मुंबई: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने एक ऐसा दिन देखा, जो किसी रोलरकोस्टर राइड से कम नहीं था. सुबह-सुबह तो लगा कि बाजार में फिर जान आ गई है, निफ्टी और सेंसेक्स हरे निशान में सरपट दौड़ने को तैयार हैं. लेकिन, जैसे-जैसे कारोबार का दिन ढला, मुनाफावसूली ने ऐसा दांव खेला कि बाजार की सारी तेजी हवा हो गई. आखिरी घंटे में बड़े खिलाड़ियों ने प्रॉफिट-बुकिंग शुरू की, और निफ्टी फिर 24,000 के अहम लेवल के नीचे आ गिरा. अब बुधवार, 10 जुलाई के लिए बाजार का मूड क्या है? क्या ये गिरावट सिर्फ एक झटके भर की थी, या कुछ और बड़ी पिक्चर बन रही है?
बाजार के जानकार फिलहाल एक बड़े 'शॉर्ट-कवरिंग' मूव की बात कर रहे हैं. उनका मानना है कि अगर निफ्टी एक खास लेवल पार कर जाता है, तो बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है.
लेकिन, ये शॉर्ट-कवरिंग क्या बला है, और बाजार की चाल पर इसका कितना असर पड़ता है? आइए समझते हैं.
ये 'शॉर्ट-कवरिंग' आखिर है क्या और क्यों है जरूरी?
दरअसल, 'शॉर्ट-कवरिंग' एक ऐसी सिचुएशन है, जब ट्रेडर्स ने उम्मीद की होती है कि बाजार गिरेगा और उन्होंने शेयर बेच दिए होते हैं (इसे शॉर्ट-सेलिंग कहते हैं). लेकिन, जब बाजार उनके अंदाजे के उलट ऊपर जाने लगता है, तो उन्हें घाटे से बचने के लिए अपने बेचे हुए शेयर वापस खरीदने पड़ते हैं.
जब ये ट्रेडर्स बड़ी संख्या में शेयर खरीदने लगते हैं, तो इससे बाजार में डिमांड बढ़ती है और शेयर की कीमतें ऊपर जाने लगती हैं. इसी को शॉर्ट-कवरिंग कहते हैं.
एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 24,200-24,300 के जोन को पार कर गया, तो ऐसी ही तगड़ी शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिलेगी, जो बाजार को ऊपर खींच सकती है.
9 जुलाई को बाजार ने क्या खेल दिखाया?
मंगलवार, 9 जुलाई को निफ्टी ने दिनभर खुद को संभालने और वापसी करने की खूब कोशिश की. सुबह अच्छी शुरुआत हुई थी, लेकिन पूरे दिन सूचकांकों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला.
सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का भी इस पर कुछ असर दिखा. दिनभर की इस उठा-पटक के बाद, भले ही निफ्टी और सेंसेक्स हरे निशान में बंद हुए, पर जो आखिरी घंटे में गिरावट दिखी, उसने निवेशकों की थोड़ी टेंशन बढ़ा दी.
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया, "8 जुलाई को बड़ी गिरावट के बाद, 9 जुलाई को निफ्टी ने उतार-चढ़ाव के बीच भी वापसी की कोशिश की और अंत में करीब 80 अंक ऊपर बंद हुआ."
रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि, "डेली चार्ट पर 'लॉन्ग अपर शैडो' के साथ एक छोटा पॉजिटिव कैंडल बना था. टेक्निकली देखें तो ये 'इनवर्टेड हैमर' टाइप कैंडल पैटर्न बनने का संकेत है.
" अब आप सोचेंगे कि ये 'इनवर्टेड हैमर' क्या है? तो बता दें कि गिरावट के बाद अक्सर ऐसा पैटर्न बनने को बुलिश रिवर्सल, यानी बाजार में तेजी आने के संकेत के तौर पर देखा जाता है. क्या ये सच में तेजी का संकेत है या सिर्फ एक छलावा?
इंडिया वीआईएक्स का 14 के नीचे आना क्या बताता है?
बाजार की चाल पर एक और अहम फैक्टर है 'इंडिया वीआईएक्स' (India VIX). ये एक इंडेक्स है जो बाजार में आने वाले समय में कितनी उथल-पुथल या अस्थिरता रह सकती है, इसका अंदाजा देता है.
अच्छी खबर ये है कि इंडिया वीआईएक्स में गिरावट आई है और यह 14 के नीचे आ गया है. आमतौर पर, वीआईएक्स का कम होना इस बात का संकेत होता है कि निवेशक अब थोड़ा कम डर रहे हैं और बाजार में अस्थिरता कम होने की उम्मीद है.
मंगलवार को निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए. ये दिखा रहा था कि बाजार में अभी भी कुछ दम बाकी है, बस एक पुश की जरूरत है.
आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
अब बात करते हैं एक्सपर्ट्स की, जो बाजार की चाल को करीब से देखते हैं. एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने एक अहम बात कही है.
उनके मुताबिक, "निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी थोड़ा कमजोर लग रहा है, लेकिन 23,800 के सपोर्ट लेवल के करीब से इसके वापसी करने के संकेत मिल रहे हैं." उन्होंने आगे कहा, "अगर निफ्टी 24,200-24,300 के लेवल को पार कर जाता है, तो बाजार में काफी जबरदस्त शॉर्ट-कवरिंग दिख सकती है.
" यानी, ये 24,200-24,300 का लेवल एक ट्रिगर पॉइंट बन सकता है.
एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने भी कुछ अहम लेवल बताए हैं, जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए. उनके अनुसार, "निफ्टी के लिए 23,800-23,780 का जोन अगले सपोर्ट का काम करेगा.
" ये जोन इसलिए भी अहम है क्योंकि कई पिछले 'स्विंग लो' इसी इलाके में हैं. शाह ने चेतावनी दी कि, "अगर निफ्टी 23,780 के नीचे चला गया, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है.
" ऐसी स्थिति में निफ्टी पहले 23,600 और फिर 23,450 की तरफ बढ़ सकता है. वहीं, तेजी की स्थिति में निफ्टी के लिए अगला रेसिस्टेंस 24,070-24,100 के जोन में है, जिसे पार करना बाजार के लिए एक चुनौती होगी.
क्या 10 जुलाई को थोड़ी रिकवरी की उम्मीद है?
इन सब के बीच, बुधवार, 10 जुलाई के लिए 'गिफ्ट निफ्टी' (Gift Nifty) बाजार में हल्की रिकवरी का संकेत दे रहा है. 9 जुलाई की शाम को 7:20 बजे गिफ्ट निफ्टी करीब 0.19 फीसदी, यानी 44.50 अंक की तेजी के साथ 24,039 पर कारोबार कर रहा था.
यह एक पॉजिटिव संकेत है, जो बताता है कि शायद बुधवार को बाजार थोड़ा संभलकर खुलेगा.
हालांकि, बाजार पर कुछ ग्लोबल फैक्टर भी हावी हैं. मध्य-पूर्व में बढ़ती टेंशन और क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की ऊंची कीमतें अभी भी मार्केट के लिए एक चिंता बनी हुई है.
भले ही क्रूड में हल्की नरमी देखने को मिली है, लेकिन इसका असर कितना होगा, ये देखना बाकी है. कुल मिलाकर, 10 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की नजरें 24,200-24,300 के उस अहम लेवल पर टिकी रहेंगी, जिसके पार जाते ही एक नई चाल देखने को मिल सकती है.




































