखने को मिला है। रविवार शाम का समय था, जब लोग छुट्टी के बाद आराम कर रहे थे या दिन भर की थकान मिटा रहे थे। ऐसे में अचानक उझानी थाना क्षेत्र का फतेहपुर गांव एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार नौजवान को ऐसी टक्कर मारी कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि अवैध खनन और सड़कों पर बढ़ती लापरवाही का एक जीता-जागता सबूत बनकर सामने आई है।
मरने वाला नौजवान, जिसकी जिंदगी की डोर अचानक टूट गई, उसकी पहचान 22 साल के मुकेश के तौर पर हुई है। मुकेश, उसैहत थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर बसंत का रहने वाला था।
वो शनिवार की शाम अपनी मौसी के घर बिल्सी थाना क्षेत्र के शेखपुर दीननगर गांव जा रहा था। उसे क्या पता था कि उझानी-कादरचौक रोड पर फतेहपुर गांव के पास सामने से आ रही मौत की रफ्तार उसकी इंतजार कर रही है।
जैसे ही उसकी बाइक ने मोड़ काटा, एक मिट्टी से भरी बेकाबू ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मुकेश हवा में उछलकर दूर जा गिरा और मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं।
हादसे के बाद फरार हुआ चालक, अवैध खनन का आरोप
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद राहगीर और स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन मुकेश को बचाने की हर कोशिश नाकाम रही।
वो तब तक इस दुनिया को अलविदा कह चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मारी, उसका चालक मौके से कूदकर फरार हो गया।
उसकी इस हरकत ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह ट्रैक्टर-ट्रॉली फतेहपुर गांव के ही किसी व्यक्ति की है और यह अवैध रूप से मिट्टी का खनन करके ला रही थी।
अवैध खनन करने वाले अक्सर रात के अंधेरे का फायदा उठाते हैं और तेज रफ्तार व लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे ऐसे हादसे होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लिया, जांच शुरू
हादसे की खबर मिलते ही उझानी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले मृतक मुकेश के शव को कब्जे में लिया और पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और मौजूद लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने फरार ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की तलाश शुरू कर दी है।
इसके लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, अवैध खनन के आरोपों की भी जांच की जा रही है कि क्या वाकई यह ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध मिट्टी लेकर जा रही थी। अगर ऐसा पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ते सड़क हादसे और अवैध खनन की चुनौतियाँ
बदायूं और आसपास के इलाकों में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। अक्सर देखा जाता है कि मिट्टी, बालू या अन्य खनन सामग्री ले जाने वाले वाहन, खासकर ट्रैक्टर-ट्रॉली, क्षमता से अधिक भार और तेज रफ्तार के साथ चलते हैं।
ये वाहन अक्सर ग्रामीण सड़कों और कस्बों के भीतर से गुजरते हैं, जहां सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी होती है। अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि ऐसे हादसों का खतरा भी बना रहता है, जिनमें मासूम लोगों की जान चली जाती है।
इन घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन को और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि सड़कों पर लापरवाही से वाहन चलाने वाले और अवैध खनन में शामिल लोग कानून की गिरफ्त से बच न पाएं।
मुकेश के परिवार के लिए यह सदमा असहनीय है, और अब उन्हें सिर्फ न्याय की उम्मीद है। पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस नतीजा सामने आएगा।




































