दिल्ली: प्राइवेट नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी में एक बात तो कॉमन है – नौकरी बदलना। कभी बेहतर पैकेज के लिए, कभी करियर ग्रोथ के लिए, तो कभी सिर्फ नए माहौल के लिए। और हर बार नौकरी बदलने पर जो सबसे बड़ा सिरदर्द आता है, वो है पुराने प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) अकाउंट्स का हिसाब-किताब रखना। अक्सर लोग एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जाते हुए अपने पुराने पीएफ अकाउंट्स को ट्रांसफर कराना भूल जाते हैं, या फिर उन्हें लगता है कि छोड़ो, कौन इतनी माथापच्ची करे। ऐसे में कई पीएफ अकाउंट्स धूल फांकते रह जाते हैं, और उनमें जमा मेहनत की कमाई भी अक्सर लोगों को याद नहीं रहती।
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा! एम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन यानी ईपीएफओ ने अपने लाखों सदस्यों के लिए एक ऐसी सुविधा शुरू की है, जिसे जानकर हर नौकरीपेशा इंसान खुशी से झूम उठेगा। इस नई सुविधा का नाम है 'सर्विस हिस्ट्री फीचर' (EPFO 2.01)।
अब आप घर बैठे अपने पुराने से पुराने पीएफ अकाउंट का पूरा रिकॉर्ड, उसकी सर्विस हिस्ट्री, और फंड में कितनी रकम जमा है – सब कुछ एक जगह देख सकेंगे। है न कमाल की बात?
पुराने पीएफ अकाउंट का टेंशन अब खत्म, कैसे?
ईपीएफओ का ये नया 'सर्विस हिस्ट्री फीचर' उन सभी लोगों के लिए वरदान साबित होने वाला है, जो अपनी नौकरी के दौरान कई कंपनियों में काम कर चुके हैं। ये फीचर आपकी पूरी सर्विस हिस्ट्री और आपके प्रॉविडेंट फंड रिकॉर्ड्स को एक ही जगह समेटकर आपके सामने रख देगा।
सोचिए, एक क्लिक पर आपको पता चल जाए कि आपने कब, किस कंपनी में नौकरी शुरू की, कब छोड़ी, और हर जगह आपके पीएफ में कितना पैसा जमा हुआ। ये सच में बड़ी राहत है।
हालांकि, इस फीचर का फायदा उठाने के लिए एक छोटी सी शर्त है – आपका पीएफ अकाउंट आपके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक होना चाहिए। अब आप कहेंगे, इसमें नया क्या है? तो भैया, बात ये है कि यूएएन की शुरुआत साल 2014 में हुई थी।
इसका सीधा मतलब है कि आप 2014 से लेकर अब तक की अपनी सारी एम्प्लॉयमेंट हिस्ट्री और उससे जुड़े पीएफ रिकॉर्ड्स को इस फीचर के जरिए आराम से देख पाएंगे। यानी, 2014 के बाद जितने भी पीएफ अकाउंट्स आपके नाम से खुले हैं, सबकी जानकारी आपको एक ही पोर्टल पर मिल जाएगी।
आखिर ये UAN चीज़ क्या है और इसका रोल क्या है?
जो लोग यूएएन के बारे में नहीं जानते, उन्हें बता दें कि ये 12 डिजिट का एक यूनीक नंबर होता है। ईपीएफओ अपने हर सदस्य को एक खास यूएएन एलॉट करता है।
इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि आप जितनी बार भी नौकरी बदलें, आपका एम्प्लॉयर चाहे जितना भी बदले, आपका यूएएन कभी नहीं बदलता। ये नंबर आपके साथ हमेशा जुड़ा रहता है।
पहले क्या होता था? हर नई कंपनी में एक नया पीएफ अकाउंट खुल जाता था। लोग अक्सर उसे पुराने यूएएन से लिंक कराना या पुराने बैलेंस को नए अकाउंट में ट्रांसफर कराना भूल जाते थे।
नतीजा, कई सारे पीएफ अकाउंट्स अलग-अलग पड़े रहते थे, जिन्हें ट्रैक करना नामुमकिन जैसा हो जाता था। यूएएन ने इस दिक्कत को काफी हद तक कम किया है क्योंकि अब आपका एक ही नंबर आपके सारे पीएफ अकाउंट्स को एक सूत्र में पिरो देता है।
ईपीएफओ की सारी ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी ये यूएएन बहुत जरूरी है, जैसे पीएफ निकालना या अपना बैलेंस चेक करना वगैरह।
इस नए फीचर से पब्लिक को क्या फायदा होगा?
अब बात करते हैं कि इस 'सर्विस हिस्ट्री फीचर' से आम नौकरीपेशा लोगों को क्या-क्या फायदे होने वाले हैं। सबसे पहला और बड़ा फायदा तो ये है कि अब आपको अपने करियर में पुराने एम्प्लॉयर्स, आपने कब-कब नौकरी की और आपके पीएफ में कितना पैसा जमा हुआ, इन सबकी जानकारी एक जगह मिल जाएगी।
इससे सबसे ज्यादा आसानी होगी क्लेम फाइल करने में। जब भी आपको अपना पीएफ निकालना हो या पेंशन के लिए अप्लाई करना हो, तो आपको पुराने रिकॉर्ड्स ढूंढने के लिए कागज़ात खंगालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सारा डेटा ऑनलाइन मौजूद होगा। इससे क्लेम प्रोसेस बहुत फास्ट और स्मूद हो जाएगा।
इसके अलावा, आप अपनी संभावित पेंशन के बारे में भी आसानी से पता लगा पाएंगे। अक्सर लोग अपनी पेंशन को लेकर कंफ्यूज रहते हैं।
ये फीचर आपको अपनी सर्विस हिस्ट्री देखकर एक अंदाजा लगाने में मदद करेगा कि आपको कितनी पेंशन मिल सकती है। ये एक तरह से आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग को भी मजबूत करेगा, क्योंकि आपको अपनी पूरी जमापूंजी का एक साफ-सुथरा हिसाब मिल जाएगा।
EPFO ने पहले भी दिया है कर्मचारियों को ये खास तोहफा
ऐसा नहीं है कि ईपीएफओ ने पहली बार कोई ऐसी सुविधा दी है जो कर्मचारियों के लिए फायदेमंद हो। इससे पहले भी ईपीएफओ ने एक ऐसी शानदार सर्विस शुरू की थी, जिसमें नौकरी बदलने पर एम्प्लॉयी को अपना पीएफ अकाउंट खुद से नए एम्प्लॉयर के पास ट्रांसफर कराने की जरूरत ही नहीं पड़ती थी।
जी हां, आपने सही सुना! आपका पीएफ अकाउंट अपने आप नए एम्प्लॉयर के पास ट्रांसफर हो जाता था। ये ऑटो-ट्रांसफर सुविधा भी करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत थी, क्योंकि इससे पीएफ ट्रांसफर कराने का झंझट ही खत्म हो गया था।
'सर्विस हिस्ट्री फीचर' इसी कड़ी में एक और मजबूत कदम है, जो ईपीएफओ को और ज्यादा यूज़र-फ्रेंडली बनाता है।
ये खास सुविधा मिलेगी कहां?
अब आप सोच रहे होंगे कि इस कमाल के फीचर का इस्तेमाल कहां कर पाएंगे। तो बता दें, ये सुविधा ईपीएफओ के मेंबर पोर्टल पर उपलब्ध है।
आपको बस ईपीएफओ के ऑफिशियल पोर्टल पर जाना है, अपने यूएएन और पासवर्ड से लॉग इन करना है, और वहां आपको ये 'सर्विस हिस्ट्री फीचर' आसानी से मिल जाएगा।
जैसे ही आप इस फीचर पर क्लिक करेंगे, आपको अपने मौजूदा एम्प्लॉयर के साथ-साथ पहले के सभी एम्प्लॉयर्स की पूरी जानकारी दिखेगी। इसमें हर एम्प्लॉयर के साथ नौकरी शुरू करने की तारीख और नौकरी छोड़ने की तारीख भी साफ-साफ दर्ज होगी।
इसके अलावा, आप अपनी ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) और ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) की मेंबरशिप हिस्ट्री भी यहीं पर देख पाएंगे। कुल मिलाकर, ईपीएफओ ने नौकरीपेशा लोगों की बड़ी दिक्कत का एक सरल और शानदार समाधान दे दिया है।
तो देर किस बात की, आज ही अपना यूएएन एक्टिवेट करें और इस सुविधा का लाभ उठाएं!




































