दिल्ली: कैमरा और फ़ोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए पिछले दिनों सोनी ने एक बड़ा सरप्राइज़ दिया है। लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार सोनी ने अपनी RX10 सीरीज़ का नया मॉडल, RX10 V, मार्केट में लॉन्च कर दिया है। ये कोई आम कैमरा नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए खास है जो ज़ूम लेंस और परफॉरमेस दोनों का बेस्ट कॉम्बिनेशन चाहते हैं। सोचिए, एक ऐसा कैमरा जो 24mm से लेकर 600mm तक की ज़ूम रेंज कवर कर ले, और वो भी एक ही लेंस में!
कैमरा कम्युनिटी में इसकी खबर फैलते ही हर कोई इसकी परफॉरमेस के बारे में जानने को बेताब था। खासकर पक्षी फोटोग्राफी (Bird Photography) करने वाले फोटोग्राफर्स के लिए ये सवाल अहम था कि क्या ये नया ‘ब्रिज कैमरा’ उनके महंगे और भारी-भरकम प्रो मिररलेस इक्विपमेंट की जगह ले सकता है?
सोनी RX10 V में क्या है खास, जो इतना शोर मचा रहा है?
आपको बता दें कि RX10 V, सोनी की अब तक की सबसे शानदार ब्रिज कैमरा सीरीज़ की वापसी है। इससे पहले, RX10 IV मॉडल नौ साल पहले आया था, और फिर उसे बंद कर दिया गया।
अब ये नया मॉडल ठीक नौ साल बाद आया है। इसमें वही कमाल का 24-600mm F2.4-4 लेंस लगा है और 20-मेगापिक्सल का 1-इंच स्टैक्ड सेंसर भी मौजूद है।
लेकिन इस बार सोनी ने इसके डिज़ाइन को एकदम फ्रेश लुक दिया है और इसमें अपना लेटेस्ट प्रोसेसर और ऑटोफोकस टेक्नोलॉजी डाली है।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आज की तारीख में ये बाज़ार में मौजूद सबसे बेस्ट ब्रिज कैमरा है। एक इन-डेप्थ रिव्यू में इस कैमरे को ‘रेकमेंडेड अवार्ड’ से नवाज़ा गया है।
इसे इस्तेमाल करने वाले फोटोग्राफर्स ने इससे शानदार सैम्पल फ़ोटो खींचे हैं। इसमें कीड़े-मकोड़ों के मैक्रो क्लोजअप से लेकर दूर बैठे पक्षियों की क्लियर तस्वीरें तक शामिल हैं।
इसकी वजह है इसका 0.49x मैक्सिमम मैग्निफिकेशन और 600mm का f/4 लेंस।
पुराने मॉडल से कितना अलग है नया RX10 V?
अगर इसकी तुलना पुराने Cyber-shot RX10 IV से करें, तो RX10 V कई मायनों में एक सॉलिड अपग्रेड है, खासकर उन एरिया में जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। हां, इसकी कीमत थोड़ी बढ़ी हुई है, जो कि एक्सपेक्टेड भी था।
यूएस में इसकी कीमत $2,400 है, यूके में £2,200 और ऑस्ट्रेलिया में AU$3,500 है। कुल मिलाकर, ये एक प्रीमियम पिक है, लेकिन इसके फीचर्स को देखते हुए इसकी कीमत सही लगती है।
इसकी जबरदस्त टेलीफ़ोटो परफॉरमेस को देखते हुए, मैंने सोचा कि क्यों न इसका मुक़ाबला एक और शानदार ऑप्शन से कराया जाए। आखिर इस कीमत पर सोनी के कुछ पुराने फुल-फ्रेम मिररलेस कैमरे भी मिल जाते हैं।
तो असली सवाल ये था: क्या RX10 V एक फुल-फ्रेम मिररलेस कैमरे और उसके टेलीफ़ोटो लेंस की चुनौती को झेल पाएगा?
कौन है RX10 V का असली मुक़ाबला?
इसकी टक्कर में मैंने लिया सोनी का सबसे लंबा लेंस, FE 400-800mm F6.3-8 OSS। अब ये लेंस उन लोगों के लिए एक बढ़िया विकल्प है जिनके पास पहले से ही कोई सोनी अल्फा कैमरा बॉडी है, जिस पर इसे लगाया जा सके।
मैंने इस लेंस को एक प्रो A7R V मिररलेस कैमरे पर लगाया। तो अब मैदान में थे दो धुरंधर: एक तरफ नया नवेला RX10 V, और दूसरी तरफ एक पावरफुल A7R V मिररलेस कैमरा साथ में 400-800mm का धांसू लेंस।
दोनों को लेकर मैं अपने लोकल नेचर रिज़र्व पहुंचा, जहां पक्षियों की फोटोग्राफी करने का प्लान था। वहां जाकर मैंने दोनों कैमरों को अलग-अलग सिचुएशन में टेस्ट किया।
ये देखने के लिए कि असल दुनिया में, खासकर पक्षी फोटोग्राफी के दौरान, इन दोनों सिस्टम्स में क्या फर्क आता है, और कौन किस पर भारी पड़ता है।
शूटिंग के दौरान क्या महसूस हुआ?
पहले बात करते हैं हैंडलिंग की। RX10 V एक कॉम्पैक्ट पैकेज है, जिसे कैरी करना और इस्तेमाल करना काफी आसान है।
एक ही बॉडी में 24-600mm का लेंस होने की वजह से आपको बार-बार लेंस बदलने की टेंशन नहीं होती। जबकि A7R V के साथ 400-800mm का लेंस काफी भारी और बड़ा था।
इसे एक ट्राईपॉड पर माउंट करना पड़ता है और इसे मैन्युअल तरीके से एडजस्ट करना थोड़ा मुश्किल होता है, खासकर जब आप तेज़-तर्रार पक्षियों को ट्रैक कर रहे हों।
ऑटोफोकस की बात करें तो, RX10 V में सोनी का लेटेस्ट AF सिस्टम है, जो तेज़ी से फोकस लॉक करता है। छोटे और तेज़ मूवमेंट्स वाले सब्जेक्ट्स पर भी ये अच्छा काम करता है।
वहीं, A7R V का ऑटोफोकस भी लाजवाब है, लेकिन 400-800mm लेंस के साथ, इसका फोकस थोड़ा धीमा लग सकता है, खासकर कम रोशनी की स्थिति में या जब पक्षी घनी झाड़ियों में छिपा हो। हालांकि, ओवरऑल एक प्रो सेटअप होने के नाते इसकी एक्यूरेसी बहुत जबरदस्त है।
इमेज क्वालिटी और परफॉरमेस में कौन आगे?
इमेज क्वालिटी की बात करें तो, RX10 V ने अपने 1-इंच सेंसर के बावजूद मुझे काफी सरप्राइज़ किया। दिन की अच्छी रोशनी में इसकी 600mm पर ली गई तस्वीरें काफी शार्प और डिटेल वाली थीं।
कलर रिप्रोडक्शन भी काफी नेचुरल था। लेकिन जब बात लो-लाइट परफॉरमेस की आती है, तो बड़े सेंसर वाले A7R V का पलड़ा भारी हो जाता है।
A7R V के साथ 400-800mm लेंस की तस्वीरें, खासकर ज़ूम रेंज के ऊपरी छोर पर, ज़बरदस्त डिटेल और क्रिस्पनेस देती हैं। नॉइस कंट्रोल भी इसमें बेहतर था, जो बड़े सेंसर का एक नेचुरल एडवांटेज है।
बर्स्ट शूटिंग (लगातार फ़ोटो खींचना) में भी दोनों कैमरे दमदार थे। RX10 V तेज़ गति से शॉट्स लेता है, जो उड़ते हुए पक्षियों को कैप्चर करने के लिए बेहतरीन है।
A7R V भी अपनी स्पीड के लिए जाना जाता है, और जब आप एक प्रो बॉडी और लेंस के साथ काम करते हैं, तो आपको हर शॉट में कॉन्फिडेंस मिलता है।
तो, आखिर क्या मिला इस तुलना से?
कुल मिलाकर, इस एक्सपीरियंस से मुझे ये समझ आया कि दोनों सिस्टम्स के अपने फायदे और नुकसान हैं। RX10 V उन लोगों के लिए एक कमाल का ऑप्शन है जो एक वर्सेटाइल, पोर्टेबल और हाई-परफॉरमेस कैमरा चाहते हैं, बिना ढेर सारे लेंस और भारी-भरकम इक्विपमेंट के झंझट के।
यह एक बेहतरीन ऑल-इन-वन सलूशन है जो मैक्रो से लेकर टेलीफ़ोटो तक, सब कुछ आसानी से हैंडल कर सकता है। इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा है, लेकिन एक ही पैकेज में इतना कुछ मिलना इसे एक आकर्षक डील बनाता है।
दूसरी ओर, अगर आप एक डेडिकेटेड बर्ड फोटोग्राफर हैं और आपको बेस्ट पॉसिबल इमेज क्वालिटी, लो-लाइट परफॉरमेस और प्रो-लेवल कंट्रोल चाहिए, तो A7R V जैसा मिररलेस कैमरा और 400-800mm जैसा सुपर टेलीफ़ोटो लेंस ही आपका असली साथी है। हां, इसके लिए आपको ज्यादा पैसा खर्च करना होगा, और इसे कैरी करना भी एक चैलेंज होगा।
लेकिन जब आप उन ज़बरदस्त शॉट्स को देखते हैं, तो सारी मेहनत वसूल हो जाती है। अंत में, ये आपकी ज़रूरत और बजट पर निर्भर करता है कि आप कौन सा 'सिस्टम' चुनते हैं।









































