टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में होगा बड़ा बदलाव? गौतम गंभीर के करीबी सदस्य की हो सकती है छुट्टी
सारांश


खेल जगत: भारतीय क्रिकेट टीम आजकल मैदान पर जूझती दिख रही है। आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर लगातार मिल रही हार के बाद फैंस भी मायूस हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम ने छह मैच खेले, लेकिन जीत का स्वाद एक बार भी चखने को नहीं मिला। नतीजा ये रहा कि भारत ने लगातार दो सीरीज गंवा दीं। लेकिन इन हार से भी बड़ी और चौंकाने वाली खबर अंदरखाने से आ रही है। कहा जा रहा है कि टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। और ये बदलाव सिर्फ परफॉर्मेंस की वजह से नहीं हो रहा, बल्कि इसके पीछे की कहानी कुछ और है।
रिपोर्ट्स की मानें तो, हेड कोच गौतम गंभीर के सपोर्ट स्टाफ के एक बेहद सीनियर सदस्य को टीम से अलग किया जा सकता है। खास बात ये है कि उनका कॉन्ट्रैक्ट अभी खत्म नहीं हुआ है, फिर भी उनकी टीम से विदाई की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या वाकई टीम में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा? या ये किसी बड़ी प्लानिंग का हिस्सा है, जिसकी आहट अभी से सुनाई दे रही है?
भारतीय टीम इस वक्त मुश्किल दौर से गुजर रही है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में मेजबान टीम ने 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
सीरीज का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था, लेकिन उसके बाद लगातार तीन मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी और सीरीज अपने नाम कर ली। इससे पहले आयरलैंड दौरे पर भी टीम को हार का सामना करना पड़ा था।
कुल मिलाकर टीम की परफॉर्मेंस चिंताजनक रही है।
आमतौर पर जब टीम खराब प्रदर्शन करती है, तो कोचिंग स्टाफ पर भी गाज गिरने की खबरें आती हैं। लेकिन इस मामले में एक ट्विस्ट है।
प्रतिष्ठित अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की एक रिपोर्ट बताती है कि कोचिंग स्टाफ में होने वाले संभावित बदलाव का हाल के खराब प्रदर्शन से सीधा संबंध नहीं माना जा रहा है। ये खबर तो और भी दिलचस्प बनाती है, क्योंकि अगर हार से इसका लेना-देना नहीं है, तो फिर ये फैसला क्यों लिया जा रहा है?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस पर पिछले कई महीनों से चर्चा चल रही थी। यानी ये कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि एक तय प्रक्रिया का हिस्सा है।
ये दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम मैनेजमेंट पहले से ही इस बारे में सोच-विचार कर रहा था, और अब वो प्लान एग्जीक्यूट होने वाला है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर गौतम गंभीर के करीबी इस सीनियर सदस्य को टीम से क्यों अलग किया जा रहा है? रिपोर्ट्स में बताया गया है कि वह पहले से ही एक ऐसी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत कर रहे हैं, जो दुनिया की कई टी20 लीगों में अपनी टीमें चलाती है। ये खबर अगर सच है, तो ये दर्शाता है कि क्रिकेट की दुनिया में अब सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि ग्लोबल टी20 लीग्स भी एक बड़ा फैक्टर बन गई हैं, जहां बेहतरीन कोचेस और सपोर्ट स्टाफ की डिमांड लगातार बढ़ रही है।
इसके अलावा, सपोर्ट स्टाफ के एक और सदस्य का भविष्य भी फिलहाल तय नहीं माना जा रहा है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में कोचिंग सेटअप में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
ये भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम मोड़ हो सकता है, जहां टीम को नए सिरे से तैयार करने की कोशिशें की जा रही हैं।
आपको याद होगा, जुलाई 2024 में जब गौतम गंभीर को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया था, तो उनके साथ कई लोग जुड़े थे। गंभीर ने अपनी पसंद की एक पूरी कोचिंग टीम बनाई थी।
सबसे पहले रयान टेन डोएशेट और अभिषेक नायर को सहायक कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद, बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज से ठीक पहले मोर्ने मोर्कल को गेंदबाजी कोच बनाया गया था।
इन तीनों ही दिग्गजों को दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर टीम के साथ जोड़ा गया था। खास बात ये थी कि इसमें अच्छा प्रदर्शन करने पर एक साल के लिए अनुबंध बढ़ाने का भी ऑप्शन रखा गया था।
उस वक्त ये बात खुलकर सामने आई थी कि गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद उनके साथ पहले आईपीएल में काम कर चुके कई लोगों को भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में जगह मिली थी। साफ था कि इन नियुक्तियों में गौतम गंभीर की अहम भूमिका थी और उन्होंने अपने भरोसेमंद लोगों को टीम के साथ जोड़ा था।
ऐसा नहीं है कि टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में ये पहला बदलाव होगा। अगर हम थोड़ा पीछे देखें, तो ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाद भी कोचिंग स्टाफ में बदलाव किया गया था।
तब अभिषेक नायर की जगह सीतांशु कोटक को बल्लेबाजी कोच की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। ये दिखाता है कि टीम मैनेजमेंट समय-समय पर स्टाफ में बदलाव करता रहता है, ताकि टीम को बेहतर परफॉर्मेंस के लिए तैयार किया जा सके।
लेकिन इस बार की खबर थोड़ी अलग है, क्योंकि ये बदलाव किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी के ऑफर की वजह से बताया जा रहा है, न कि सीधे तौर पर प्रदर्शन के कारण। अब देखना ये होगा कि ये बदलाव भारतीय टीम के लिए कितने फायदेमंद साबित होते हैं और आने वाले समय में टीम का प्रदर्शन कैसा रहता है।
पत्रकारिता सिर्फ़ हमारा पेशा नहीं, हमारी ज़िम्मेदारी है। हम हर ख़बर को सटीकता, निष्पक्षता और तेज़ी से आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वर्षों के अनुभव के साथ, हमारा लक्ष्य है कि पाठकों तक हर दिन ताज़ा, सही और भरोसेमंद जानकारी पहुँचे।
सभी खबरें देखें