बीजिंग: जिस कंपनी ने दुनिया को टिकटॉक (TikTok) जैसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म दिया, अब वो टेक दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ी एनवीडिया (Nvidia) की नींद उड़ाने की तैयारी कर रही है। बाइटडांस (ByteDance) अब अपना खुद का एआई एक्सेलेरेटर (AI Accelerator) यानी एक पावरफुल चिप बनाना चाहता है। मकसद साफ है—एनवीडिया के दबदबे को चुनौती देना और खुद की तकनीक पर निर्भर होना।
बता दें कि बाइटडांस के लिए यह सिर्फ एक एक्सपेरिमेंट नहीं है, बल्कि एक बड़ी स्ट्रेटेजी है। कंपनी का प्लान है कि वह 2027 की शुरुआत तक अपने नए सीपीयू (CPU) का डिजाइन फाइनल कर ले।
इसके बाद 2027 के दूसरे हिस्से तक इसका मास प्रोडक्शन शुरू कर दिया जाएगा, ताकि इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सके।
हैरानी की बात यह है कि इस चिप का एक शुरुआती वर्जन कंपनी 2025 के आखिर से ही इंटरनली इस्तेमाल कर रही है। यानी तैयारी काफी समय से चल रही थी, बस अब इसे दुनिया के सामने लाने और बड़े लेवल पर लागू करने की बारी है।
बाइटडांस को अचानक अपनी चिप की जरूरत क्यों पड़ी?
अब आप सोच रहे होंगे कि जब मार्केट में इतने सारे ऑप्शंस हैं, तो बाइटडांस इतनी मेहनत क्यों कर रहा है? दरअसल, मामला डिमांड और जरूरत का है। बाइटडांस के पास 'डोउबाओ' (Doubao) जैसा चैटबॉट और 'सीडांस' (Seedance) जैसा वीडियो मॉडल है।
ये दोनों ही एआई टूल्स इतने भारी-भरकम हैं कि इन्हें चलाने के लिए बहुत ज्यादा कंप्यूटिंग पावर की जरूरत पड़ती है।
जैसे-जैसे कंपनी के एआई टूल्स बढ़ रहे हैं, उनके इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अब समय आ गया है कि कंपनी बाहरी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय अपना खुद का सिस्टम तैयार करे, जो उनकी जरूरतों के हिसाब से कस्टमाइज्ड हो।
क्या सिर्फ जीपीयू (GPU) से काम नहीं चलेगा?
मोटा-मोटी बात यह है कि अब तक एआई के लिए सिर्फ मैट्रिक्स कैलकुलेशन और जीपीयू पर फोकस था, लेकिन अब खेल बदल रहा है। अब 'एजेंटिक एआई' (Agentic AI) का दौर है, जहां काम सिर्फ कैलकुलेशन तक सीमित नहीं हैं।
अब सिस्टम को फैसले लेने, मेमोरी मैनेज करने और सॉफ्टवेयर ऑपरेशन्स को कोऑर्डिनेट करने की जरूरत होती है।
इसका मतलब है कि अब केवल एक्सेलेरेटर क्लस्टर्स से काम नहीं चलेगा। अब जनरल पर्पस प्रोसेसर्स की मांग बढ़ गई है जो जीपीयू के साथ मिलकर काम कर सकें।
इसी वजह से बाइटडांस अपना खुद का सीपीयू डिजाइन कर रहा है ताकि वह टास्क ऑर्केस्ट्रेशन को बेहतर तरीके से संभाल सके।
चिप बनाने के इस चैलेंज में मदद कौन कर रहा है?
चिप बनाना कोई आसान काम नहीं है, इसके लिए बड़ी फाउंड्री और मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी की जरूरत होती है। खबर यह है कि इस मुश्किल सफर में क्वालकॉम (Qualcomm) बाइटडांस की मदद कर रहा है।
क्वालकॉम कंपनी को चिप प्रोडक्शन के लिए फाउंड्री कैपेसिटी सिक्योर करने में सपोर्ट दे रहा है, ताकि प्रोडक्शन में कोई रुकावट न आए।
कुल मिलाकर, बाइटडांस का यह कदम टेक मार्केट में एक बड़ी हलचल पैदा कर सकता है। अगर यह प्लान कामयाब रहा, तो एनवीडिया के लिए चीन के मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रखना एक बड़ा चैलेंज हो सकता है।
फिलहाल कंपनी का पूरा फोकस 2027 की डेडलाइन को पूरा करने पर है।




































