लखनऊ: कल्पना कीजिए कि आपकी दुकान या रेस्टोरेंट में अचानक आग लग जाए और आपके पास फायर एक्सटिंग्विशर तो हो, लेकिन आपको यह न पता हो कि उसे चलाना कैसे है। ऐसी स्थिति में घबराहट और अफरा-तफरी में जो नुकसान होता है, उसे रोकने के लिए लखनऊ के व्यापारियों ने एक खास पहल की है। शनिवार को लाटूश रोड स्थित लखनऊ व्यापार मंडल के दफ्तर में एक 'जागरूकता संवाद' कार्यक्रम रखा गया, जिसका मकसद सिर्फ बातें करना नहीं, बल्कि व्यापारियों को असल में यह सिखाना था कि आग लगने पर अपनी जान और माल को कैसे बचाया जाए।
इस कार्यक्रम में शहर के होटल, रेस्टोरेंट और अलग-अलग व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। माहौल ऐसा था कि हर कोई यह जानने को उत्सुक था कि आपातकालीन स्थिति में सही कदम क्या होने चाहिए।
कार्यक्रम की कमान व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने संभाली, जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल और चौक अग्निशमन विभाग के अधिकारी पुष्पेंद्र यादव मौजूद रहे।
अधिकारियों ने व्यापारियों को विस्तार से समझाया कि आग लगने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए और किन सावधानियों को बरतने से एक बड़ी आपदा को टाला जा सकता है। चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि सुरक्षा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर लागू होनी चाहिए ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
फायर एक्सटिंग्विशर का लाइव डेमो और ट्रेनिंग
इस पूरे कार्यक्रम का सबसे अहम हिस्सा वह था जब किताबी बातों को छोड़कर प्रैक्टिकल डेमो दिया गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करके दिखाया।
व्यापारियों को यह सिखाया गया कि सिलेंडर को कैसे पकड़ना है, पिन कैसे निकालनी है और आग की लपटों पर निशाना कैसे लगाना है। व्यापारियों ने खुद भी इन उपकरणों को चलाकर देखा और अपनी शंकाओं को दूर किया।
व्यापारियों की मांग और विभाग का आश्वासन
व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने साफ कहा कि व्यापारियों के लिए उनकी संपत्ति और कर्मचारियों की जान सबसे कीमती है। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों को अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी दुकानों को सुरक्षित बना सकें।
वहीं, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि विभाग उन्हें सुरक्षा मानकों को पूरा करने में हर संभव मदद करेगा। उन्होंने कहा कि अगर सही ट्रेनिंग और जागरूकता हो, तो आगजनी से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने इस बात पर जोर दिया कि अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करना अब केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हर व्यापारी की जिम्मेदारी है। वहीं, राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने एक बहुत जरूरी बात कही कि सिर्फ फायर एक्सटिंग्विशर खरीद लेना काफी नहीं है, बल्कि समय-समय पर इनकी नियमित जांच और रखरखाव (maintenance) करना भी उतना ही जरूरी है ताकि जरूरत के वक्त उपकरण फेल न हों।




































