खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने सरकारी महकमों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। परबत्ता अंचल कार्यालय में दिनदहाड़े अंचल अधिकारी (सीओ) हरिनाथ राम पर हमला हो गया। एक शख्स ने सीधे उनके दफ्तर में घुसकर उन पर हाथ उठा दिया। इस घटना से पूरे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोग सकते में आ गए। जैसे ही ये घटना हुई, कार्यालय के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी फौरन हरकत में आए और हमलावर को मौके से धर दबोचा।
ये कोई मामूली घटना नहीं थी, बल्कि एक सरकारी अधिकारी पर उसके अपने ही दफ्तर में किया गया हमला था, जो सरकारी कामकाज में लगे थे। मंगलवार का दिन था और सीओ हरिनाथ राम अपने कार्यालय कक्ष में रोजमर्रा के सरकारी कामकाज निपटा रहे थे।
इसी दौरान, सलारपुर गांव का रहने वाला अनोज सिंह नाम का शख्स अचानक उनके दफ्तर में दाखिल हुआ। किसी को कुछ समझ आता, इससे पहले ही अनोज सिंह ने सीओ साहब पर हमला कर दिया।
हमला इतना अचानक था कि वहां मौजूद लोग एक पल के लिए हक्के-बक्के रह गए।
दिनदहाड़े CO पर हमला; पुलिस ने आरोपी को दबोचा
हमले की आवाज सुनते ही और वहां मचे शोरगुल से कार्यालय के बाकी कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी और दफ्तर में मौजूद दूसरे लोग फौरन सीओ के कक्ष की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि सीओ हरिनाथ राम पर हमला हो रहा है।
बिना वक्त गंवाए, सबने मिलकर आरोपी अनोज सिंह को काबू किया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
परबत्ता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) संतोष कुमार पंडित ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अनोज सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
इस हमले में सिर्फ सीओ हरिनाथ राम ही नहीं, बल्कि अंचल कार्यालय में तैनात एक सुरक्षा गार्ड को भी चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि हमलावर अनोज सिंह अकेला नहीं था।
शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि उसके साथ तीन और युवक भी इस वारदात में शामिल थे। पुलिस अब इन तीनों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिश में जुटी है।
इस पूरी घटना का एक अहम सबूत भी पुलिस के हाथ लगा है। अंचल कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरा वाकया कैद हो गया है।
पुलिस इस फुटेज के आधार पर ही अपनी जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि हर एक पहलू को बारीकी से समझा जा सके और सभी दोषियों को पकड़ा जा सके।
जमीन विवाद में सुनवाई न होने का गुस्सा
गिरफ्तार होने के बाद आरोपी अनोज सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने ऐसा क्यों किया। अनोज के मुताबिक, वह जमीन से जुड़े एक विवाद को लेकर पिछले कई महीनों से अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहा था।
उसने बार-बार अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। बार-बार दफ्तर आने के बावजूद जब उसे इंसाफ नहीं मिला और उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वह अंदर ही अंदर गुस्से और हताशा से भर गया।
इसी नाराजगी और निराशा में उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया और सीओ पर हमला कर दिया। हालांकि, पुलिस और प्रशासन अभी भी इस हमले के पीछे के वास्तविक और गहरे कारणों की जांच कर रहे हैं।
वे यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसके पीछे कोई और वजह या किसी और का उकसाना भी था।
घटना की खबर जैसे ही गोगरी के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) संजय कुमार तक पहुंची, वह फौरन परबत्ता अंचल कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने सीओ हरिनाथ राम से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी ली।
एसडीओ संजय कुमार ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी अधिकारी पर हमला करना एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में जितने भी लोग शामिल होंगे, उन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना सिर्फ एक अधिकारी पर हमला भर नहीं है, बल्कि यह अंचल कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। जिस तरह से एक शख्स खुलेआम दफ्तर में घुसकर सरकारी कर्मचारी पर हमला कर सकता है, वह निश्चित रूप से चिंता का विषय है।
इस घटना के बाद अंचल कार्यालय जैसे संवेदनशील सरकारी स्थानों की सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। पुलिस अब पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और हमले के पीछे की वास्तविक वजहों और साजिशों का पता लगाने में जुटी है।
आने वाले दिनों में इस मामले में कई और खुलासे होने की उम्मीद है, क्योंकि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर अपनी जांच का दायरा बढ़ा रही है।

