नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख सिर पर है और तारीख है 31 जुलाई। ये वो डेडलाइन है जिसके बाद अगर आपने अपना ITR फाइल नहीं किया तो कई तरह के झंझट और नुकसान हो सकते हैं। आमतौर पर लोग आखिरी मौके का इंतजार करते हैं, फिर साइट स्लो हो जाती है या कोई डॉक्यूमेंट मिसिंग होता है, और फिर शुरू होती है टेंशन। लेकिन, अब इस टेंशन को टाटा-बाय-बाय कहने का वक्त आ गया है, क्योंकि आपके चहेते फिनटेक प्लेटफॉर्म्स PhonePe और JioFinance ने इसका एक बेहद आसान और किफायती रास्ता निकाल दिया है।
जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना! ये दोनों कंपनियां अब अपने ऐप के भीतर ही आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की सुविधा दे रही हैं। और ये सर्विस सिर्फ नाम की नहीं है, बल्कि मात्र 24 रुपये जैसी छोटी सी फीस से शुरू हो रही है।
अब सवाल ये है कि क्या सच में इतनी कम फीस में आप अपना ITR फाइल कर सकते हैं और क्या ये पूरी तरह सुरक्षित है? आइए जानते हैं पूरा माजरा क्या है, और कैसे ये आपकी टैक्स फाइलिंग जर्नी को सुपर-स्मूद बना सकता है।
आखिर ये फिनटेक कंपनियां कैसे कर रही हैं मदद और क्यों?
बता दें, PhonePe और JioFinance ने इस काम के लिए TaxBuddy नाम की एक कंपनी के साथ हाथ मिलाया है। TaxBuddy एक रजिस्टर्ड ई-रिटर्न इंटरमीडियरी (ERI) है, यानी टैक्स फाइलिंग का काम इनके लिए नया नहीं है और ये इसमें माहिर हैं।
इस पार्टनरशिप से इन प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाली फाइनेंसियल सेवाओं का दायरा और बढ़ गया है, जिससे यूजर्स को एक ही जगह पर ढेर सारी सहूलियतें मिल रही हैं। अब आपको ITR फाइल करने के लिए किसी अलग पोर्टल पर जाने या किसी CA के पास दौड़ लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सब कुछ एक ही ऐप में चुटकियों में हो जाएगा।
ये प्लेटफॉर्म्स दो तरह के ऑप्शन दे रहे हैं: पहला है 'डू-इट-योरसेल्फ' (DIY), जिसमें आप खुद अपने डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके अपना ITR फाइल कर सकते हैं, और दूसरा है 'एक्सपर्ट असिस्टेड', जिसमें टैक्स एक्सपर्ट्स आपकी तरफ से सारे काम में मदद करेंगे। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि DIY प्लान सिर्फ 24 रुपये से शुरू हो रहे हैं, जो कि किसी भी आम आदमी या पहली बार ITR फाइल करने वाले के लिए बेहद किफायती है।
अब इतनी कम फीस में भला और क्या चाहिए?
31 जुलाई की डेडलाइन क्यों है इतनी अहम, और चूकने पर क्या होगा?
इससे पहले कि हम इन सेवाओं की और बात करें, ये समझना बेहद जरूरी है कि 31 जुलाई की तारीख इतनी क्रिटिकल क्यों है। अगर आप इस तारीख तक अपना ITR फाइल नहीं करते हैं, तो आपको भारी-भरकम पेनाल्टी चुकानी पड़ सकती है।
सरकार ने इसके लिए नियम काफी सख्त कर दिए हैं। इसके अलावा, आपको कई टैक्स बेनेफिट्स से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर आपको कोई टैक्स रिफंड मिलना है, तो उसमें बेवजह की देरी हो सकती है, या फिर आप कुछ खास तरह के लॉसेज को अगले फाइनेंशियल ईयर में कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे, जिससे आपको भविष्य में नुकसान हो सकता है।
टैक्स एक्सपर्ट्स हमेशा सलाह देते हैं कि आखिरी मिनट की हड़बड़ी से बचें। अक्सर देखा गया है कि लास्ट डेट पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक होने के कारण वो स्लो हो जाती है, जिससे फाइलिंग में दिक्कतें आती हैं।
कई बार तो लोग चाहकर भी फाइल नहीं कर पाते। ऐसे में ये नए फिनटेक सॉल्यूशंस वाकई बड़े काम के साबित हो सकते हैं, क्योंकि ये आपके फोन में ही उपलब्ध हैं और आप कभी भी, कहीं भी फाइल कर सकते हैं।
ये सुविधाएं किन टैक्सपेयर्स के लिए हैं, क्या आप भी शामिल हैं?
ये खास सेवाएं सिर्फ सैलरीड इंडिविजुअल्स के लिए ही नहीं हैं, बल्कि उन सभी टैक्सपेयर्स के लिए हैं जिनकी इनकम के कई सारे सोर्सेज हैं। इसमें बिजनेस इनकम वाले लोग, कैपिटल गेंस से कमाई करने वाले, आजकल जो क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजेक्शंस का चलन बढ़ गया है उससे कमाई करने वाले, विदेशी इनकम और यहां तक कि नॉन-रेजिडेंट (NRI) भी अपने रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
यानी, अगर आपके इनकम का स्ट्रक्चर थोड़ा कॉम्प्लिकेटेड है या आपकी आय कई अलग-अलग स्रोतों से आती है, तब भी ये प्लेटफॉर्म्स आपके काम आ सकते हैं और चीजों को आसान बना सकते हैं।
TaxBuddy की तरफ से मिलने वाले टैक्स फाइलिंग सॉल्यूशंस पूरी तरह से रजिस्टर्ड और रेगुलेटेड फ्रेमवर्क के तहत काम करते हैं, तो डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर भी आपको कोई टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। आपका पर्सनल और फाइनेंसियल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा।
आपके डेटा की प्रोसेसिंग सिर्फ और सिर्फ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के मकसद से ही होगी, इसका किसी और काम के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। ये एक बड़ा प्लस पॉइंट है, खासकर ऐसे समय में जब डेटा प्राइवेसी को लेकर लोग ज्यादा सजग रहते हैं।
क्या फीचर्स मिलते हैं, और PhonePe-JioFinance में क्या अंतर है?
JioFinance ने बताया है कि उनके टैक्स फाइलिंग मॉड्यूल में कई धांसू फीचर्स हैं, जो फाइलिंग को आसान बनाते हैं। इनमें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पोर्टल से आपका डेटा अपने आप रिट्राइव हो जाता है, जिससे आपको मैन्युअल एंट्री का झंझट नहीं होता।
इसके अलावा, टैक्स प्लानिंग टूल्स मिलते हैं जो आपको टैक्स बचाने में मदद कर सकते हैं। आप अलग-अलग टैक्स रीजीम (जैसे पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था) की तुलना कर सकते हैं और चुन सकते हैं कि आपके लिए कौन सा बेहतर है।
डिडक्शन का अनुमान लगाना और अपने रिफंड को ट्रैक करना भी इसमें शामिल है। कुल मिलाकर, आपको एक ही जगह पर टैक्स से जुड़ी सारी जरूरी जानकारी और टूल्स मिल जाएंगे, जो आपको सही फैसला लेने में मदद करेंगे।
वहीं, PhonePe ने कहा है कि उनका नया फीचर सिर्फ ITR फाइल करने की सुविधा ही नहीं देता, बल्कि यूजर्स को मंथली जीएसटी कंप्लायंस मैनेज करने का ऑप्शन भी देता है। ये उन छोटे व्यापारियों या प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है जिन्हें जीएसटी भी फाइल करना होता है।
एक ही ऐप में ITR और GST, इससे बेहतर क्या हो सकता है?
दोनों फिनटेक कंपनियों के सेल्फ-Filing प्लान 24 रुपये से शुरू होते हैं। हालांकि, JioFinance ने अपनी डिटेल प्राइसिंग स्ट्रक्चर पेश की है।
सैलरीड टैक्सपेयर्स 24 रुपये से 499 रुपये की फीस चुकाकर खुद अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं। अगर आप कैपिटल गेंस, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस या क्रिप्टोकरेंसीज में ट्रेडिंग करते हैं, तो आपके लिए शुरुआती प्लान 99 रुपये का है।
एक्सपर्ट असिस्टेड प्लान्स भी उपलब्ध हैं, जिनकी फीस थोड़ी ज्यादा होती है क्योंकि इसमें आपको प्रोफेशनल की सीधी मदद मिलती है। तो अपनी जरूरत और कॉम्प्लेक्सिटी के हिसाब से आप प्लान चुन सकते हैं।
कुल मिलाकर, 31 जुलाई की डेडलाइन तेजी से करीब आ रही है। अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है और किसी तरह की दिक्कत आ रही है, तो PhonePe या JioFinance जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके इस काम को आसानी से निपटा सकते हैं।
ये न सिर्फ आपके समय की बचत करेगा, बल्कि आपको आखिरी मिनट की परेशानी और संभावित पेनाल्टी से भी बचाएगा। स्मार्ट बनें, सही समय पर टैक्स फाइल करें!




































