दिल्ली: देशभर में मॉनसून ने अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली है, और अब ये अपनी पूरी ताकत दिखा रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने साफ-साफ बता दिया है कि 12 जुलाई का दिन कई राज्यों के लिए बेहद खास रहने वाला है. कहीं भारी बारिश की आशंका है, तो कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है. ऐसा लग रहा है मानो आसमान में पानी की टंकी ओवरफ्लो हो गई है!
आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या होने वाला है? बता दें, देश के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून सिस्टम इस वक्त बेहद एक्टिव है. खासकर पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर के राज्य, मध्य भारत और पश्चिमी तटीय इलाकों में जोरदार बारिश की उम्मीद है.
कुछ जगहों पर तो हालात ऐसे हो सकते हैं कि भारी से बहुत भारी बारिश हो जाए, जो आम जनजीवन को खासा प्रभावित कर सकती है.
इतना ही नहीं, IMD ने कई इलाकों के लिए गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है. ये हवाएं 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जो कहीं न कहीं लोगों की टेंशन बढ़ा सकती हैं.
तो चलिए, एक-एक करके समझते हैं कि देश के किस हिस्से का क्या हाल रहने वाला है.
तो पूरे देश के लिए क्या है मॉनसून का मिजाज?
कुल मिलाकर, 12 जुलाई को देश के ज्यादातर इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा. पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है.
इसके साथ ही कई राज्यों में तेज़ हवाओं का और बिजली गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है. तो घर से निकलने से पहले एक बार मौसम का हाल जानकर निकलना ही समझदारी होगी.
मध्य भारत में कैसा रहेगा हाल?
बात करें मध्य भारत की, तो मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है. पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके तो 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकते हैं.
ज़रा सोचिए, ऐसी आंधी में गाड़ी चलाना या खुले में खड़े रहना कितना जोखिम भरा हो सकता है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं, इसलिए यहां भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
छत्तीसगढ़ में भी कई जगहों पर अच्छी खासी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तो भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
इसका सीधा मतलब है कि निचले इलाकों में पानी भरने यानी जलभराव और यहां तक कि स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है. ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम जनता को भी अलर्ट रहने की जरूरत है.
पूर्वी भारत में क्यों बढ़ी टेंशन?
अब रुख करते हैं पूर्वी भारत की तरफ, जहां बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में मॉनसून पूरी तरह से एक्टिव रहने वाला है. अगर आप बिहार में रहते हैं, तो छतरी और रेनकोट तैयार रखिए, क्योंकि IMD ने कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
वहीं झारखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है. क्या आप जानते हैं कि ऐसे मौसम में बाहर निकलना कितना खतरनाक हो सकता है?
गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के साथ-साथ सिक्किम में तो भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जैसी स्थिति बताई जा रही है. ओडिशा में भी भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है.
इन इलाकों में लोग किस तरह से अपनी दिनचर्या चलाएंगे, ये एक बड़ा सवाल है.
पूर्वोत्तर में क्या है भूस्खलन का खतरा?
पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा का दौर जारी रहेगा. इन राज्यों के लोग बारिश के आदि होते हैं, लेकिन इस बार मेघालय और असम के कुछ क्षेत्रों में तो अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है.
अत्यधिक भारी बारिश! आप समझ सकते हैं कि इसका मतलब क्या है?
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. कहीं घूमने जाने का प्लान है तो अभी टाल दीजिए, क्योंकि ऐसे में कोई रिस्क लेना ठीक नहीं होगा.
पश्चिमी भारत का क्या हाल?
पश्चिमी भारत में कोंकण, गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी. कोंकण और गोवा में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है.
हालांकि, यहां पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत जैसी भयावह स्थिति की आशंका नहीं है, लेकिन फिर भी मॉनसून का असर तो दिखेगा ही.
और दक्षिण में मॉनसून का मिजाज?
आखिर में बात दक्षिण भारत की. केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश होने की उम्मीद है.
यहां भी मॉनसून अपना रंग दिखाएगा, हालांकि शायद उतनी तेज़ी से नहीं, जितनी उत्तर और पूर्वी भारत में. लेकिन फिर भी लोगों को सचेत रहने की जरूरत है.
तो कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मॉनसून का जबरदस्त अटैक देखने को मिलने वाला है. अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और मौसम विभाग की सलाह को गंभीरता से लें.








































