पटना: शेयर बाजार की दुनिया में अच्छी खबरें कम ही मिलती हैं, लेकिन जब मिलती हैं तो निवेशकों की चांदी हो जाती है! प्रेशर कुकर और किचन के सामान बनाने वाली दिग्गज कंपनी हॉकिन्स कुकर्स लिमिटेड ने अपने शेयरधारकों के लिए ऐसी ही एक धमाकेदार खबर दी है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वो वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने शेयरधारकों को 140 रुपये प्रति शेयर का बंपर फाइनल डिविडेंड देने वाली है। ये डिविडेंड सिर्फ बड़ा ही नहीं, बल्कि हॉकिन्स के इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड अमाउंट है।
अब अगर आपके पास भी हॉकिन्स के शेयर हैं, तो कान खोलकर सुन लीजिए ये अहम तारीख। कंपनी ने इस डिविडेंड के लिए 22 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय की है।
इसका मतलब साफ है कि जो भी निवेशक 21 जुलाई को मार्केट बंद होने तक कंपनी के रजिस्टर ऑफ मेंबर्स या डिपॉजिटरी के रिकॉर्ड्स में लाभार्थी मालिक के तौर पर दर्ज होंगे, वही इस शानदार डिविडेंड के हकदार बन पाएंगे। हॉकिन्स के एक शेयर की फेस वैल्यू अभी 10 रुपये है।
इतनी बड़ी डिविडेंड की आखिर क्या कहानी है?
इस बड़े डिविडेंड का ऐलान यूं तो मई महीने में ही हो गया था, लेकिन इस पर आखिरी मुहर लगना अभी बाकी है। 29 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक (AGM) होगी, जहां शेयरधारक इस 140 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड को मंजूरी देंगे।
एक बार मंजूरी मिल गई, तो यह पैसा 28 अगस्त 2026 तक शेयरधारकों के बैंक खातों में पहुंच जाएगा।
बता दें कि हॉकिन्स कोई नया खिलाड़ी नहीं है, बल्कि डिविडेंड बांटने के मामले में इसका पुराना रिकॉर्ड है। कंपनी साल 2004 से लगातार अपने निवेशकों को मुनाफा बांट रही है।
पिछले वित्त वर्ष, यानी 2025 में भी कंपनी ने अपने शेयरधारकों को 130 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था, जो उस वक्त तक का सबसे बड़ा डिविडेंड था। इस बार कंपनी ने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़कर एक नया इतिहास रच दिया है।
हॉकिन्स कुकर क्या सिर्फ कुकर ही बनाता है?
अगर आप हॉकिन्स का नाम सुनते ही सिर्फ प्रेशर कुकर की तस्वीर दिमाग में लाते हैं, तो जरा ठहरिए! हॉकिन्स कुकर्स लिमिटेड, जिसका सफर 1959 में शुरू हुआ था, सिर्फ प्रेशर कुकर ही नहीं, बल्कि किचन के और भी कई प्रोडक्ट्स बनाता है। कंपनी का दावा है कि भारत के प्रेशर कुकर मार्केट में उसकी लीडरशिप पोजिशन है और ये सिर्फ कहने की बात नहीं, बल्कि 5 साल की गारंटी जैसे वादे भी कंपनी अपने प्रोडक्ट्स पर देती है।
आज हॉकिन्स के पोर्टफोलियो में सिर्फ प्रेशर कुकर ही नहीं, बल्कि फ्राइंग पैन, तवा, कड़ाही, हांडी, बोल्स जैसे बर्तन भी शामिल हैं। इसके अलावा, नॉन-स्टिक कुकवेयर, गैस चूल्हा, इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक केटल जैसे मॉर्डन किचन अप्लायंसेस भी कंपनी बना रही है।
हॉकिन्स सिर्फ देसी बाजार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि 1974 से अपने प्रोडक्ट विदेशों में भी एक्सपोर्ट कर रहा है। कंपनी के 2 ऑफिस और 4 फैक्ट्रीज़ हैं, जिनमें करीब 700 लोग काम करते हैं।
ये सब मिलकर ही हॉकिन्स को एक मजबूत ब्रांड बनाते हैं।
शेयर बाजार में हॉकिन्स का जलवा कैसा है?
अब बात करते हैं कंपनी की परफॉर्मेंस की। हॉकिन्स कुकर्स के शेयर की कीमत इस वक्त BSE पर 8849 रुपये के आसपास चल रही है।
कंपनी का मार्केट कैप 4600 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, और ये BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। मार्च 2026 के आखिर तक, कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 56.03 प्रतिशत थी, जो दिखाता है कि कंपनी के मालिक खुद भी इसमें काफी भरोसा रखते हैं।
पिछले एक महीने की बात करें तो हॉकिन्स के शेयर में करीब 15 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली है, जो निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है। कंपनी का 52-सप्ताह का एडजस्टेड हाई 9,900 रुपये रहा है, जबकि एडजस्टेड लो 7,025.85 रुपये है।
ये आंकड़े बताते हैं कि हॉकिन्स का शेयर बाजार में अपना एक खास रुतबा है।
कंपनी की तिजोरी में कितना दम है?
डिविडेंड देने की क्षमता किसी भी कंपनी की मजबूत वित्तीय सेहत पर निर्भर करती है। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में, हॉकिन्स का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 365.43 करोड़ रुपये रहा था, जबकि शुद्ध मुनाफा 39.77 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए, कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1,252.93 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 131.19 करोड़ रुपये रहा, जो कंपनी की अच्छी ग्रोथ स्टोरी को बयां करता है।
आगे क्या? कंपनी अपनी अप्रैल-जून 2026 तिमाही (यानी वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही) के नतीजे भी 29 जुलाई को जारी करने वाली है। जी हां, उसी दिन जिस दिन डिविडेंड पर शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।
तो, हॉकिन्स के शेयरधारकों के लिए जुलाई का महीना काफी एक्शन से भरा रहने वाला है।




































