लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर इलाके से एक ऐसी चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने शादी जैसे पवित्र बंधन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक नवविवाहिता का शव फंदे से लटका मिला। शादी को अभी सिर्फ पांच महीने ही हुए थे। लेकिन सबसे हैरान करने वाला आरोप ये है कि पति ने अपनी पत्नी की लाश को अस्पताल ले जाने की बजाय, उसके साथ फोटो खिंचवाई। ये आरोप मृतका के मायकेवालों ने लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतका का नाम सोनाली (24) है और उसकी शादी इसी साल फरवरी में कमलाकांत मिश्रा से हुई थी। कमलाकांत इंदिरानगर के शिवाजीपुरम इलाके में किराए के एक फ्लैट में रहता है और एक प्राइवेट बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर काम करता है।
शनिवार देर रात सोनाली का शव घर में फंदे से लटका मिला। कमलाकांत ने ही उसे फंदे से उतारा और तुरंत एक अस्पताल पहुंचाया।
लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने सोनाली को मृत घोषित कर दिया।
क्या हुआ शनिवार की रात?
अस्पताल से पुलिस को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद इंदिरानगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने तुरंत सोनाली के मायकेवालों को इस दर्दनाक खबर की जानकारी दी। सोनाली का मायका बिहार के बक्सर जिले के खरहाराड़ सिमरी गांव में है, जबकि उसके पति कमलाकांत भोजपुर के पिंजरोई संदेश के रहने वाले हैं।
रविवार को जब सोनाली के मायकेवाले बिहार से लखनऊ पहुंचे, तो उन्होंने जो आरोप लगाए, उसने पूरे मामले में एक नया मोड़ ला दिया। सोनाली के भाई अभिषेक ओझा ने अपने बहनोई कमलाकांत पर गंभीर आरोप लगाए।
अभिषेक ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात उनके पास बहनोई कमलाकांत का फोन आया था, जिसने सोनाली की आत्महत्या की खबर दी और बताया कि उसे अस्पताल ले जाया गया है। लेकिन जब वे लखनऊ पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि सोनाली की मौत पहले ही हो चुकी थी।
पति पर गंभीर आरोप और 'वो' तस्वीर
अभिषेक ओझा का सबसे बड़ा आरोप ये है कि अस्पताल पहुंचाने के बजाय, उनके बहनोई ने अपनी मृत पत्नी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। उन्होंने ये तस्वीरें पुलिस को भी सौंपी हैं।
अभिषेक ने सवाल उठाया कि जब उनकी बहन की जान खतरे में थी, तब अस्पताल ले जाने की बजाय फोटो खींचना क्या दर्शाता है? यह बात अपने आप में कई संदेह पैदा करती है।
अभिषेक ने अपनी शिकायत में बताया कि शादी के बाद से ही कमलाकांत और उसके ससुराल पक्ष के लोग – सास रमावती, ससुर शारदानंद, ननद गिरिजा चौबे, जेठ लक्ष्मीकांत और जेठानी लक्ष्मी – सोनाली को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। उनकी मुख्य मांग एक कार और नकदी थी।
मायकेवालों के मुताबिक, ये लोग सोनाली को बार-बार इसी बात को लेकर ताने मारते और परेशान करते थे, जिससे सोनाली मानसिक रूप से बेहद दबाव में थी।
दहेज की लंबी फेहरिस्त और प्रताड़ना
सोनाली के भाई अभिषेक ने इंदिरानगर थाने में दी गई अपनी शिकायत में साफ-साफ कहा है कि उनकी बहन की शादी में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उन्होंने शादी में 15 लाख रुपये नकद और लगभग ढाई लाख रुपये का फर्नीचर दिया था।
इसके बावजूद, ससुरालवाले सोनाली को लगातार तंग करते रहते थे। उनकी जिद थी कि उन्हें एक कार चाहिए और इसी बात को बार-बार कहकर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था।
अभिषेक ने बताया कि सोनाली 28 जून को ही पति कमलाकांत के पास लखनऊ आई थी। उनका आरोप है कि 4 जुलाई को कमलाकांत ने उनकी बहन की हत्या कर दी और फिर इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए कई तरीके अपनाए, जिसमें मृत शरीर के साथ फोटो खींचने जैसा अमानवीय कार्य भी शामिल था।
मायकेवालों का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी को मौत के घाट उतार दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
सोनाली के भाई अभिषेक ओझा की शिकायत पर इंदिरानगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है। पुलिस ने पति कमलाकांत मिश्रा सहित ससुराल पक्ष के कुल 6 लोगों के खिलाफ दहेज हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने कमलाकांत को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा के भयावह परिणामों को उजागर कर दिया है और समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक रिश्तों की बलि पैसों और लालच के आगे चढ़ती रहेगी।




































