देशभर: मॉनसून पूरी तरह से एक्टिव है और इस वक्त देशभर में इसका रंग दिख रहा है. लेकिन ज़रा अलर्ट हो जाइए, क्योंकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 जुलाई के लिए अपना ताज़ा बुलेटिन जारी किया है और यह कई राज्यों के लिए अच्छी खबर नहीं है. खास तौर पर बिहार और ओडिशा, जहां बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है, वहां लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.
मानसून इस वक्त पूरे फ़ुल फ़ॉर्म में है और अगले 24 घंटे कई इलाकों के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं. IMD की रिपोर्ट बता रही है कि सिर्फ बिहार और ओडिशा ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर के कई राज्यों समेत कुल 10 राज्य ऐसे हैं जहां आसमान से आफत बरस सकती है.
सोचिए, जब मौसम विभाग खुद कहता है कि स्थिति गंभीर है, तो हमें कितनी सावधानी बरतनी चाहिए!
IMD का लेटेस्ट अपडेट क्या कहता है?
मौसम विभाग के एक्सपर्ट्स ने साफ-साफ कहा है कि 14 जुलाई को बिहार और ओडिशा के अलग-अलग ज़िलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के चांस हैं. इसका सीधा मतलब ये है कि निचले इलाकों में पानी भर सकता है, सड़कें डूब सकती हैं, और तो और कई जगहों पर तो लोकल बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं.
कल्पना कीजिए, रोज़मर्रा के काम निपटाना कितना मुश्किल हो जाएगा!
ऐसे में, लोगों को साफ सलाह दी गई है कि बिना बहुत ज़रूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित रहें. अपनी सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दें, क्योंकि जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों में यात्रा करना खतरनाक साबित हो सकता है.
ये चेतावनी सिर्फ बारिश तक ही सीमित नहीं है. इसके साथ-साथ कई इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है.
ऐसे मौसम में खुले में रहना या पेड़ों के नीचे रुकना बेहद खतरनाक हो सकता है.
किन 10 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट है?
अब बात करते हैं उन 10 राज्यों की, जहां 14 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है. इस लिस्ट में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं.
यानी पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज अभी बिगड़ा ही रहेगा. अगर आप इन राज्यों में से किसी में रहते हैं या वहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो अपनी तैयारियों को पुख्ता कर लीजिए.
इन सभी राज्यों में कई जगहों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज के साथ बौछारें पड़ने की पूरी-पूरी आशंका है. सोचिए, जब आसमान में लगातार बिजली कड़कती है और जोरदार बारिश होती है, तो कैसा माहौल बनता होगा! बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे में खास देखभाल की ज़रूरत पड़ती है.
इसलिए सरकारी एडवाइजरी पर नज़र बनाए रखें और उसके हिसाब से ही प्लान करें.
तेज हवाएं और बिजली गिरने का क्या सीन है?
बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं भी चलने वाली हैं, जो स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं. IMD के मुताबिक, बिहार, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
यह रफ्तार इतनी होती है कि हल्की चीज़ें उड़ सकती हैं, खुले में काम करना मुश्किल हो सकता है और यहां तक कि कुछ पेड़ों की डालियां भी टूट सकती हैं.
लेकिन कुछ जगह तो हवा और भी तेज़ चलेगी. अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में हवा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चल सकती है.
इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का खतरा भी ज़्यादा है. बिजली गिरने की घटनाएं अकसर जानलेवा साबित होती हैं, इसलिए ऐसे मौसम में सुरक्षित जगह पर रहना सबसे समझदारी का काम है.
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
उत्तर भारत की बात करें, तो यहां भी मानसून अपना असर दिखा रहा है, लेकिन थोड़ा अलग तरीके से. उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जो पहाड़ी इलाकों में लोगों के लिए थोड़ी टेंशन बढ़ा सकता है.
वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है. पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ लैंडस्लाइड का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए ट्रेवल करते समय बहुत सावधान रहें.
उत्तर प्रदेश में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी, जो किसानों और आम लोगों के लिए राहत की बात हो सकती है. हालांकि, 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है.
यानी कुछ दिनों बाद वहां भी मौसम करवट बदलेगा और जोरदार बारिश देखने को मिल सकती है. हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है, जिससे उमस से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर भारी बारिश की उम्मीद कम है.
पूर्वोत्तर में मानसून का क्या हाल है?
पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर लगातार बना हुआ है और यहां का हाल थोड़ा गंभीर है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश रुकने का नाम नहीं लेगी.
खासतौर पर मेघालय और असम के कुछ इलाकों में तो भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसका मतलब है कि वहां आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है, सड़कें बंद हो सकती हैं और लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो सकती है.
लगातार बारिश के चलते कुछ जगहों पर अचानक बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा भी बढ़ गया है. ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को खास सावधानी बरतनी होगी और बेवजह यात्रा से बचना होगा.
कुल मिलाकर, मौसम विभाग ने यही साफ कर दिया है कि आने वाले दिन कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, खासकर उन इलाकों में जहां भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. सभी को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए और सरकारी एडवाइजरी को फॉलो करना चाहिए ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके.









































