दिल्ली: सोने की चमक भला किसे नहीं लुभाती, लेकिन पिछले तीन दिनों से कुछ ऐसा हो रहा है कि इसकी रौनक थोड़ी फीकी पड़ गई है। जो सोना कल तक अपने बढ़े हुए रेट्स से लोगों को चौंका रहा था, वो अब लगातार तीसरे दिन धड़ाम हुआ है। सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी भी उसके पीछे-पीछे दौड़ लगा रही है और सस्ती हो गई है। बाजार में सोने-चांदी की ये चाल देखकर तो लग रहा है कि कुछ बड़े बदलाव हो रहे हैं, जिनका असर आपकी जेब पर सीधे पड़ रहा है।
दरअसल, ये कोई छोटी-मोटी गिरावट नहीं है। राजधानी दिल्ली में तो 24 कैरट वाला 10 ग्राम सोना पिछले तीन दिनों में पूरे 1480 रुपये सस्ता हो गया है।
वहीं, 22 कैरट वाला सोना भी 1360 रुपये नीचे आया है। आज की बात करें तो, दिल्ली में 24 कैरट और 22 कैरट दोनों ही 10 ग्राम सोने के दाम में 10-10 रुपये की गिरावट आई है।
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसी कौन सी आफत आ गई, जो सोने को चैन से बैठने नहीं दे रही? आइए, इसी गुत्थी को थोड़ा सुलझाते हैं।
क्यों अचानक फीकी पड़ गई सोने की चमक?
देखिए, सोने के दाम में इस तरह की गिरावट के पीछे कुछ बड़े कारण हैं। पहला तो है बाजार में मांग की सुस्ती।
मतलब, लोग अभी सोना खरीदने में उतनी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, जितनी पहले दिखाते थे। जब डिमांड कम होती है, तो चीज़ें सस्ती होने लगती हैं, ये तो इकोनॉमिक्स का सीधा सा रूल है।
दूसरा बड़ा फैक्टर है डॉलर की मजबूती। जब डॉलर मजबूत होता है, तो बाकी करेंसीज़ के मुकाबले सोना महंगा हो जाता है।
ऐसे में जो निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश मानते हैं, वे डॉलर की तरफ रुख कर लेते हैं। इससे सोने की इंटरनेशनल डिमांड पर असर पड़ता है और उसके दाम गिर जाते हैं।
इसके ऊपर से फेडरल रिजर्व की जून की मीटिंग के मिनट्स जारी होने वाले हैं। मिनट्स मतलब, मीटिंग में क्या बात हुई, क्या फैसले लिए गए, इसका पूरा ब्यौरा।
निवेशक इस पर बड़ी पैनी नज़र रखे हुए हैं। जब तक ये मिनट्स नहीं आ जाते, तब तक बाजार में एक तरह की ‘वेट एंड वॉच’ वाली स्थिति बनी हुई है।
सब सतर्क हैं, कोई बड़ा दांव नहीं लगाना चाहता। इस सतर्कता का सीधा दबाव सोने जैसी एसेट पर पड़ रहा है, जिस पर कोई ब्याज नहीं मिलता।
चांदी का क्या हाल है, वो क्यों फिसल रही है?
सोने के साथ-साथ चांदी भी क्यों डगमगा रही है, ये सवाल भी लाज़मी है। दरअसल, चांदी की चमक फीकी पड़ने की मुख्य वजह है इंडस्ट्रीज़ की तरफ से डिमांड में कमी।
चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहनों में ही नहीं होता, बल्कि कई उद्योगों में भी होता है। जब उन उद्योगों में मांग कम होती है, तो चांदी के भाव पर भी प्रेशर आ जाता है।
पिछले कुछ दिनों से चांदी ने भी खूब खेल दिखाए हैं। एक दिन की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं।
आपको बता दें कि इससे पहले 6 जुलाई को भी एक किलो चांदी लगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद सीधे 5000 रुपये सस्ती हुई थी। और आज, दिल्ली में एक किलो चांदी 100 रुपये सस्ती होकर 2,44,800 रुपये के भाव में बिक रही है।
देश के दस बड़े शहरों में क्या चल रहा है सोने का भाव?
अब बात करते हैं कि देश के अलग-अलग शहरों में सोने का क्या रेट चल रहा है। ये आंकड़े 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने के हैं, ताकि आप अपनी पसंद और ज़रूरत के हिसाब से जानकारी ले सकें।
- दिल्ली: 24 कैरट ₹1,45,400, 22 कैरट ₹1,33,290, 18 कैरट ₹1,09,080
- मुंबई: 24 कैरट ₹1,45,250, 22 कैरट ₹1,33,140, 18 कैरट ₹1,08,930
- कोलकाता: 24 कैरट ₹1,45,250, 22 कैरट ₹1,33,140, 18 कैरट ₹1,08,930
- चेन्नई: 24 कैरट ₹1,46,170, 22 कैरट ₹1,33,990, 18 कैरट ₹1,11,990
- बेंगलुरु: 24 कैरट ₹1,45,250, 22 कैरट ₹1,33,140, 18 कैरट ₹1,08,930
- हैदराबाद: 24 कैरट ₹1,45,250, 22 कैरट ₹1,33,140, 18 कैरट ₹1,08,930
- लखनऊ: 24 कैरट ₹1,45,400, 22 कैरट ₹1,33,290, 18 कैरट ₹1,09,080
- पटना: 24 कैरट ₹1,45,300, 22 कैरट ₹1,33,190, 18 कैरट ₹1,08,980
- जयपुर: 24 कैरट ₹1,45,400, 22 कैरट ₹1,33,290, 18 कैरट ₹1,09,080
- अहमदाबाद: 24 कैरट ₹1,45,300, 22 कैरट ₹1,33,190, 18 कैरट ₹1,08,980
अगर इन आंकड़ों पर गौर करें तो आप देखेंगे कि चेन्नई में सोने का भाव थोड़ा ज्यादा है, बाकी महानगरों में लगभग एक जैसा ही ट्रेंड दिख रहा है।
बड़े शहरों में चांदी का क्या है हाल?
जैसा कि हमने बताया, चांदी भी फिसल रही है। दिल्ली में जहां यह 2,44,800 रुपये प्रति किलो बिक रही है, वहीं देश के बाकी बड़े महानगरों में भी इसके दाम ऊपर-नीचे हो रहे हैं।
- मुंबई: एक किलो चांदी ₹2,44,900
- कोलकाता: एक किलो चांदी ₹2,44,900
- चेन्नई: एक किलो चांदी ₹2,49,900
इन आंकड़ों को देखकर साफ है कि चेन्नई में चांदी भी सबसे महंगी बिक रही है, जबकि मुंबई और कोलकाता में भाव लगभग दिल्ली के करीब ही हैं।
आगे क्या गोल्ड और सिल्वर और सस्ता होगा, या फिर चमकेगा?
अब सबसे बड़ा सवाल, क्या यह गिरावट जारी रहेगी या सोने-चांदी की चमक फिर से लौटेगी? इस बारे में मार्केट एक्सपर्ट्स की राय जानना बहुत ज़रूरी है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटी के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि अभी निवेशक फेडरल रिजर्व की जून की मीटिंग के मिनट्स जारी होने का इंतज़ार कर रहे हैं, इसलिए वे सावधानी बरत रहे हैं।
सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा दौर चल रहा है और इसके नतीजे भी सोने की कीमतों को एक नई दिशा दे सकते हैं।
वहीं, मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह का कुछ अलग मानना है। उनका कहना है कि क्रूड यानी कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी आई है, जिससे इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड में थोड़ी नरमी देखने को मिली है।
प्रवीण सिंह के हिसाब से, शॉर्ट टर्म यानी आने वाले कुछ समय में सोना और चांदी एक सीमित दायरे में ही रह सकते हैं, मतलब बहुत ज्यादा उछाल या गिरावट की उम्मीद कम है। कुल मिलाकर, बाजार में अभी थोड़ा सस्पेंस बना हुआ है।
निवेशकों की नज़रें अब फेडरल रिजर्व और अमेरिका-ईरान की बातचीत के नतीजों पर टिकी हैं।




































