वैशाली: बिहार का वैशाली जिला. बीते दिनों यहां एक ऐसी कहानी सामने आई जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया. 30 जून की बात है. जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र के चकसिंगार पंचायत में लंका टोला के पास सड़क किनारे एक अधजली लाश मिली. लाश देखकर लोग सन्न रह गए. कौन था ये शख्स? किसने और क्यों उसे इतनी बेरहमी से मारा और फिर पहचान छिपाने के लिए जलाने की कोशिश की? इन सवालों का जवाब ढूंढ रही पुलिस तब और हैरान रह गई जब मृतक की पहचान हुई और पता चला कि इस खूनखराबे के पीछे प्रेम प्रसंग का गहरा राज छिपा है, और इसमें अपने ही खून के रिश्ते शामिल हैं. मामला सामने आते ही परिवार में मातम पसर गया और गांव में सनसनी फैल गई है.
लाश की पहचान और चौंकाने वाला मोड़
जिस अधजली लाश ने दो दिन तक पुलिस को उलझाए रखा था, आखिरकार उसकी पहचान हो गई. मृतक की पहचान समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी थाना क्षेत्र के होली गांव के रहने वाले नीतीश कुमार के रूप में हुई.
नीतीश, शंकर राय के बेटे थे. जैसे ही लाश की पहचान हुई, पूरे मामले ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया.
नीतीश के भाई ने पुलिस को एक लिखित शिकायत दी, जिसमें सीधे-सीधे अपने मामा समेत पांच लोगों पर अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाया गया. पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है.
गुरुग्राम से लौटा युवक और मामा का बुलावा
परिजनों की मानें तो नीतीश कुमार गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में काम करते थे. कुछ दिनों पहले ही वह अपने गांव होली लौटे थे.
परिवार का आरोप है कि इसी बीच पटना सिटी में रहने वाले उनके मामा ने उन्हें जबरन अपने साथ ले लिया. बताया जा रहा है कि मामा-भांजे का रिश्ता पहले भी ठीक नहीं था और नीतीश के परिजन मामा के इस व्यवहार से चिंतित थे.
उन्होंने इस मामले में स्थानीय थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी. लेकिन, शायद तब किसी को अंदाज़ा नहीं था कि ये 'जबरन ले जाना' एक खूनी साजिश का हिस्सा बन जाएगा.
इसी दौरान मंगलवार की सुबह राघोपुर इलाके में एक अज्ञात युवक की अधजली लाश मिलने की खबर सामने आई. जब नीतीश के परिवार वालों को इस बात की खबर मिली, तो वे तुरंत सदर अस्पताल पहुंचे.
वहां उन्होंने लाश की पहचान नीतीश कुमार के रूप में की, जिसके बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
पहचान मिटाने की शातिर कोशिश
पुलिस की शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है, वो बेहद खौफनाक है. आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों ने नीतीश को मारने के बाद उसकी पहचान छिपाने के लिए शव को बेरहमी से जला दिया था.
लाश इतनी बुरी तरह से झुलस चुकी थी कि उसे पोस्टमार्टम के लिए सीधे पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल) भेजा गया. पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने इस पूरी घटना को छिपाने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी और शव को सड़क किनारे फेंक दिया था.
हालांकि, पुलिस अभी हर पहलू से जांच कर रही है और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले सभी सबूतों को खंगाल रही है.
प्रेम प्रसंग की वो कहानी जिसने सब बदल दिया
जांच के दौरान एक ऐसा पहलू सामने आया है जिसने पूरे मामले को और भी उलझा दिया है. पुलिस सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार मृतक नीतीश कुमार का अपने ही मामा की बेटी यानी अपनी ममेरी बहन के साथ प्रेम संबंध था.
अब आशंका जताई जा रही है कि इसी रिश्ते का विरोध, और शायद इसी रिश्ते को खत्म करने की चाहत ही इस हत्या की सबसे बड़ी वजह हो सकती है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस प्रेम प्रसंग के एंगल की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
अधिकारियों का कहना है कि वे सभी संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे. लेकिन, अगर ये बात सच निकली, तो ये घटना रिश्तों को शर्मसार करने वाली होगी.
बचपन से मामा के घर पले-बढ़े नीतीश की दर्दनाक कहानी
नीतीश के चाचा ने बताया कि नीतीश की मां का निधन बचपन में ही हो गया था. मां के जाने के बाद उनका पालन-पोषण उनके मामा के घर पर ही हुआ था.
यानी, जिस मामा पर आज उनकी हत्या का आरोप लगा है, उन्हीं के घर नीतीश ने अपना बचपन बिताया था. लेकिन, बड़े होने के बाद कुछ पारिवारिक विवादों के चलते नीतीश ने मामा का घर छोड़ दिया था.
इसके बाद वह रोजगार की तलाश में गुरुग्राम चले गए थे. नीतीश दो भाइयों में छोटे थे और अविवाहित थे.
उनकी मौत की खबर सुनते ही पूरे परिवार में मातम छा गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे समझ नहीं पा रहे कि आखिर उनके साथ ये क्या हो गया.
भाई ने मामा समेत पांच पर लगाया हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
मृतक नीतीश के भाई ने पुलिस को दिए अपने आवेदन में साफ तौर पर आरोप लगाया है कि उनके मामा और अन्य चार लोगों ने मिलकर पहले नीतीश का अपहरण किया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी. इसके बाद, सबूत मिटाने के इरादे से शव को जलाकर सड़क किनारे फेंक दिया.
पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर मामा समेत पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है.
दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं और उम्मीद है कि जल्द ही इस खौफनाक हत्याकांड से जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं.
पुलिस अपहरण, हत्या, साजिश और सबूत मिटाने के हर एंगल से जांच कर रही है ताकि नीतीश को इंसाफ मिल सके और गुनहगारों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके.

