बेंगलुरु: स्मार्ट रिंग्स का जमाना आ गया है, भैया! हाथ की उंगलियों में अंगूठी की तरह पहनने वाला ये छोटा सा गैजेट अब सिर्फ स्टाइल स्टेटमेंट नहीं, बल्कि आपकी सेहत का पूरा लेखा-जोखा रखने वाला पर्सनल हेल्थ गुरु बन गया है। मार्केट में एक से बढ़कर एक स्मार्ट रिंग्स दस्तक दे रही हैं, लेकिन इस रेस में अगर कोई धांसू प्लेयर है, तो वो है सैमसंग का गैलेक्सी रिंग। और अब, इस रिंग के चाहने वालों के लिए एक बड़ी खबर है - सैमसंग अपनी गैलेक्सी रिंग 2 पर काम कर रहा है! जी हाँ, आपने बिल्कुल सही सुना। कंपनी ने खुद इस बात की पुष्टि कर दी है।
आप सोच रहे होंगे कि इसमें इतनी बड़ी बात क्या है? अरे भैया, बात बड़ी इसलिए है क्योंकि स्मार्ट रिंग मार्केट अब पहले जैसा नहीं रहा। हर महीने कोई न कोई नया खिलाड़ी मैदान में उतर रहा है और मुकाबला तगड़ा होता जा रहा है।
ऐसे में सैमसंग गैलेक्सी रिंग 2 से उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। आखिर सैमसंग को क्या करना होगा ताकि उसकी अगली रिंग भी मार्केट की बादशाह बनी रहे?
सैमसंग गैलेक्सी रिंग 2 में सब्सक्रिप्शन क्यों नहीं होना चाहिए?
टेक जगत के अंदरखाने से मिली जानकारी के मुताबिक, सैमसंग के डिजिटल हेल्थ टीम के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड, डॉ. हॉन पाक ने हाल ही में फोर्ब्स को बताया कि कंपनी अपनी स्मार्ट रिंग की 'अगली पीढ़ी' पर काम कर रही है।
हालांकि, उन्होंने इसके फीचर्स को लेकर ज्यादा डिटेल्स नहीं बताईं, लेकिन इतना साफ कर दिया कि कुछ बड़ा पक रहा है।
अब अगर मार्केट की बात करें, तो ओरिजिनल सैमसंग गैलेक्सी रिंग अभी भी हमारी टॉप पिक बनी हुई है। लेकिन वहीं, हाल ही में लॉन्च हुई ओरा रिंग 5 (Oura Ring 5) इसकी तगड़ी कंपटीटर बनकर उभरी है।
ऐसे में, एक टेक रिव्यूअर, जिसने कई स्मार्ट रिंग्स को परखा है, उसकी कुछ खास उम्मीदें हैं। और इनमें सबसे पहली और बड़ी उम्मीद है कि सैमसंग गैलेक्सी रिंग 2 किसी भी तरह के मंथली सब्सक्रिप्शन मॉडल से दूर रहे।
आजकल का ट्रेंड देखें, तो कई फिटनेस ऐप्स और गैजेट्स मंथली फीस के साथ आते हैं। उदाहरण के लिए, ओरा रिंग 5 अपनी पूरी सर्विस और हेल्थ फीचर्स अनलॉक करने के लिए हर महीने करीब $5.99 या £5.99 का चार्ज लेती है।
ये सुनने में शायद कम लगे, लेकिन हर महीने ये खर्चा जेब पर भारी पड़ सकता है। सोचिए, एक बार आपने रिंग खरीदी, फिर उसके बाद भी हर महीने पैसे देने पड़ें, तो बात थोड़ी अटपटी लगती है न?
स्मार्ट रिंग्स अभी भी एक 'नीश' कैटेगरी में आती हैं, मतलब हर कोई इसे नहीं खरीद रहा। ऐसे में अगर सब्सक्रिप्शन का बोझ भी उन पर डाला जाए, तो नए ग्राहक जोड़ने में कंपनी को बहुत मुश्किल होगी।
जो लोग पहले से ही स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड यूज कर रहे हैं, उनके लिए स्मार्ट रिंग एक नई चीज है। अगर इस नई चीज में एंट्री फीस के अलावा मंथली फीस भी देनी पड़े, तो कई लोग इसे खरीदने से कतरा सकते हैं।
रिंगकॉन जैसी कंपनियाँ क्या कर रही हैं?
मार्केट में रिंगकॉन (Ringconn) जैसे कुछ ऐसे प्लेयर्स भी हैं, जिन्होंने सब्सक्रिप्शन-फ्री एक्सपीरियंस देकर अपनी अलग जगह बनाई है। रिंगकॉन भी कई बेहतरीन हेल्थ ट्रैकिंग फीचर्स ऑफर करती है, लेकिन उसके लिए आपको कोई मंथली फीस नहीं देनी पड़ती।
यही वजह है कि कई यूजर्स ऐसे प्रोडक्ट्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जो एक बार की खरीद के बाद कोई एक्स्ट्रा चार्ज न लें।
सैमसंग ने अपनी ओरिजिनल गैलेक्सी रिंग के साथ यही समझदारी दिखाई थी। उसने कोई सब्सक्रिप्शन चार्ज नहीं लगाया, और यही एक बड़ी वजह थी कि यह लोगों को खूब पसंद आई।
ग्राहकों को लगता है कि जब उन्होंने एक प्रोडक्ट के लिए मोटी रकम खर्च कर दी है, तो फिर उसे इस्तेमाल करने के लिए बार-बार पैसा क्यों देना पड़े। ये एक 'वन-टाइम इन्वेस्टमेंट' का मामला है।
अब सवाल ये उठता है कि क्या सैमसंग अपनी इस पॉलिसी को गैलेक्सी रिंग 2 के साथ भी जारी रखेगा? उम्मीद तो यही की जा रही है कि सैमसंग इस मामले में ग्राहकों को निराश नहीं करेगा। क्योंकि अगर उसने सब्सक्रिप्शन मॉडल को अपनाया, तो मार्केट में उसकी पोजीशन कमजोर पड़ सकती है।
पहले भी हमने देखा है कि कुछ कंपनियां शुरुआत में तो सब्सक्रिप्शन-फ्री प्रोडक्ट लॉन्च करती हैं, लेकिन बाद में कुछ खास फीचर्स के लिए पेवॉल लगा देती हैं। ये चीज ग्राहकों को बिल्कुल पसंद नहीं आती और इससे कंपनी की इमेज पर भी असर पड़ता है।
कुल मिलाकर, सैमसंग गैलेक्सी रिंग 2 से उम्मीदें काफी हैं। लेकिन सबसे बड़ा चैलेंज यही है कि कैसे सैमसंग बिना सब्सक्रिप्शन के ही एक शानदार एक्सपीरियंस दे पाए।
अगर सैमसंग ने इस एक पॉइंट पर ध्यान दिया, तो यकीन मानिए, गैलेक्सी रिंग 2 मार्केट में धूम मचा देगी और कॉम्पिटिशन को कड़ी टक्कर देगी। सबकी निगाहें इसी बात पर हैं कि सैमसंग अपनी इस अगली पीढ़ी की स्मार्ट रिंग में कौन से नए अपग्रेड्स लाता है और क्या वो सब्सक्रिप्शन के जाल से खुद को दूर रख पाता है।





































