बाजार से: शेयर मार्केट में इन दिनों अच्छी खबरों का जैसे तांता लगा हुआ है। कभी कोई कंपनी बढ़िया मुनाफा कमा रही है, तो कभी किसी को बड़ा ऑर्डर मिल रहा है। और जब ऑर्डर छोटा-मोटा नहीं, बल्कि ₹3,011 करोड़ का हो, तो भैया मार्केट में हलचल मचना तो तय है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं प्रीमियर एनर्जीज (Premier Energies) की, जिसने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही, यानी अप्रैल से जून के बीच, इतना मोटा ऑर्डर बुक किया है।
मंगलवार, 7 जुलाई को कंपनी ने जैसे ही ये ऑफिशल अनाउंसमेंट किया, शेयर मार्केट में इसके स्टॉक ने दौड़ लगा दी। देखते ही देखते शेयर 1.5 परसेंट ऊपर चढ़ गया।
ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है, खासकर तब जब माहौल थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला हो। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये ऑर्डर किस चीज का है और Premier Energies करती क्या है? तो चलिए, आपको पूरी कहानी तसल्ली से सुनाते हैं।
तो आखिर क्या है ये ₹3,011 करोड़ का बंपर ऑर्डर?
प्रीमियर एनर्जीज ने बताया कि ये पूरा ₹3,011 करोड़ का ऑर्डर 1,846 मेगावॉट (MW) के सोलर सेल और मॉड्यूल की सप्लाई के लिए है। अगर आसान भाषा में समझें तो कंपनी को बड़ी मात्रा में सोलर पैनल और उनके अंदर इस्तेमाल होने वाले छोटे-छोटे सेल बनाने और सप्लाई करने का काम मिला है।
ये डिलीवरी इसी फाइनेंशियल ईयर और अगले फाइनेंशियल ईयर में पूरी की जाएगी। मतलब अगले एक-डेढ़ साल तक कंपनी के पास काम की कोई कमी नहीं रहने वाली।
ये ऑर्डर अलग-अलग जगहों से आए हैं। प्रीमियर एनर्जीज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि ये कॉन्ट्रैक्ट पावर प्रोड्यूसर (बिजली बनाने वाली कंपनियां), मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर (जो सोलर पैनल बनाते हैं), EPC कंपनियों (जो पूरे प्रोजेक्ट को डिजाइन और मैनेज करती हैं) और दूसरे बड़े कस्टमर से मिले हैं।
कुल मिलाकर, कंपनी ने सौर ऊर्जा सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है, ये बात तो साफ है।
कंपनी के एमडी साहब का क्या कहना है इस पर?
प्रीमियर एनर्जीज के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) चिरंजीवी सलूजा भी इस नए डेवलपमेंट से काफी खुश और कॉन्फिडेंट दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये नए ऑर्डर कंपनी की लीडरशिप पोजीशन को साफ दिखाते हैं।
उनकी मानें तो ये सब इसलिए मुमकिन हो पाया क्योंकि कंपनी ने नई टेक्नोलॉजी, बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन और प्रोडक्ट क्वालिटी में लगातार इन्वेस्टमेंट किया है।
सलूजा साहब ने अपनी कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को सपोर्ट करने के लिए दो बड़ी बातों को क्रेडिट दिया। पहला, देश में सोलर एनर्जी की बढ़ती डिमांड, और दूसरा, सरकार का 'मेक इन इंडिया' कैंपेन।
उनका कहना है कि ये दोनों फैक्टर कंपनी के लिए सोने पर सुहागा साबित हो रहे हैं, क्योंकि इससे घरेलू कंपनियों को बढ़ावा मिल रहा है और उन्हें अपना टैलेंट दिखाने का मौका मिल रहा है।
Premier Energies आखिर क्या-क्या बनाती है और इसकी तैयारी क्या है?
Premier Energies का मुख्य काम हाई-एफिशिएंसी वाले सोलर सेल और मॉड्यूल बनाना है। यानी वो ऐसे सोलर प्रोडक्ट्स बनाती है जो कम जगह में ज्यादा बिजली पैदा कर सकें।
कंपनी सिर्फ ऑर्डर लेने और सप्लाई करने तक ही नहीं रुक रही, बल्कि अपने प्रोडक्शन कैपेसिटी को भी लगातार बढ़ा रही है।
हाल ही में, कंपनी ने अपनी मॉड्यूल बनाने की कैपेसिटी को पहले के 5.5 मेगावॉट से बढ़ाकर सीधे 11.1 मेगावॉट कर दिया है। ये करीब-करीब डबल कैपेसिटी की छलांग है! और कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
कंपनी की सोलर सेल बनाने की कैपेसिटी भी इस साल सितंबर के आखिर तक 3.6 मेगावॉट से बढ़ाकर 10.6 मेगावॉट करने की तैयारी है। मतलब, कंपनी भविष्य की डिमांड को देखते हुए खुद को पूरी तरह तैयार कर रही है।
ये आंकड़ा भी लगभग तीन गुना बढ़ रहा है, जो अपने आप में एक बड़ा कदम है।
सरकारी नीतियों का क्या रोल है इस खेल में?
इस पूरी ग्रोथ में सरकार की नीतियों का भी बड़ा हाथ रहा है। Premier Energies ने ALMM-2 पॉलिसी को भी अपनी सफलता का क्रेडिट दिया है।
अब आप सोच रहे होंगे कि ये ALMM-2 पॉलिसी क्या बला है? तो भैया, ये एक सरकारी नियम है जो इस साल 1 जून से शुरू होने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए कुछ लिस्टेड सोलर PV सेल के इस्तेमाल को जरूरी बनाता है।
इसका सीधा मतलब ये है कि अब सोलर प्रोजेक्ट्स में उन्हीं सेल का इस्तेमाल करना होगा जो सरकार द्वारा अप्रूव्ड लिस्ट में हैं। इससे इम्पोर्ट पर हमारी डिपेंडेंस कम हुई है और घरेलू कंपनियों जैसे प्रीमियर एनर्जीज को ग्रोथ करने का जबरदस्त मौका मिला है।
सरकार चाहती है कि हम सोलर एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भर बनें, और ये पॉलिसी उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
शेयर मार्केट में कंपनी का क्या हाल है?
इतनी बढ़िया खबर आने के बाद, मंगलवार को प्रीमियर एनर्जीज के शेयर 1.1 परसेंट बढ़कर ₹1,033.8 पर ट्रेड कर रहे थे। एक तरफ जहाँ कई शेयर बाजार की उठापटक में फंसे हुए हैं, वहीं इस शेयर में ये उछाल निवेशकों को खुश कर गया।
हालाँकि, अगर हम पिछले एक महीने का डेटा देखें, तो स्टॉक में लगभग 5 परसेंट की गिरावट देखी गई थी। लेकिन घबराने की बात नहीं, क्योंकि इस साल अब तक (Year-To-Date) स्टॉक ने 22 परसेंट की शानदार बढ़त बनाए रखी है।
कुल मिलाकर, कंपनी का प्रदर्शन मजबूत दिख रहा है और भविष्य के लिए उसके पास एक ठोस प्लान भी है।






































