कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में एक बार फिर इंसानियत शर्मसार हुई है। चंदवारा थाना क्षेत्र के चौराही गांव में सोमवार की काली रात ने एक महिला की जिंदगी में ऐसा अंधेरा घोल दिया, जिसे शायद वो कभी भुला नहीं पाएगी। बात बस इतनी सी नहीं कि एक महिला के साथ दरिंदगी हुई, बल्कि मामला और भी पेचीदा है – दरिंदगी करने वाला कोई अंजान नहीं था, वो पड़ोसी था। एक ऐसा पड़ोसी, जिस पर शायद महिला का परिवार भरोसा करता होगा, लेकिन उस रात उसने सारे भरोसे को तार-तार कर दिया। घर में अकेली पाकर, छत पर सोते परिवार की गैर-मौजूदगी का फायदा उठाकर, एक अधेड़ शख्स ने उस महिला के साथ वो किया, जिसकी कल्पना मात्र से रूह काँप जाए।
ये घटना तब हुई जब कोडरमा का चौराही गांव गहरी नींद में सोया हुआ था। सोमवार की देर रात, जब चारों ओर सन्नाटा पसरा था, तब पीड़िता अपने घर में अकेली थी।
उसके पति रोजी-रोटी कमाने के लिए दूर हैदराबाद गए हुए हैं। घर में उसके सास-ससुर और छोटे बच्चे भी थे, लेकिन वो सभी गर्मी से बचने के लिए छत पर सो रहे थे।
घर के निचले हिस्से में महिला अकेली थी। और बस, इसी अकेलेपन और मौके का फायदा उठा लिया एक दरिंदे ने।
रात के अंधेरे में दरिंदगी: पड़ोसी ने तोड़ा भरोसा
महिला ने पुलिस को जो बयान दिया है, वो किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर कर रख देगा। उसने बताया कि कैसे सोमवार देर रात, पड़ोस में रहने वाला एनुल हक नाम का अधेड़ शख्स उसके घर में घुस आया।
महिला ने सोचा भी नहीं होगा कि जिस पड़ोसी को वो जानती है, वो इस तरह की नीयत से उसके घर में दाखिल होगा। लेकिन एनुल हक के इरादे नेक नहीं थे।
उसने महिला को घर में अकेला देखा और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। महिला ने जब इसका विरोध किया, तो आरोपी और बेकाबू हो गया।
दर्द और डर की उस रात को याद करते हुए पीड़िता ने बताया कि एनुल हक उसे घसीटते हुए घर के अंदर एक कमरे में ले गया। महिला ने चिल्लाने की कोशिश की, मदद के लिए पुकारने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसका मुंह बंद कर दिया।
उसके हाथ बांध दिए गए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया, ताकि उसकी चीखें बाहर न जा सकें। इसके बाद, उस दरिंदे ने महिला के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
यह वो पल था जब एक महिला की इज्जत को रौंदा गया, उसके सम्मान को तार-तार किया गया और एक पड़ोसी ने भरोसे की सारी हदें पार कर दीं।
अगली सुबह और न्याय की लड़ाई
इस खौफनाक वारदात के बाद, महिला पूरी रात डर और सहमी हुई एक कोने में पड़ी रही। रात के अंधेरे ने उसे इतना डरा दिया था कि वो शायद हिलने की भी हिम्मत नहीं कर पा रही थी।
सुबह की पहली किरण के साथ, जब थोड़ी हिम्मत आई, तो उसने सबसे पहले इस घटना की जानकारी आरोपी एनुल हक के घरवालों को दी। लेकिन यहां भी उसे न्याय की बजाय एक और झटका लगा।
आरोपी के घरवाले, शायद अपने बेटे को बचाने की फिराक में, मामले को दबाने और पीड़िता पर समझौता करने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने महिला पर चुप रहने और इस जघन्य अपराध को भूल जाने का दबाव डाला।
लेकिन उस महिला के हौसले पस्त नहीं हुए। उसने समझौता करने से साफ इनकार कर दिया।
शायद रात भर के दर्द और अपमान ने उसे एक नई ताकत दी थी। उसने हिम्मत जुटाई और गांव के कुछ लोगों को इकट्ठा किया।
उन सभी के सामने उसने अपनी आपबीती सुनाई, उस काली रात का पूरा सच उजागर किया। गांववालों ने जब ये सुना, तो उनका खून खौल उठा।
एक पड़ोसी द्वारा ऐसी हरकत, पूरे गांव के लिए शर्मनाक थी। ग्रामीणों ने एकजुट होकर पीड़िता का साथ दिया और तुरंत चंदवारा थाना को इस घटना की सूचना दी।
इस खबर से पूरे गांव में आक्रोश का माहौल फैल गया। लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे थे और आरोपी के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे थे।
पुलिस की एंट्री: आरोपी की तलाश जारी
जैसे ही चंदवारा थाना पुलिस को घटना की सूचना मिली, थाना प्रभारी शशिभूषण कुमार अपनी टीम के साथ तुरंत चौराही गांव पहुंचे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता से बात की और उसे अपने साथ थाने ले आई।
थाने में महिला का विस्तृत बयान दर्ज किया गया। थाना प्रभारी शशिभूषण कुमार ने मीडिया को बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और पुलिस इसे पूरी गंभीरता से ले रही है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने आरोपी एनुल हक की गिरफ्तारी के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा है।
पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि पीड़िता की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव में अब भी दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और चाहते हैं कि आरोपी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे हो।
पुलिस भी इस मामले में पूरी मुस्तैदी से जुटी है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और ऐसे अपराध करने वालों को एक कड़ा संदेश दिया जा सके। अब देखना यह होगा कि कब तक पुलिस एनुल हक को गिरफ्तार कर पाती है और कब तक चौराही गांव की इस महिला को इंसाफ मिलता है।
यह घटना सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि समाज के हर उस कोने की कहानी है जहां पड़ोसी का रिश्ता विश्वास की जगह डर और दरिंदगी में बदल जाता है।

