लंदन: दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का शोर है, लेकिन ब्रिटेन की बड़ी कंपनियों में अब यह सिर्फ चर्चा का विषय नहीं रहा, बल्कि एक नई कुर्सी का नाम बन गया है। साल 2026 की शुरुआत में एक ऐसा बदलाव आया जिसने कॉर्पोरेट जगत की पूरी तस्वीर बदल दी। देखते ही देखते ब्रिटेन की दिग्गज कंपनियों ने अपनी मैनेजमेंट टीम में एक नया पद जोड़ा जिसे नाम दिया गया 'चीफ एआई ऑफिसर' (CAIO)।
अब सवाल यह है कि आखिर अचानक इतनी हड़बड़ी क्यों मच गई? क्या यह सिर्फ एक ट्रेंड है या फिर बिजनेस करने का तरीका पूरी तरह बदल रहा है? असल में, ब्रिटेन की लगभग आधी बड़ी कंपनियों ने अब अपने यहाँ समर्पित AI लीडर्स नियुक्त कर लिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 42% नियुक्तियाँ तो पिछले एक साल के भीतर ही हुई हैं।
कौन-कौन से बड़े नाम इस रेस में शामिल हुए?
अगर हम बड़े नामों की बात करें, तो HSBC ने डेविड राइस को अपना पहला चीफ एआई ऑफिसर बनाया। वहीं, लॉयड्स (Lloyds) ने समीर गुप्ता को चीफ डेटा और एआई ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी है।
सिर्फ प्राइवेट सेक्टर ही नहीं, बल्कि ब्रिटिश सरकार ने भी इस दौड़ में कदम रखा है और कलबीर सोही को पब्लिक सेक्टर के सबसे सीनियर एआई लीडरशिप रोल के लिए नियुक्त किया है।
मोटा-मोटी हिसाब लगायें तो यह तो बस एक बड़े बदलाव की शुरुआत है। फाइनेंस सेक्टर में तो यह लहर और भी तेज है।
एक रिसर्च के मुताबिक, ब्रिटेन की 69% फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों ने पहले ही अपना CAIO नियुक्त कर लिया है, जो कि सभी इंडस्ट्रीज के औसत (46%) से काफी ज्यादा है। बाकी बची कंपनियों में से करीब एक चौथाई अभी एक्टिवली ऐसे लोगों की तलाश में हैं जो उनके सिस्टम को AI के जरिए स्मार्ट बना सकें।
क्या यह सिर्फ दिखावा है या असली बदलाव?
शुरुआत में जब यह पद आया था, तो चीफ एआई ऑफिसर का काम काफी हद तक एक कोऑर्डिनेटर जैसा था। उनका काम बस अलग-अलग टीमों को एक साथ लाना, रेगुलेटर्स को भरोसा दिलाना और कुछ छोटे-मोटे पायलट प्रोजेक्ट्स को संभालना था।
कुछ कंपनियों में तो यह पद सिर्फ एक PR स्टंट या दिखावे के लिए था ताकि दुनिया को लगे कि कंपनी 'अपडेटेड' है।
लेकिन अब कहानी बदल चुकी है। जो चीफ एआई ऑफिसर्स वाकई में असर डाल रहे हैं, उनका रोल अब पूरी तरह बदल गया है।
अब वे सिर्फ सलाह नहीं देते, बल्कि P&L (प्रॉफिट एंड लॉस) के मालिक बन रहे हैं। इसका मतलब है कि अब उनके पास बजट कंट्रोल करने की पावर है, वे इन्वेस्टमेंट के फैसले ले रहे हैं और बिजनेस के नतीजों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
बिजनेस स्ट्रैटेजी में AI का क्या रोल है?
आज के दौर में CAIO अब कंपनी के किसी कोने में बैठकर काम नहीं करते, बल्कि वे कमर्शियल स्ट्रैटेजी के केंद्र में हैं। वे तय कर रहे हैं कि AI के जरिए रेवेन्यू कैसे बढ़ाया जाए, नए प्रोडक्ट्स में इनोवेशन कैसे लाया जाए और कस्टमर एक्सपीरियंस को कैसे बेहतर किया जाए।
अब उन कंपनियों के लिए टेंशन वाली बात है जिन्होंने अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। उनके सामने सबसे बड़ा चैलेंज यह है कि आखिर उन्हें रोक क्या रहा है? क्या उन्होंने इस बात पर गंभीरता से सोचा है कि इस रोल की जरूरत क्या है और एक सफल AI लीडर कैसा होना चाहिए?
कुल मिलाकर, ब्रिटेन के कॉर्पोरेट जगत में अब यह साफ हो गया है कि AI अब सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि बिजनेस चलाने का मुख्य तरीका बन चुका है। जो कंपनियां इस बदलाव को समय पर नहीं अपनाएंगी, उनके लिए आने वाले समय में मुकाबला और भी कठिन हो सकता है।




































